35 हजार गौपालकों का सम्मेलन आज, ‘गौपालक दीदियों’ का सम्मान करेंगे अमित शाह, कामधेनु योजना के देंगे स्वीकृति पत्र, बड़े डेयरी प्रोजेक्ट्स की भी होगी शुरुआत
भोपाल। मध्य प्रदेश में आज गौपालकों और डेयरी से जुड़े लोगों के लिए बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में 35 हजार से ज्यादा गौपालक जुटेंगे। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होने वाले इस सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसी मंच से गौपालकों और दुग्ध उत्पादकों को योजनाओं का लाभ देने के साथ प्रदेश में डेयरी से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत भी होगी।
सम्मेलन में पशुपालन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली ‘गौपालक दीदियों’ को अमित शाह सम्मानित करेंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी दिए जाएंगे। वहीं भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को बोनस राशि मिलेगी।
उज्जैन में नए डेयरी प्लांट की रखी जाएगी नींव
सम्मेलन के साथ प्रदेश के तीन शहरों में डेयरी से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी आगे बढ़ेंगे। अमित शाह उज्जैन में बनने वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन करेंगे। इस प्लांट में 3 लाख लीटर दूध प्रोसेस किया जा सकेगा।
भोपाल में तैयार 40 हजार लीटर उत्पादन वाले फर्मेंटेड डेयरी प्रोडक्ट प्लांट की शुरुआत होगी। इसके साथ मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन में बनाई गई नई डेयरी टेस्टिंग लैब भी शुरू होगी। सहकारी क्षेत्र में यह प्रदेश की पहली राज्य स्तरीय आधुनिक डेयरी टेस्टिंग लैब है। इसी कार्यक्रम से शिवपुरी में बने मिनी डेयरी प्लांट का भी शुभारंभ होगा।
गौशालाओं के खाते में भी पहुंचेगी राशि
सम्मेलन के दौरान प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को जुलाई और अगस्त 2026 की राशि भी दी जाएगी। पैसा DBT के जरिए सीधे गौशालाओं तक पहुंचेगा। यह राशि वहां रखे गए गोवंश के भोजन और देखभाल के लिए दी जाती है।
इस तरह भोपाल के गौपालक सम्मेलन में एक तरफ गौपालक दीदियों का सम्मान, कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र और दुग्ध उत्पादकों को बोनस मिलेगा, तो दूसरी तरफ उज्जैन, भोपाल और शिवपुरी में डेयरी से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत होगी।
उत्तराखंड में एक लाख युवाओं को ‘Young Eco-preneur’ बनाने की तैयारी, नेचर गाइड से ड्रोन पायलट तक रोजगार से जुड़ेंगे युवा
देहरादून। उत्तराखंड में प्रकृति और वन्यजीव पर्यटन अब युवाओं के लिए रोजगार का भी बड़ा जरिया बनेगा। राज्य सरकार एक लाख युवाओं को ‘CM Young Eco-preneur’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी, इको-टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन से जुड़े कामों से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के FRI कैंपस में वन्यजीव सप्ताह-2026 की शुरुआत करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जंगलों और वन्यजीवों के आसपास रोजगार के ऐसे अवसर तैयार किए जाएं, जिनसे स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़े और वे प्रकृति के संरक्षण में भी भागीदार बनें।
स्नो लेपर्ड टूरिज्म से भी युवाओं को रोजगार
सीएम धामी ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्नो लेपर्ड टूरिज्म को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके जरिए हिम तेंदुए के संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर रहेगा।
सरकार इको-टूरिज्म और होमस्टे जैसी गतिविधियों को भी स्थानीय रोजगार से जोड़ने पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से हर जिले में कम से कम एक नया पर्यटन स्थल तलाशने और वहां प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित करने को कहा।
वन्यजीव बचाने वाले 18 लोगों को मिलेंगे ₹51-51 हजार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संघर्ष के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने वाले 18 लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने इन सभी को 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।
सीएम ने बताया कि वन्यजीव हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर मिलने वाली राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। वन्यजीव हमले में घायल लोगों के इलाज का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों के पुनर्स्थापन की परियोजना का दूसरा चरण भी शुरू होने जा रहा है। वहीं कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन की दिशा में भी फैसला लिया गया है।
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