Baba Vanga 2026 Predictions: शेयर बाजार में उथल-पुथल का संकेत! बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से निवेशकों की बढ़ी चिंता
Baba Vanga 2026 Prediction: बुल्गारिया की मशहूर भविष्यवक्ता बाबा वेंगा ने 2026 के लिए कई चेतावनियां दी हैं. उनके अनुसार विश्व गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर सकता है. ऐसे समय में नकदी की कमी देखने को मिलेगी. लोग कागजी मुद्रा के बजाय सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करेंगे. ऐसे में चलिए जानते हैं इस बार बाबा वेंगा की कौन सी भविष्यवाणी चर्चा में है.
बाबा वेंगा की कई भविष्यवाणियां हुई सच
बाबा वेंगा के अनुसार, ऐसे समय में सोना, चांदी और तांबे जैसी धातुओं पर निवेश करेंगे. उनकी कई भविष्यवाणियां पूर्व में सच हो चुकी है, इसलिए साल 2026 के लिए कही गई बातें एक बार फिर से सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी है.
सोना बनी निवेशकों की पहली पसंद
बाबा वेंगा की भविष्यवाणी के अनुसार, संकट के समय सोना सबसे सुरक्षित निवेश माना जाएगा. वर्तमान में सोने की कीमत पहले ही मजबूत स्थिति में है. MCX पर सोना लगभग 1.69 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. यह 2025 की तुलना में लगभग 50% अधिक है.
केंद्रीय बैंक भी लगातार सोना खरीद रहे हैं. भारत में सालाना सोने की खरीद 100 टन से अधिक बताई जा रही है. मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि दिवाली 2026 तक सोने की कीमत 1.62 लाख से 1.82 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है. यह अनिश्चित समय में सोने की बढ़ती मांग को दर्शाता है.
चांदी की कीमत पर मजबूत रुझान
चांदी की कीमत भी मजबूत स्तर पर बनी हुई है. वर्तमान में यह लगभग 3.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही है. तांबे ने भी अब तक के उच्च स्तर को छू लिया है. MCX कॉपर फ्यूचर्स 1328 से 1335 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में हैं. शुद्ध तांबे की सिल्लियों की कीमत 1400 से 1690 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है. इलेक्ट्रिक गाड़ियां और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती मांग ने तांबे की कीमत को और बढ़ाया है.
निवेश में समझदारी जरूरी
बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां धातुओं की मांग को बढ़ा सकती हैं. लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर निवेश करना चाहिए. डॉलर पर वैश्विक अविश्वास, व्यापारिक तनाव और महंगाई जैसी चुनौतियां धातुओं को सहारा देती हैं.
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है संतुलन और विविधता बनाए रखना. सोना, चांदी और तांबा 2026 में सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकते हैं, लेकिन सोच-समझकर निवेश करने से ही लाभ मिलेगा.
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NCP का बड़ा दांव, सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री, पार्थ पवार को राज्यसभा में जगह!
Sunetra Pawar first woman Deputy Chief Minister Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पैदा हुए नेतृत्व संकट को भरने के लिए उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला लिया गया है.
हालांकि अभी इस पर सुनेत्रा पवार ने कोई बयान नहीं दिया है लेकिन दबी जुबान से पार्टी नेताओं ने ये ऐलान कर दिया है कि 31 जनवरी को शाम 5 बजे राज भवन में एक सादगीपूर्ण समारोह में सुनेत्रा पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी.यहां ये जानना जरूरी है कि सुनेत्रा पवार पहले से राज्यसभा सदस्य हैं. ऐसे में उन्हें डिप्टी सीएम पदभार संभालने से पहले ये पद छोड़ना होगा और एनसीपी विधायक दल अजित पवार के जाने के बाद उन्हें अपना नया नेता चुनेंगे.
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: NCP MLA Sana Malik leaves from the residence of late Deputy CM Ajit Pawar after meeting Sunetra Pawar. pic.twitter.com/8z0Ua1Sik3
— ANI (@ANI) January 31, 2026
शपथ के बाद सुनेत्रा को छह महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना होगा
इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में वह शपथ ग्रहण करेंगी. बताया जा रहा है कि वे अपने पति अजित पवार के कार्यकाल में उन्हें दिए गए महत्वपूर्ण विभागों राज्य उत्पाद शुल्क और खेल विभाग को ही संभालेंगी . वित्त विभाग अभी बजट सत्र तक मुख्यमंत्री के पास रहेगा. शपथ के बाद सुनेत्रा को छह महीने के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना होगा जिसके लिए बारामती सीट से उपचुनाव की संभावना जताई जा रही है.
सुनेत्रा पवार के नाम से पार्टी कैडर में उत्साह है
अब बात महाराष्ट्र या एनसीपी अजित गुट की राजनीति की करें तो पार्टी नेताओं का ये फैसला एनसीपी के अंदर एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसे पार्टी सूत्र 'मास्टरस्ट्रोक' बता रहे हैं. अजित पवार के जाने से पार्टी में जो खालीपन आया था उसे परिवार की ही एक मजबूत कड़ी से भरकर एनसीपी ने अपनी एकजुटता और महायुति गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत की है. सुनेत्रा पवार के नाम से पार्टी कैडर में उत्साह है और यह सुनिश्चित करता है कि पवार परिवार की विरासत और प्रभाव बरकरार रहे.
पार्थ को उनकी आक्रामक छवि के कारण ऊपरी सदन से दूर रखा गया था
वहीं, पार्टी सूत्रों की मानें तो सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद जो राज्यसभा सीट खाली होगी उस पर उनके बड़े बेटे पार्थ पवार को नामांकित किया जा सकता है. पार्थ का यह कदम उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में औपचारिक एंट्री देगा. इससे पहले पार्थ को उनकी आक्रामक छवि के कारण ऊपरी सदन से दूर रखा गया था लेकिन अब परिवार और पार्टी की रणनीति में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाने की वकालत कर चुके हैं वरिष्ठ नेता
एनसीपी के वरिष्ठ नेता जैसे नरहरि जिरवाल ने पहले ही सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाने की वकालत की थी. राजनीतिक जानकारों की मानें तो एनसीपी अजित गुट का यह कदम पार्टी के भीतर स्थिरता लाने के साथ-साथ संभावित गुटबाजी या विलय की चर्चाओं को भी प्रभावित कर सकता है. अब महाराष्ट्र की सियासत में 'सुनेत्रा युग' की शुरुआत मानी जा रही है, जो आने वाले दिनों में कई बदलाव ला सकती है.
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