गुवाहाटी के नाइटक्लब में महिला से बदसलूकी, कपड़े उतारकर पीटा:बाउंसरों पर आरोप, वीडियो में दो महिलाएं लात मारती दिखीं; मैनेजर हिरासत में
असम के गुवाहाटी के खानापारा इलाके के एक नाइटक्लब में गुरुवार देर रात महिला से मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया। आरोप है कि बाउंसरों ने महिला को कपड़े उतारकर पीटा। मामला द लोकल्स कैफे एंड लाउंज का है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें महिला पार्किंग एरिया में फर्श पर बिना कपड़ों के दिखाई देती है। दो महिलाएं उसे लात मारती नजर आती हैं, जबकि कई पुरुष आसपास खड़े हैं। पुलिस ने क्लब मैनेजर को हिरासत में लिया है। क्लब में विवाद के बाद महिला को नीचे लाए बाउंसर्स इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि महिला अपने कुछ दोस्तों के साथ क्लब पहुंची थी। क्लब के अंदर उसने एक बाउंसर को बीयर की बोतल से मारा था। इसके बाद दूसरे बाउंसर उसे पकड़कर चौथी मंजिल से नीचे पार्किंग एरिया में ले आए। हालांकि, विवाद की शुरुआत क्यों और कैसे हुई, इसका पता नहीं चल सका है। गार्ड के मुताबिक, पार्किंग में लाने के बाद बाउंसरों ने महिला के साथ मारपीट की। उसके शरीर के ऊपर के कपड़े भी उतार दिए। एक शख्स महिला को गोद में उठाते दिखा वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो भी बनाया। वीडियो में महिला फर्श पर पड़ी दिखाई देती है। उसके ऊपरी शरीर पर कपड़े नहीं थे, जबकि नीचे काली पैंट पहनी हुई थी। दो महिलाएं उसे लात मारती नजर आती हैं। एक अन्य वीडियो में एक पुरुष महिला को गोद में उठाने की कोशिश करता दिखाई देता है। इसके बाद एक कार सामने आ जाती है, जिससे कुछ देर के लिए कैमरे का दृश्य छिप जाता है। इसके बाद महिला वहां दिखाई नहीं देती, जबकि कुछ पुरुष आपस में बातचीत करते नजर आते हैं। मैनेजर हिरासत में, महिला की पहचान नहीं ईस्ट गुवाहाटी के डीसीपी तबु राम पेगू के मुताबिक, पुलिस ने क्लब मैनेजर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पीड़ित महिला की पहचान अभी नहीं हो पाई है। डीसीपी ने कहा कि महिला की शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस खुद मामले में केस दर्ज कर सकती है। घटना के बाद क्लब बंद मिला घटना की जानकारी सामने आने के बाद मीडियाकर्मी क्लब पहुंचे तो वह बंद मिला। अंदर की लाइटें भी बंद थीं। क्लब मैनेजमेंट की ओर से मामले पर कोई बयान सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… बिहार में दोस्त के साथ जा रही छात्रा से बदसलूकी, बदमाशों ने अश्लील हरकतें की…सड़क पर घसीटा बिहार के जमुई में 10वीं की छात्रा के साथ सड़क पर बदसलूकी की गई। छात्रा कोचिंग के बाद अपने क्लासमेट के साथ स्कूटी से मड़वा पहाड़ घूमने गई थी। लौटते समय कुछ लड़कों ने दोनों को सड़क पर रोक लिया और उनके साथ बदसलूकी की। पूरी खबर पढ़ें…
IIT एडमिशन में बॉम्बे टॉपर्स की पहली पसंद:टॉप-500 में 183 ने लिया एडमिशन; कोर्सेज में कंप्यूटर साइंस सबसे ज्यादा पसंद, एयरोस्पेस किसी ने नहीं चुनी
IIT-JEE 2026 में भी IIT बॉम्बे टॉपर्स की पहली पसंद रहा। टॉप-100 में 68 और टॉप-500 तक रैंक पाने वाले 183 छात्रों ने IIT बॉम्बे में दाखिला लिया। यह जानकारी IIT-JEE 2026 की ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई है। इस बार JEE एडवांस का आयोजन IIT रुड़की ने किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 23 IIT में पुराने 7 संस्थानों पर छात्रों का भरोसा कायम है। JEE एडवांस में टॉप-5000 रैंक वालों में से 2,460 छात्रों ने इन्हीं संस्थानों में दाखिला लिया। वहीं, टॉप-500 में से किसी छात्र ने इंदौर, मंडी, भुवनेश्वर, जोधपुर, गांधीनगर, पटना, धनबाद, रोपड़ और वाराणसी समेत 15 IIT में एडमिशन नहीं लिया। कंप्यूटर साइंस पहली पसंद, IIT बॉम्बे में 142 ने यही चुनी कोर्स की बात करें तो टॉपर्स की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) रही। टॉप-500 में से 365 यानी 73% छात्रों ने अलग-अलग IIT में CSE चुनी। इनमें सबसे ज्यादा 142 छात्रों ने IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस ली। इसके मुकाबले सिविल इंजीनियरिंग में टॉप-500 में से सिर्फ 2 यानी 0.4% छात्रों ने दाखिला लिया। टॉप-500 में एयरोस्पेस किसी ने नहीं चुनी टॉप-500 में किसी भी छात्र ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग नहीं चुनी। वहीं, AI एंड डेटा एनालिटिक्स में 17 और सिविल इंजीनियरिंग में सिर्फ 2 छात्रों ने दाखिला लिया। रैंक-1 शुभम कुमार ने चुना IIT दिल्ली रैंक-1 हासिल करने वाले शुभम कुमार समेत टॉप-10 में शामिल 5 छात्रों ने IIT दिल्ली में दाखिला लिया। लड़कियों में टॉप रहीं आरोही देशपांडे ने भी IIT दिल्ली चुना। उनकी रैंक 77 थी। वहीं, मद्रास जोन में दाखिला लेने वाली लड़कियों की संख्या सबसे ज्यादा रही। यहां 4,796 में से 1,260 सीटें लड़कियों को मिलीं। एक्सपर्ट बोले- छात्र बिना रिस्क लिए ट्रेंड अपना रहे प्रो. वी. रामगोपाल, पूर्व निदेशक, IIT दिल्ली और कुलपति, BITS पिलानी समूह के मुताबिक, किसी संस्थान या ब्रांच का ट्रेंड बनने के बाद उसे बदलने में काफी समय लगता है। बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर और खड़गपुर जैसे पुराने IIT की फैकल्टी, सुविधाओं और स्तर में कोई कमी नहीं है। टॉपर बॉम्बे में इसलिए भी दाखिला लेना चाहते हैं क्योंकि पिछले साल के टॉपर्स ने भी वहां दाखिला लिया था। उनके मुताबिक, छात्र रिस्क नहीं लेना चाहते। उन्हें लगता है कि पहले के टॉपर ने सोच-समझकर ही किसी संस्थान को चुना होगा। टॉप-7 IIT में यह ट्रेंड समय के साथ बदलता रहा है। कभी खड़गपुर और कानपुर के लिए ऐसा ट्रेंड था, फिर दिल्ली के लिए बना। CSE जैसी ब्रांच में टॉप-1000 रैंक वालों को सीट नहीं मिलती तो वे BITS को पसंद करते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल जैसे कोर कोर्स में कम दिलचस्पी की एक वजह शुरुआती सैलरी पैकेज भी है। CSE का औसत पैकेज 30 लाख रुपए बताया गया है, जबकि सिविल में यह इसके आधे से भी कम है। हालांकि, अनुभव बढ़ने के साथ दोनों ट्रेड में करिअर बराबर हो जाता है। इस बार JEE एडवांस कितनी मुश्किल था? ------------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… NCERT की 9वीं की किताब से रूसी, फ्रांसीसी क्रांति गायब: 7वीं सदी का भारत, रानी अब्बक्का जुड़े NCERT ने क्लास 9 की सोशल साइंस की नई किताब अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड-पार्ट 2’ मंगलवार को जारी की। नई किताब में पहले के कई सारे चैप्टर हटा दिए गए हैं और भारतीय शासकों के संघर्ष और रानियों की वीर गाथा को शामिल किया गया है। साथ ही किताब में दावा किया गया है कि धार्मिक वजहों से भारत ने 7वीं सदी से हमलों का सामना किया है। पूरी खबर पढ़ें…
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