Prem Keetanu Review: प्यार, दोस्ती और जिंदगी की छोटी-छोटी उलझनों की प्यारी कहानी, पढ़ें रिव्यू
निर्देशक: अपूर्व सिंह कार्की
कलाकार: वीर पहाड़िया, आफिया सैयद, अपारशक्ति खुराना, राकेश बेदी, निखिल विजय
अवधि: 2 घंटे 18 मिनट
रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐/5
Prem Keetanu Review: हर प्रेम कहानी में बड़े-बड़े इजहार, त्याग और ड्रामा जरूरी नहीं होते. कई बार प्यार बस किसी को देखकर मुस्कुराने, उसके सामने आते ही थोड़ा नर्वस होने और दोस्तों के साथ घंटों उसके बारे में बातें करने से शुरू होता है. 'Prem Keetanu' इसी मासूम और बेहद आम लगने वाले प्यार को पर्दे पर उतारती है.
अपूर्व सिंह कार्की के निर्देशन में बनी यह फिल्म पहली नजर में एक हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी लगती है, लेकिन कहानी आगे बढ़ने के साथ इसमें दोस्ती, परिवार, करियर और भविष्य को लेकर युवाओं की उलझनें भी शामिल हो जाती हैं. फिल्म की खूबसूरती यह है कि इन गंभीर मुद्दों को भी भारी-भरकम अंदाज में पेश नहीं किया गया है.
कहानी कैसी है?
फिल्म की कहानी विशाल के इर्द-गिर्द घूमती है. विशाल ऐसा युवा है जिसकी जिंदगी में कोई बहुत बड़ी प्लानिंग नजर नहीं आती. दोस्तों के साथ मस्ती, कॉलेज और आज में जीना ही उसकी दुनिया है. लेकिन उसकी जिंदगी में सुहानी की एंट्री होते ही चीजें बदलने लगती हैं.
सुहानी और विशाल एक-दूसरे से काफी अलग हैं. जहां विशाल जिंदगी को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता, वहीं सुहानी अपने भविष्य और फैसलों को लेकर ज्यादा स्पष्ट है. दोनों के बीच का यही अंतर धीरे-धीरे आकर्षण में बदलता है.
फिल्म की अच्छी बात यह है कि इनके रिश्ते को अचानक परफेक्ट लव स्टोरी नहीं बना दिया गया. यहां झिझक है, गलतफहमियां हैं, नोकझोंक है और एक-दूसरे को समझने की कोशिश भी है. यही चीज कहानी को ज्यादा रिलेटेबल बनाती है.
कहानी सिर्फ प्यार तक सीमित नहीं रहती. विशाल की जिंदगी में जब US Visa आता है, तो उसके सामने एक नई दुविधा खड़ी हो जाती है. करियर और प्यार के बीच संतुलन कैसे बनेगा? आगे की जिंदगी किस दिशा में जाएगी? इन सवालों के जरिए फिल्म एक आम युवा की उस परेशानी को सामने रखती है, जहां एक तरफ सपने होते हैं और दूसरी तरफ रिश्ते.
फिल्म में विशाल और उसके परिवार का रिश्ता भी काफी खूबसूरती से दिखाया गया है. खासकर पिता-पुत्र के बीच की बॉन्डिंग बहुत नैचुरल लगती है. यहां प्यार है, लेकिन उसे जताने का तरीका बहुत फिल्मी नहीं है. पिता का फोन पर बस इतना पूछना कि “क्या चाहिए?” सुनने में सामान्य लगता है, लेकिन उस एक लाइन के पीछे भारतीय पिता-पुत्र के रिश्ते की पूरी तस्वीर दिखाई देती है.
विशाल और उसके रूममेट की दोस्ती भी कहानी का मजेदार हिस्सा है. निखिल विजय के साथ उसके सीन फिल्म में लगातार हल्कापन बनाए रखते हैं. दोनों की बातचीत में दोस्ती वाली वह सहजता है जहां सलाह चाहे कितनी भी अजीब हो, दोस्त की बात फिर भी सुनी जाती है.
एक्टिंग कैसी है?
वीर पहाड़िया फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक हैं. विशाल के किरदार में उनका अभिनय काफी सहज है. उन्होंने किरदार को जरूरत से ज्यादा स्मार्ट, फनी या फिल्मी बनाने की कोशिश नहीं की है. विशाल की मासूमियत, उसकी गलतियां और प्यार में पड़ने के बाद उसका कन्फ्यूजन पर्दे पर स्वाभाविक लगता है.
खासकर जब विशाल अपनी जिंदगी और रिश्ते को लेकर गंभीर होने लगता है, तब वीर किरदार के इस बदलाव को अच्छी तरह पकड़ते हैं. उनके अभिनय में एक नैचुरल चार्म है, जो फिल्म के मूड के साथ अच्छी तरह फिट बैठता है.
आफिया सैयद का यह डेब्यू है और वह आत्मविश्वास के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराती हैं. सुहानी सिर्फ हीरो की प्रेमिका बनकर नहीं रह जाती. उसका अपना व्यक्तित्व, अपनी प्राथमिकताएं और अपने फैसले हैं. वीर और आफिया की केमिस्ट्री भी फिल्म की खूबसूरती बढ़ाती है. दोनों के बीच की थोड़ी-सी ऑक्वर्ड नेस और झिझक उनके रिश्ते को ज्यादा वास्तविक बनाती है.
अपारशक्ति खुराना रंजीत के किरदार में फिल्म में अपनी कॉमिक एनर्जी लेकर आते हैं. विशाल और रंजीत के बीच की टक्कर में एक बचपना और मजेदार प्रतिस्पर्धा है. खासकर सुहानी के पिता को प्रभावित करने वाले सीक्वेंस फिल्म के मनोरंजक हिस्सों में शामिल हैं.
राकेश बेदी भी सुहानी के पिता के किरदार में खूब जंचते हैं. उनके और अपारशक्ति के बीच की कॉमिक टाइमिंग फिल्म के हल्के-फुल्के माहौल को और बेहतर करती है.
निखिल विजय भी विशाल के दोस्त के रूप में अच्छा काम करते हैं और फिल्म को जरूरी कॉमिक रिलीफ देते हैं.
निर्देशन कैसा है?
अपूर्व सिंह कार्की का निर्देशन फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है. उन्होंने कहानी को जरूरत से ज्यादा ड्रामेटिक बनाने के बजाय उसे सहज रखा है. फिल्म में प्यार है, कॉमेडी है, परिवार है और करियर को लेकर उलझनें भी हैं, लेकिन सब कुछ एक ही टोन में नहीं चलता.
निर्देशक ने खासतौर पर रिश्तों को बहुत नैचुरल तरीके से ट्रीट किया है. पिता-पुत्र का रिश्ता हो या दोस्तों की बातचीत, फिल्म इन पलों को जबरदस्ती इमोशनल बनाने की कोशिश नहीं करती.
फिल्म की रफ्तार कुछ जगह थोड़ी धीमी जरूर महसूस होती है और कहानी को थोड़ा और चुस्त किया जा सकता था. लेकिन इसके बावजूद किरदारों की गर्माहट और कहानी की सहजता आपका ध्यान बनाए रखती है.
म्यूजिक
फिल्म का संगीत भी इसकी युवा और रोमांटिक फील को बनाए रखता है. “Kaho Toh”, “Tu Mera Raiyyo” और “Ishq Ka Ghulaam” जैसे गाने कहानी के साथ अच्छी तरह घुल-मिल जाते हैं. गाने कहानी को रोकने के बजाय किरदारों की भावनाओं और माहौल का हिस्सा लगते हैं.
फाइनल वर्डिक्ट
'प्रेम कीटाणु' कोई ऐसी फिल्म नहीं है जो प्यार की कोई नई परिभाषा देने का दावा करती हो. यह बस प्यार को उसकी सबसे साधारण और खूबसूरत शक्ल में दिखाती है.
यह फिल्म आपको बड़े-बड़े ड्रामे के बजाय छोटी-छोटी खुशियों, दोस्ती, परिवार, करियर और रिश्तों की उन उलझनों से जोड़ती है, जिनसे आज की युवा पीढ़ी कहीं न कहीं गुजर रही है.
वीर पहाड़िया का सहज अभिनय, आफिया सैयद का प्रॉमिसिंग डेब्यू, अपारशक्ति खुराना की कॉमिक एनर्जी और अपूर्व सिंह कार्की का नैचुरल निर्देशन फिल्म को खास बनाते हैं.
कहानी भले ही पूरी तरह नई न हो, लेकिन उसे जिस अपनापन और सहजता के साथ पेश किया गया है, वही इसकी असली खूबी है.
अगर आप ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो बिना ज्यादा शोर-शराबे के प्यार, दोस्ती और जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियों की बात करे, तो 'Prem Keetanu' आपको पसंद आ सकती है.
रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐/5
शतक से चूके तो क्या... रोहित शर्मा ने तोड़ा 22 साल पुराना सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड, किया बड़ा कारनामा
Rohit Sharma Century: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के साथ खेले जा रहे तीसरे वनडे मैच में रोहित शर्मा का बल्ला एक बार फिर जमकर बोल रहा है. हिटमैन रोहित सुपरहिट शर्मा ओपनिंग करने आए और उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की. हालांकि, वह शतक से चूक गए, लेकिन अपनी पारी में उन्होंने बड़ा कारनामा किया. उन्होंने सचिन तेंदुलकर का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. आइए आपको रोहित के इस खास रिकॉर्ड के बारे में बताते हैं.
रोहित शर्मा 92 रन बनाकर हुए आउट
Fastest to 1️⃣0️⃣K ODI runs as an opener ✅
— BCCI (@BCCI) October 3, 2026
6️⃣3️⃣rd ODI FIFTY ✅@ImRo45 is going strong with a crucial knock in New Chandigarh ????
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टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने मानो पिछले मैच में जहां छोड़ा था, वहीं से शुरुआत की. हिटमैन ने पिछले मैच में शतक लगाया था और वेस्टइंडीज के साथ खेले जा रहे तीसरे वनडे मैच में भी वह शतक की ओर तेजी से बढ़ रहे थे. मगर, इस बार वह सेंचुरी से 8 रन दूर रह गए और 92 रन बनाकर विकेट गंवा बैठे. रोहित ने 85 गेंदों पर 92 रन की पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के लगाए. उनका स्ट्राइक रेट 108.24 का रहा.
रोहित शर्मा ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का 22 साल पुराना रिकॉर्ड
Calm. Composed. Crucial ????
— BCCI (@BCCI) October 3, 2026
How good was that knock from the Hitman under pressure? ????
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शनिवार को न्यू चंडीगढ़ में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के दौरान, रोहित शर्मा ने ओपनर के तौर पर सबसे कम पारियों में 10,000 वनडे रन बनाने का सचिन तेंदुलकर का 22 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया. उन्होंने 10,000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 202 पारियां लीं, जो तेंदुलकर से 12 कम हैं. तेंदुलकर ने 2004 में ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह मुकाम हासिल किया था.
रोहित ओपनर के तौर पर 10,000 रन बनाने वाले चौथे ओपनर बन गए हैं. इस लिस्ट में उनके साथ तेंदुलकर, वेस्टइंडीज के क्रिस गेल और श्रीलंका के सनथ जयसूर्या भी शामिल हैं. उन्हें यह मुकाम हासिल करने के लिए दो रन की ज़रूरत थी और उन्होंने बड़ी आसानी से यह कर दिखाया; मैच की तीसरी गेंद पर जेडन सील्स की गेंद पर फ्लिक करके उन्होंने दो रन बनाए.
बताते चलें, इससे पहले वाले मैच में, रोहित तेंदुलकर और विराट कोहली के बाद वनडे में 12,000 रन बनाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने थे। उन्होंने 75 गेंदों में 101 रन बनाए थे, जिसमें दस चौके और छह छक्के शामिल थे.
रोहित शर्मा 16वीं बार 90s के स्कोर पर हुए आउट
ROHIT SHARMA HAS MISSED LOTS OF ODI HUNDREDS ???????? pic.twitter.com/0Nwnk9keCn
— Johns. (@CricCrazyJohns) October 3, 2026
भारतीय स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा एक कमाल के बल्लेबाज हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ वह 92 रन बनाकर आउट हुए. ये 16वां मौका रहा, जब रोहित 90s के स्कोर पर आउट हुए हैं. इतना ही नहीं, रोहित शर्मा इसके साथ ही अब भारत के लिए सबसे ज्यादा उम्र में 90s पर आउट होने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. वे आज यानी मैच के दिन 39 साल और 156 दिन के हो गए हैं.
इससे पहले साल 2011 में सचिन तेंदुलकर 38 साल और 212 दिन की उम्र में 90s पर आउट हुए थे. उनसे भी पहले ये रिकॉर्ड सुनील गावस्कर के नाम था. वे साल 1987 में 37 इस साल और 246 दिन की उम्र में 90s पर आउट हुए थे. रोहित शर्मा की पिछली पारी में 138(110), 32(35), 101(75) और 92(85) रन बनाए.
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