चंडीगढ़ का मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल बना नंबर 1:दिल्ली के 4 स्कूल टॉप 10 में शामिल - एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 2026-27 जारी
एजुकेशन वर्ल्ड ने देशभर में किए गए सर्वे के बाद एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग (EWISR) 2026-27 जारी की है। इस सर्वे में 34 शहरों के तकरीबन 18,000 लोगों से बातचीत की गई। इस बातचीत में पेरेंट्स, टीचर, स्कॉलर्स और काउंसिलर को शामिल किया गया। इस सर्वे में 22 राज्यों के 4500 स्कूलों को इंफ्रा, स्टूडेंट्स डेवलपमेंट जैसे 15 पैमानों पर जांचा गया। एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 2026-27 को एजुकेशन वर्ल्ड ने AZ रिसर्च पार्टनर के साथ मिलकर तैयार किया है। इस साल रैंकिंग में करीब 4,500 स्कूलों को शामिल किया गया। इसमें 8,000 पेरेंट्स, टीचर, स्कॉलर्स व काउंसिलर्स की राय ली गई। चंडीगढ़ का ये सरकारी स्कूल नंबर 1 एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग (EWISR) 2026-27 में राज्य सरकार के स्कूलों की कैटेगरी में चंडीगढ़ के एक सरकारी स्कूल को पहली रैंक मिली है। यह चंडीगढ़ सेक्टर 16 D में बना गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल है। इससे पहले 2023–24 में भी इस स्कूल को पहली रैंक मिली थी। इस स्कूल ने ICT, स्मार्ट लर्निंग और NEP 2020 के अनुरूप पढ़ाई पर खास ध्यान दिया है। दिल्ली के इन 4 सरकारी स्कूलों का दबदबा एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग (EWISR) 2026-27 में राज्य सरकार के स्कूलों की कैटेगरी में दिल्ली के 4 सरकारी स्कूलों ने टॉप 10 में जगह बनाई है। यह सीएम श्री द्वारका सेक्टर 10, दिल्ली है। दिल्ली सरकार ने इस स्कूल में मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर और नई टीचिंग की प्रोसेस को NEP 2020 और नेशनल कुरिकुलम फ्रेमवर्क के अनुरूप जोड़ा है। इस रैंकिंग में स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ को-करीकुलर व स्पोर्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, टीचर्स की क्षमता, नेतृत्व और कम्युनिटी एंगेजमेंट को भी देखा गया। ------------------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें IIT बॉम्बे में एंटी सुसाइडल रूल्स लागू हुए:हर कमरे में ट्विन शेयरिंग; सीलिंग फैन हटाए, वाल माउंटेड पंखे लगना शुरू IIT बॉम्बे में स्टूडेंट साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में ट्विन-शेयरिंग मॉडल लागू करने और काउंसलिंग के घंटे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें
विमल इलायची ऐड मामले में शाहरुख-अजय-टाइगर ने जवाब दिया:कमिश्नर तुकाराम मुंढे बोले- गुमराह करने वाला प्रचार करने पर सेलिब्रिटी और इन्फ्लुएंसर्स पर कार्रवाई होगी
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने विमल इलायची के विज्ञापन मामले में बॉलीवुड एक्टर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के मुताबिक तीनों एक्टर्स ने नोटिस का जवाब दे दिया है और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही तुकाराम मुंढे ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और विज्ञापन करने वाले सभी सेलिब्रिटीज को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी एक्ट के तहत भ्रामक या सरोगेट विज्ञापन करने पर सिर्फ कंपनी ही नहीं, बल्कि प्रचार करने वाले इन्फ्लुएंसर्स और एक्टर्स पर भी कार्रवाई होगी। 'ब्रांड प्रमोट करने वाले इन्फ्लुएंसर्स को भी पूरी जानकारी होना जरूरी' महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मीडिया से बातचीत में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि कानून में इन्फ्लुएंसर्स और ब्रांड एंडोर्स करने वालों के लिए नियम पहले से तय हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSSAI) का सेक्शन 24 साफ कहता है कि अगर आप किसी प्रोडक्ट का प्रमोशन या एंडोर्समेंट कर रहे हैं, तो आपको उस प्रोडक्ट की पूरी जानकारी होनी चाहिए। प्रचार करने वाले व्यक्ति और इन्फ्लुएंसर की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वह प्रोडक्ट की प्रामाणिकता की जांच करे। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 'इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज कानून से ऊपर नहीं' कमिश्नर मुंढे ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि चाहे कोई बड़ा बॉलीवुड स्टार हो या फिर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कानून की नजर में वे केवल विज्ञापनदाता (एडवरटाइजर) हैं। जो लोग यह तर्क देते हैं कि सारी जिम्मेदारी केवल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी की है, वे पूरी तरह गलत हैं। नैतिक और कानूनी दोनों तरह से विज्ञापन करने वाले पर जिम्मेदारी तय होती है। एफएसएसएआई के 2018 के एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स रेगुलेशन के तहत गलत दावा करने, भ्रामक जानकारी देने या सरोगेट ऐड बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विमल इलायची के जरिए पान मसाला के सरोगेट ऐड का आरोप FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस भेजा था। एजेंसी का आरोप है कि विमल इलायची का विज्ञापन असल में विमल पान मसाला का सरोगेट प्रमोशन (परोक्ष विज्ञापन) है। महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला की बिक्री पर प्रतिबंध है। एक्टर्स को जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। खाद्य सुरक्षा कानून की धारा 53 के तहत भ्रामक विज्ञापन का हिस्सा बनने या उसे प्रकाशित करने पर 10 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। जवाब देने वाले एक्टर्स की होगी सुनवाई कमिश्नर ने बताया कि जिन एक्टर्स ने नोटिस का जवाब दिया है और सुनवाई की मांग की है, उनकी बात सुनी जा रही है। इससे पहले शुरुआत में एक एक्टर की तरफ से जवाब न मिलने पर एडजुडिकेशन और प्रॉसिक्यूशन की कार्रवाई शुरू की गई थी। हालांकि अब तीनों अभिनेताओं के जवाब आ चुके हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें विमल इलायची विज्ञापन विवाद में घिरे शाहरुख-अजय:पुराने बयान चर्चा में; शाहरुख बोले थे- मेरी कमाई मत रोको, अजय ने कहा- बनाना बंद कर दो नोटिस मिलने के बाद कलाकारों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के प्रमोशन को लेकर पुराने बयान फिर चर्चा में आ गए हैं। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें
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