गांधीनगर में एकता दिवस परेड की तैयारी कर रहे 14 जवान डेंगू पॉजिटिव
गांधीनगर, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के गांधीनगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के एकता दिवस परेड की तैयारी के लिए पहुंचे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विभिन्न राज्यों के करीब 6,000 जवानों में से 14 में डेंगू की पुष्टि हुई है। मामले सामने आने के बाद गांधीनगर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने सेक्टर-28 और 29 में विशेष निगरानी और रोकथाम अभियान शुरू किया है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर हर साल 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास भव्य एकता परेड आयोजित की जाती है। इस परेड में शामिल होने के लिए सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, इंडो-तिब्बटन बॉर्डर पुलिस के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और केरल सहित विभिन्न राज्यों के पुलिस एवं पैरामिलिट्री जवान गांधीनगर पहुंचे हैं। जवानों को सेक्टर-28 और 29 में करीब 1,000 अस्थायी क्वार्टर आवंटित किए गए हैं। यह सभी जवान दिन के समय गिफ्ट सिटी में परेड की तैयारी कर रहे हैं।
मनपा मलेरिया स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.दशरथ भालिया के मुताबिक, अब तक करीब 60 से 70 जवानों की डेंगू की जांच की गई है, जिनमें 14 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद गांधीनगर नगर निगम ने दोनों सेक्टरों में स्वास्थ्य विभाग की छह टीमें तैनात की हैं।
डेंगू के संक्रमण को रोकने के लिए तीन स्तरों पर रणनीति लागू की गई है। पहले चरण में संक्रमित जवानों का उपचार और स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है। दूसरे चरण में जवानों के लिए आवंटित करीब 1,000 क्वार्टरों में फॉगिंग कराई गई है। पूरे परिसर में आउटडोर फॉगिंग भी की गई है।
तीसरे चरण में सेक्टर-28 और 29 को केंद्र मानकर करीब 500 मीटर के दायरे में सर्विलांस अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ग्राउंड टीमें संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की पहचान कर सोर्स रिडक्शन करा रही हैं। जहां भी मच्छरों के प्रजनन की संभावना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
डॉ.दशरथ भालिया के मुताबिक, फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि जवानों में डेंगू का संक्रमण गांधीनगर में फैला या वे अपने-अपने राज्यों से संक्रमण लेकर यहां पहुंचे थे। चूंकि बड़ी संख्या में जवान गुजरात के बाहर के राज्यों से आए हैं, इसलिए उनके यात्रा और स्वास्थ्य इतिहास की भी जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग को कुछ ऐसे जवानों की जानकारी मिली है, जिनमें गांधीनगर पहुंचने के समय ही बुखार, बदन दर्द और अन्य लक्षण मौजूद थे। अधिकारियों का कहना है कि सर्विलांस और जांच पूरी होने के बाद ही संक्रमण के वास्तविक स्रोत का पता चल सकेगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का फोकस संक्रमित जवानों के उपचार के साथ-साथ अन्य जवानों में संक्रमण को फैलने से रोकने और संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों को खत्म करने पर है।
--आईएएनएस
ओपी/वीसी
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दिल्ली में 30 लाख की फर्जी लूट का खुलासा, कैश कलेक्शन कर्मचारी ने ही रची थी साजिश; साथी समेत गिरफ्तार
दिल्ली के पश्चिमी जिले में थाना मोती नगर पुलिस ने 30 लाख रुपये की फर्जी लूट का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, एक कैश कलेक्शन कर्मचारी ने अपने मालिक के 30 लाख रुपये हड़पने के लिए लूट की झूठी कहानी रची थी. मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता और उसके साथी को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से पूरी 30 लाख रुपये की नकदी, बैग और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 2 अक्टूबर को थाना मोती नगर में जखीरा फ्लाईओवर के पास लूट की PCR कॉल मिली थी. सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां शिकायतकर्ता परवीन मल्होत्रा ने बताया कि वह टिकरी कलां स्थित मदन लाल प्लास्टिक में कैश कलेक्शन का काम करता है.
शिकायतकर्ता के अनुसार, 1 अक्टूबर को उसने अपने मालिक के निर्देश पर तीन अलग-अलग जगहों से 30 लाख रुपये इकट्ठा किए थे. मोटरसाइकिल से लौटते समय काले रंग की बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया और कैश से भरा बैग छीन लिया. आरोप था कि बदमाशों ने उसके सीने पर ब्लेड से हमला भी किया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR नंबर 423/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की.
CCTV फुटेज और बयानों से खुली पोल
जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता की कहानी पर शक हुआ. पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता के सीने पर चोट के बावजूद उसकी शर्ट पर कट का कोई निशान नहीं था. घटनास्थल की CCTV फुटेज भी उसके बयान की पुष्टि नहीं कर रही थी. इसके अलावा, घटनाक्रम और उसके बयानों में विरोधाभास सामने आए.
लगातार पूछताछ में शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर फर्जी लूट की साजिश रचने की बात कबूल की. पुलिस के अनुसार, उसने 30 लाख रुपये से भरा बैग अपने साथी परवीन उर्फ प्रेम को केशव पुरम मेट्रो स्टेशन पर सौंप दिया था. इसके बाद उसने खुद को रेजर ब्लेड से घायल किया और अपना मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त कर पीरागढ़ी मेट्रो स्टेशन के पास फेंक दिया.
बहादुरगढ़ से बरामद हुए 30 लाख रुपये
पुलिस टीम ने आरोपी की निशानदेही पर हरियाणा के बहादुरगढ़ में उसके साथी के घर छापेमारी की. यहां से पूरी 30 लाख रुपये की नकदी और बैग बरामद कर लिया गया. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद की है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान परवीन मल्होत्रा (24), निवासी पश्चिम विहार, दिल्ली और मूल निवासी अलवर, राजस्थान, तथा परवीन उर्फ प्रेम (23), निवासी बहादुरगढ़, हरियाणा के रूप में हुई है.
पुलिस का आधिकारिक बयान
पश्चिमी जिले के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी, IPS के मुताबिक, थाना मोती नगर पुलिस ने फर्जी लूट की साजिश का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने पूरी नकदी, बैग और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है. मामले में आगे की जांच जारी है.
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