उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने फ्रांसीसी परिवहन मंत्री से मुलाकात की, हवाई कनेक्टिविटी के द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा
नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने फ्रांस के परिवहन मंत्री फिलिप टाबारोट के नेतृत्व में आए फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
यह बैठक फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत की आगामी राजकीय यात्रा से ठीक पहले हुई है। मंत्री राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस मुलाकात की जानकारी साझा की और इसे सम्मान की बात बताया।
राम मोहन नायडू ने लिखा, फ्रांस के राष्ट्रपति की राजकीय यात्रा से पहले, परिवहन मंत्री फिलिप टाबारोट के नेतृत्व में फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हमने भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
नायडू ने लिखा, मैंने शहरीकरण की चुनौतियों और कनेक्टिविटी की तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एसएएफ (सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल) और उन्नत एयर मोबिलिटी जैसी भविष्य की तकनीकों के लिए द्विपक्षीय सहयोग पर विशेष रूप से जोर दिया।
उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए आगे लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत एक मजबूत वैश्विक विमानन शक्ति बनने की आकांक्षा रखता है, इसलिए फ्रांस के साथ हमारी साझेदारी का एक प्रमुख स्तंभ एक मजबूत विमानन कौशल और प्रशिक्षण इकोसिस्टम का विकास होगा।
यह मुलाकात भारत-फ्रांस के बीच विमानन क्षेत्र में बढ़ते सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी दशकों पुरानी है, जिसमें राफेल लड़ाकू विमान, सिविल एविएशन और स्पेस तकनीक शामिल हैं।
हाल के वर्षों में भारत की नागरिक उड्डयन बाजार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गई है। 2026 में विंग्स इंडिया इवेंट में फ्रांस सहित 20 देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए, जहां हवाई कनेक्टिविटी, सस्टेनेबिलिटी और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) पर चर्चा हुई।
मंत्री ने विशेष जोर दिया कि सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) और एडवांस्ड एयर मोबिलिटी (जैसे ई-वीटीओएल और ड्रोन-आधारित शहरी हवाई परिवहन) पर सहयोग से शहरीकरण की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। एसएएफ जीवाश्म ईंधन का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है, जो विमानन उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
--आईएएनएस
एससीएच
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आगामी ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ को मिली वैश्विक स्तर पर जबरदस्त प्रतिक्रिया: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बताया कि अगले महीने होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को दुनिया भर से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है और यह अब तक का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन बनने जा रहा है।
वैष्णव ने कहा कि अग्रणी आईटी कंपनियों ने 200 से अधिक विशिष्ट क्षेत्र-आधारित एआई मॉडल विकसित किए हैं, जिन्हें एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान लॉन्च किया जाना प्रस्तावित है।
उन्होंने आगे कहा कि एआई अवसंरचना में लगभग 70 अरब डॉलर का निवेश पहले से ही हो रहा है, जिसके शिखर सम्मेलन के समापन तक दोगुना होने की संभावना है। एआई अवसंरचना और उद्योग-मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम को 500 विश्वविद्यालयों तक विस्तारित करके एआई प्रतिभा विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र के लिए एक मजबूत प्रतिभा आपूर्ति श्रृंखला तैयार होगी।
मंत्री ने एआई वैल्यू चेन (मॉडल, एप्लिकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित) में कार्यरत उद्योगपतियों, डेवलपर्स और इनोवेटर्स के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा कि ये मुलाकातें भारत के एआई इकोसिस्टम की व्यवस्थित प्रगति और तैनाती-आधारित समाधानों पर मजबूत फोकस को दर्शाती हैं।
भारत 16-20 फरवरी, 2026 को भारत मंडपम में ग्लोबल साउथ में पहली बार आयोजित होने वाले वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है।
सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लोकतंत्रीकरण को बढ़ावा देना है, ताकि इसके लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाले पहले वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन के रूप में, यह शिखर सम्मेलन एआई शासन और मानकों के प्रति दृष्टिकोण को संरेखित करने पर जोर देता है, जिसका उद्देश्य वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों में एआई की सुरक्षित और जिम्मेदार तैनाती पर एक साझा वैश्विक समझ को बढ़ावा देना है।
शिखर सम्मेलन सप्ताह के दौरान भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन में लगभग 500 से अधिक चुनिंदा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नेतृत्व स्तर के समानांतर संवाद, प्रदर्शनियां और परिणामोन्मुखी सत्र शामिल होंगे।
एआई इम्पैक्ट एक्सपो में 840 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे, जिनमें कंट्री पवेलियन, मंत्रालय, राज्य सरकारें, उद्योग, स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान शामिल हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
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