मानसून के समय शाम के समय कुछ चटपटा और कुरकुरा खाने को मिल जाएं, तो मजा ही आ जाता है। कई लोग बाजार से समोसा-पकौड़ी लेकर आ जाते हैं। आप भी रोजाना एक जैसी चीज खाकर बोर हो जाते हैं, ऐसे में आप भी कुछ नया बनाने के तलाश में जरुर रहते हैं। अब आपको ज्यादा टेंशन नहीं लेने का, बस घर में बनाएं अचारी पनीर-पापड़ रोल। आइए आपको इसकी रेसिपी जरुर बताते हैं।
साम्रगी
-पनीर- 200 ग्राम (छोटे क्यूब्स या कद्दूकस किया हुआ)
-उड़द या मूंग दाल के पापड़- 6-8
-आम/मिर्च का अचार- 2 बड़े चम्मच
-प्याज-1 (ऑप्शनल)
-हरी मिर्च-2
-हरा धनिया- 2 बड़े चम्मच
-चाट मसाला- ½ छोटा चम्मच
-लाल मिर्च पाउडर- ½ छोटा चम्मच
-नमक- स्वादानुसार
-तेल- 2 कप (तलने के लिए)
-मैदा- 1 चम्मच
अचारी पनीर पापड़ रोल बनाने की रेसिपी
- इसे बनाना काफी आसान है, सबसे पहले पनीर लें। इसके बाद इसे कद्दूकस कर लें। यदि आपके पास कम समय है, तो इसे क्यूब्स में काटकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
- अब आप पनीर को थाली में रखें। अब इसके ऊपर अचार का मसाला, कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, चाट मसाला, लाल मिर्च पाउडर, हरा धनिया और हल्का सा नमक मिलाएं। फिर आप इन सभी चीजों को हाथ से जरुर मिलाएं। इस बात का ध्यान रखें कि मसाले की कोटिंग पनीर पर अच्छे से हो जाए।
- एक प्लेट या पैन में थोड़ा सा पानी लें। जिसमें उड़द या मूंग दाल के पापड़ को एक-एक करके चार-पांच सेकंड के लिए डुबो दें।
- इसके बाद भीगे हुए पापड़ को निकालें और साफ सूती कपड़े से धीरे-धीरे थपथपाते हुए सुखाएं। जिसके बाद पापड़ के एक किनारे पर 1 क्यूब या फिर 2 चम्मच पनीर की स्टफिंग रखकर किनारों को अंदर की तरफ मोड़ते हुए रोल बना दें।
- अब आप रोल के आखिरी मोड़ पर मैदे का हल्का-सा घोल लगाकर बंद कर दें। ऐसा करने से मसाला बाहर नहीं निकलेगा। इस प्रोसेस के बाद कड़ाही में तेल डालकर गर्म होने के लिए गैस पर रख दें। फिर तैयार पापड़ रोल्स को धीरे से गर्म तेल में डालें। आप चाहें, तो इसे शैलो फ्राई भी कर सकती है।
- गैस की फ्लेम को धीमी करके इन्हें सुनहरा और कुरकुरा होने तक फ्राई कर लें। फिर इसे बाहर निकालकर हरी पुदीने की चटनी, केचप के साथ सर्व करें।
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जबसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI) तब से तकनीकी दुनिया में काफी परिवर्तन हो चुका है। आज के दौर में टीनएजर्स अपनी भावनाएं इंसानों से ज्यादा एआई को शेयर कर रहे हैं। इसी मद्देनजर मेटा ने इंस्टाग्राम पर एक सेफ्टी फीचर जोड़ा है।
असल में अब कोई भी टीनेजर इंस्टाग्राम के पैरेंटल सुपरविजन वाले अकाउंट के जरिए मेटा एआई से चैट करते समय डिप्रेशन, आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने संबंधित बातों पर बात करेगा, तो सिस्टम बिना देर किए उसके माता-पिता को अलर्ट भेजेगा।
इसके साथ ही, मेटा पैरेंट्स को मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की तरफ से तैयार किया गया एक मार्गदर्शन भी देगा, जिससे वे समझ सकें कि इस कठिन परिस्थिति में अपने बच्चे से किस प्रकार से बात करनी है या फिर उसे ऑफलाइन सपोर्ट कैसे मिलेगा।
किन देशों में शुरू हुई यह सुविधा?
-फिलहाल मेटा ने इस फीचर को यूनाइटेड स्टेट्स, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में उन यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया है, जो इंस्टाग्राम के पैरेंटल सुपरविजन टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- मेटा ने यह भी बताया है कि 2026 में आखिर में इस सुविधा को दुनियाभर में उपलब्ध कराया जाएगा। मेटा ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में बताया है कि कंपनी चाहती है कि टीनएजर्स को एआई के साथ उनकी उम्र के अनुसार सुरक्षित एक्सपीरियंस मिले।
- इतना ही नहीं, एआई को लगे कि कोई किशोर मानसिक संकट से जूझ रहा है, तो उसका उद्देश्य सिर्फ बातचीत करना नहीं, बल्कि ऑफलाइन सपोर्ट भी करेगा।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
मेटा एआई पहले से ही ऐसी परिस्थितियों में, जहां बातचीत में आत्महत्या या स्वयं को नुकसान पहुंचाने जैसे संकेत दिखाई देते हैं, उपयोगकर्ताओं को किसी विश्वसनीय व्यक्ति, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या आपातकालीन सहायता हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह देता है। नए अपडेट के तहत, यदि एआई को यह आभास होता है कि पैरेंटल सुपरविजन के अंतर्गत आने वाला कोई टीनएजर्स संभावित जोखिम में है, तो प्रणाली स्वचालित रूप से उसके अभिभावकों को सूचना भेजकर उन्हें सतर्क करेगी।
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स की मदद से हुआ है तैयार
- मेटा के अनुसार, इस डिटेक्शन सिस्टम को मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स की मदद से तैयार किया गया है, जो कि सिर्फ सीधे शब्द नहीं, बल्कि मानसकि तनाव के छोटे-छोटे संकेतों को भी पहचान सके।
- इस बीच, कंपनी ने यह स्पष्ट कर दिया हैकि एआई की तरफ से फ्लैग की गई हर बातचीत का पहले मैनुअल रिव्यू किया जाएगा। इसके बाद पुष्टि होने पर ही पैरेंट्स को अलर्ट दिया जाएगा। यदि किसी स्थिति में संदेह होगा, तो कंपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पैरेट्स को सूचित करेगा।
Emergency Alert फीचर पर भी काम
- इतना ही नहीं मेटा एक और नई सुविधा विकसित कर रहा है, जिसमें यदि किसी यूजर में तुरंत सुसाइड जैसे शब्द को सर्च किया, तो संकेत मिलते ही, इमरजेंसी सर्विस को भी अलर्ट दिया जाएगा।
- लेकिन कंपनी का कहना है कि फेसबुक और इंस्टा जैसे एप्स पहले से भी गंभीर सुसाइड रिस्क वाले पोस्ट पर इमरजेंसी रिस्पोंडर्स को सूचना भेजता है। पिछले साल मेटा ने दुनियाभर में 19 हजार से अधिक रेफलर किए थे।
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