Moscow में अफगानिस्तान पर बैठक, Taliban प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत और चीन भी हुए शामिल
मॉस्को, पांच अक्टूबर (एपी) रूस ने सोमवार को अफगानिस्तान मसले पर विचार-विमर्श के लिए एक बैठक आयोजित की, जिसमें अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। बैठक में चीन, भारत, ईरान, पाकिस्तान और अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। मॉस्को में तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी का स्वागत करते हुए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने उन्हें ‘नाटो की टुकड़ी से अफगानिस्तान की मुक्ति की पांचवीं वर्षगांठ’ पर बधाई दी।
लावरोव ने कहा, “कई दशकों के कब्जे के दुष्परिणामों से उबरने में पांच साल का समय कम है, फिर भी आपकी सरकार की उपलब्धियां स्पष्ट हैं और हम उनका स्वागत करते हैं।” उन्होंने इस्लामिक स्टेट समूह और अन्य चरमपंथियों के खिलाफ तालिबान की कार्रवाई तथा मादक पदार्थों की तस्करी को खत्म करने के प्रयासों की सराहना की। अगस्त 2021 में अमेरिका और नाटो बलों की वापसी के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर नियंत्रण कर लिया। इसके बाद से तालिबान ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता हासिल करने का प्रयास किया है।
इसके साथ ही तालिबान ने अपने यहां कड़े इस्लामी कानून को लागू किया है। जुलाई 2025 में तालिबान सरकार को मान्यता देने वाला रूस पहला देश बना, जब उसने तालिबान को प्रतिबंधित संगठनों की अपनी सूची से हटा दिया। सोमवार की वार्ता के दौरान लावरोव ने कहा, ‘‘अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों की शक्तिशाली सैन्य मशीन को अफगानों की लड़ने की भावना और दृढ़ता ने परास्त कर दिया।’’ चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के अधिकारियों ने भी वार्ता में हिस्सा लिया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अफगानिस्तान मामलों के विशेष दूत जमीर काबुलोव ने कहा कि मॉस्को अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में मदद करने के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पार संघर्ष कई महीनों से जारी है। काबुलोव ने पत्रकारों से कहा, ‘‘रूस इस संघर्ष को समाप्त कराने में मदद के लिए हरसंभव साधन का इस्तेमाल करने को तैयार है।
यदि दोनों पक्ष इसके लिए अनुरोध करते हैं, तो रूस स्वतंत्र रूप से या अन्य साझेदारों के साथ मिलकर ऐसा करने के लिए तैयार है।’’ तालिबान सरकार अब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षाकृत अलग-थलग पड़ी है, जिसका मुख्य कारण महिलाओं पर लगाए गए उसके प्रतिबंध हैं।
जोकोविच के खिलाफ मैच में दर्शक को गेंद मारने पर मेदवेदेव चाइना ओपन से अयोग्य
जोकोविच के खिलाफ मैच में दर्शक को गेंद मारने पर मेदवेदेव चाइना ओपन से अयोग्य
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
IBC24









/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)