NindakNiyre: हमे 30 जनवरी को ही शहीद दिवस क्यों मनाना है?
बरुण सखाजी श्रीवास्तव अंग्रेजों से भारत की आजादी के लिए 90 वर्षों तक चला दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन कालखंड था। अंग्रेजों की अत्याचारयुक्त धूर्त नीतियों से निपटने के लिए इन वर्षों में 13 हजार 500 लोगों के प्रामाणिक और करीब एक लाख लोगों के अप्रमाणिक योगदान के दस्तावेज प्राप्त होते हैं। अर्थात देश के […]रुपये ने 92.02 प्रति डॉलर के निचला स्तर छुआ, बाद में मामूली बढ़त के साथ हुआ बंद
रुपये ने 92.02 प्रति डॉलर के निचला स्तर छुआ, बाद में मामूली बढ़त के साथ हुआ बंद
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