INVESTIGATION: दुबई में किसकी और कैसे हुई मौत...
वो सपने पूरे करने के लिए दुबई पहुंचती है लेकिन कुछ ही महीनों बाद उसकी मौत हो जाती है.
NSE को SEBI से IPO के लिए मंजूरी मिली:अब DRHP तैयार करेगी कंपनी, 8-9 महीने में हो सकती है लिस्टिंग
देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को लंबे इंतजार के बाद बड़ा रेगुलेटरी क्लियरेंस मिल गया है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने NSE को अपना IPO फाइल करने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक सेबी के मार्केट रेगुलेशन डिपार्टमेंट ने यह मंजूरी दी है। अब NSE आधिकारिक तौर पर मर्चेंट बैंकर और लॉ फर्म्स के साथ मिलकर अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार कर सकेगी। अनुमान है कि NOC मिलने के बाद 8-9 महीने में NSE का IPO लॉन्च हो सकता है। लंबे समय से अटका था IPO NSE ने पहली बार 2016 में IPO के लिए DRHP फाइल किया था, लेकिन रेगुलेटरी और लीगल मुद्दों की वजह से वापस लेना पड़ा था। उसके बाद से को-लोकेशन और डार्क फाइबर जैसे मामलों में जांच चल रही थी, जिसने IPO को रोक रखा था। NSE ने जून 2025 में सेबी के सामने सेटलमेंट एप्लीकेशन दाखिल की थी और करीब 1,400 करोड़ रुपए सेटलमेंट अमाउंट देने को तैयार हो गई है। नवंबर 2025 की फाइनेंशियल रिपोर्ट में NSE ने 1,297 करोड़ रुपए का प्रोविजन किया था, साथ ही पहले से 100 करोड़ रुपए जमा थे। सेटलमेंट जल्द पूरा होने की उम्मीद सेबी के कई डिपार्टमेंट्स ने सेटलमेंट पर इन-प्रिंसिपल सहमति दे दी है। अब यह मामला हाई पावर्ड एडवाइजरी कमिटी (HPAC) के पास जाएगा और फिर सेबी के दो व्होल टाइम मेंबर्स के पैनल से फाइनल अप्रूवल मिलेगा। अप्रूवल के बाद सुप्रीम कोर्ट से केस वापस लिया जा सकता है। लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि SAT में NSE जीत चुकी थी और सुप्रीम कोर्ट में भी SEBI को राहत नहीं मिली थी, लेकिन शेयरहोल्डर्स के दबाव में NSE ने सेटलमेंट चुना ताकि मामला बंद हो। IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा NSE का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, यानी एक्सचेंज को कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे। NSE के शेयरों की मौजूदा वैल्यूएशन से मार्केट कैप करीब 5 लाख करोड़ रुपए अनुमानित है। यह भारत की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन सकती है। NSE चेयरपर्सन का बयान NSE के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेटी ने कहा, ‘SEBI से IPO अप्रूवल मिलना हमारी ग्रोथ जर्नी में महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। यह सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन की नई शुरुआत है और भारतीय इकॉनमी में NSE की भूमिका को मजबूत करता है।’ आगे क्या होगा ये खबर भी पढ़ें… पेटीएम का मुनाफा तीसरी तिमाही में ₹225 करोड़ रहा: कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़ा, अच्छे रिजल्ट के बाद भी शेयर 3% गिरा पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर बढ़कर 225 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 208 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…
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