वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी का धमाका: 'संपत चंपत' और 'कियन एंड किकी' के साथ शुरू हुआ 2026 समर फीस्टा, बच्चों को मिलेंगे 200+ नए एपिसोड्स
WBD India Summer Fiesta 2026: वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (WBD) ने भारतीय बच्चों के लिए साल 2026 की गर्मियों को यादगार बनाने के उद्देश्य से अपनी अब तक की सबसे बड़ी कंटेंट पहल 'समर फीस्टा' की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत कंपनी के प्रमुख चैनलों - पोगो, कार्टून नेटवर्क और डिस्कवरी किड्स पर 200 से अधिक नए एपिसोड्स और ओरिजिनल भारतीय इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (IP) लॉन्च किए गए हैं। यह पहल भारत की रचनात्मक प्रतिभा को वैश्विक मंच देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पोगो पर 'संपत चंपत' और कार्टून नेटवर्क पर 'कियन एंड किकी' की एंट्री
इस समर सीजन का मुख्य आकर्षण दो नए ओरिजिनल शो हैं। पोगो पर प्रसिद्ध 'लोटपोट कॉमिक्स' के किरदारों पर आधारित शो 'संपत चंपत' शुरू हो रहा है, जो दर्शकों को छोटे शहर की शरारतों और हंसी-मजाक की दुनिया में ले जाएगा। वहीं, कार्टून नेटवर्क पर 'कियन एंड किकी' लॉन्च किया गया है, जो जादूगरों के एक परिवार और भाई-बहन के अनोखे रिश्ते की कहानी है। वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के हेड (साउथ एशिया) श्री अभिषेक ने कहा कि ये शो सिर्फ टीवी के लिए नहीं बल्कि एक पूरी फ्रैंचाइजी के तौर पर विकसित किए गए हैं।
छोटा भीम और लिटिल सिंघम का अनोखा संगम
इस बार पोगो पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहली बार भारत के दो सबसे पसंदीदा किरदार—छोटा भीम और लिटिल सिंघम—एक साझा एनिमे प्रेरित दुनिया में एक साथ नजर आएंगे। इसके साथ ही छोटा भीम का 18वां जन्मदिन भी मनाया जाएगा, जिसके तहत 3 मई से विशेष टेलीफीचर और 'ओरिजिन ऑफ भीम बिग पिक्चर' का प्रसारण होगा। 'ओमी नंबर 1' और 'जय जगन्नाथ' जैसे शोज भी बच्चों का मनोरंजन करना जारी रखेंगे।
कॉमेडी ब्लॉक और नॉनस्टॉप बवाल
कार्टून नेटवर्क ने अपने कॉमेडी-फर्स्ट ब्लॉक 'बूम बैम कॉमेडी जैम' को नए अवतार में पेश किया है। इसमें 'टीन टाइटन्स गो!' और 'बैटव्हील्स' के नए सीजन के साथ-साथ 'बेबी लेमिंग्स' और 'द वीजी फैमिली' जैसी अंतरराष्ट्रीय फ्रैंचाइजी भी शामिल की गई हैं। दूसरी ओर, डिस्कवरी किड्स पर 'टिट्टो' और 'मिस्टरबीन' के नए एपिसोड्स के साथ 'नॉनस्टॉप बदमाशी, नॉनस्टॉप बवाल' अभियान जारी रहेगा। ये सभी नए शोज ओटीटी प्लेटफॉर्म डिस्कवरी+ पर भी स्ट्रीम किए जाएंगे।
देशभर के 14 शहरों में ऑन-ग्राउंड एक्टिविटीज
मनोरंजन केवल टीवी स्क्रीन तक सीमित नहीं रहेगा। डब्ल्यूबीडी इंडिया दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई सहित 14 बड़े शहरों के 20 से अधिक मॉल्स और बाउंस ट्रैम्पोलिन पार्क्स में लाइव इवेंट्स आयोजित कर रहा है। यहां बच्चों को छोटा भीम, लिटिल सिंघम और टॉम एंड जैरी जैसे अपने पसंदीदा किरदारों के लाइव मैस्कॉट से मिलने और एक्टिविटीज में शामिल होने का मौका मिलेगा। साथ ही, ये मैस्कॉट सोशल मीडिया पर भी क्रिएटर्स के रूप में बच्चों का मनोरंजन करेंगे।
Working Couple: पति-पत्नी दोनों हैं वर्किंग? जानें घर के खर्च किस प्रकार चलाने चाहिए
Working Couple: पति-पत्नी दोनों ही वर्किंग हों तो घर के खर्चों को लेकर दोनों के बीच एक स्पष्टता, पारदर्शिता बहुत जरूरी है। किसी एक पर आर्थिक भार नहीं होना चाहिए। नीतू और राजेश की शादी को दस साल हो चुके थे। नीतू एक शिक्षिका थी और अपनी पूरी कमाई घर की जरूरतों, उसको बनाने- संवारने में खर्च कर देती थी। राजेश एक निजी कंपनी में मैनेजर था, लेकिन अपनी तनख्वाह को हमेशा ‘भविष्य की बचत’ के नाम पर अलग रखता था। शुरुआत में नीतू को यह सामान्य लगा। उसे लगा कि परिवार के लिए वह जो कर रही है, वह अपना ही तो कर रही है, लेकिन धीरे-धीरे उसकी शिकायतें और तनाव बढ़ने लगा। राजेश उसे इस मामले में यह कहकर चुप करा देता, ‘ये तो तुम्हारी जिम्मेदारी है।’ लेकिन एक दिन, एक छोटी सी बहस ने बड़ा रूप ले लिया।
राजेश ने साफ कहा, ‘मैंने अपनी कमाई से जो बचत की है, वह सिर्फ मेरी है। तुम्हें अपने पैसे का हिसाब रखना चाहिए था।’ यह सुनकर नीतू को झटका लगा। नीतू को एहसास हुआ कि उसने जो भी किया, उसका कोई मूल्यांकन नहीं हुआ। राजेश के पास संपत्ति और बचत थी, लेकिन नीतू बिलकुल खाली हाथ थी। वह ठगी सी महसूस कर रही थी, अपने ही विश्वास और प्यार से। यह एक अकेले नीतू-राजेश भर की कहानी नहीं है। बहुत सारे काम-काजी दंपतियों की यह साझी कहानी है। इसके चलते तलाक तक हो जाते हैं।
साझा स्पष्टता जरूरी है:
जीवन स्तर और बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि पति-पत्नी दोनों ही नौकरी करें। लेकिन समस्याएं तब खड़ी होती हैं, जब दोनों में से कोई एक, चाहे वह पति हो या पत्नी, घर के साझे भविष्य के नाम पर अपनी कमाई को तो जमा कर रहा होता है और दूसरा अपनी सारी कमाई घर पर खर्च कर देता है। यह स्थिति भविष्य के लिए कई बार खतरनाक स्थितियां पैदा कर देती हैं, इसलिए जब पति-पत्नी दोनों ही काम-काजी हों तो घर के खर्चों को लेकर एक स्पष्टता जरूरी है। दांपत्य जीवन में वित्तीय निर्णय मिलकर लिए जाने चाहिए। पति-पत्नी के बीच नियमित रूप से पैसे की योजना और बचत पर चर्चा होनी चाहिए।
बनाए रखें आर्थिक स्वतंत्रता:
अपनी कमाई का एक हिस्सा हमेशा अपनी बचत के लिए अलग रखें। यह ना केवल आर्थिक सुरक्षा देता है, बल्कि आत्मनिर्भरता का भी एहसास कराता है।
कानूनी अधिकारों की जानकारी:
हर महिला को अपने वित्तीय और कानूनी अधिकार पता होने चाहिए। तलाक की स्थिति में महिलाओं को पति की संपत्ति में हिस्सेदारी का अधिकार है, जो कानून द्वारा संरक्षित है।
साझा जिम्मेदारी का करें आग्रह:
अगर कोई काम-काजी दंपति है तो परिवार चलाने का भार अकेले ना सिर्फ पति पर हो और ना ही अकेली महिला पर। पति-पत्नी दोनों को ही यह जिम्मेदारी समान रूप से निभानी चाहिए।
पेशेवर मार्गदर्शन लें:
यदि आप पैसे के प्रबंधन में अनिश्चित हैं तो किसी वित्तीय सलाहकार की मदद लें। महिलाओं को यह समझना चाहिए कि आर्थिक आत्मनिर्भरता केवल उनकी सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि आत्मसम्मान और पहचान के लिए भी जरूरी है।
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