UP Sainik School Admission 2027-28: कक्षा 6 और 9 में दाखिले के लिए आवेदन शुरू, ऐसे भरें फॉर्म
UP Sainik School Admission 2027-28: उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूलों में कक्षा 6 और 9 में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। UP Sainik Schools Entrance Exam 2027-28 के लिए अभिभावक अपने बच्चों का ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक वेबसाइट entranceexam.upsainikschool.org के माध्यम से कर सकते हैं। आवेदन का माध्यम केवल ऑनलाइन रखा गया है।
बिना लेट फीस के आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर 2026 है। इसके बाद लेट फीस के साथ 31 अक्टूबर 2026 तक फॉर्म भरा जा सकता है।
कक्षा 6 के लिए क्या है योग्यता?
कक्षा 6 में प्रवेश के लिए छात्र का कक्षा 5वीं पास या उसमें अध्ययनरत होना जरूरी है। इसके साथ ही 31 मार्च 2027 को छात्र की उम्र निर्धारित आयु सीमा के भीतर होनी चाहिए।
कक्षा 9 में एडमिशन के लिए योग्यता
कक्षा 9 में दाखिले के इच्छुक छात्र का कक्षा 8वीं पास या उसमें अध्ययनरत होना जरूरी है। आयु की गणना भी 31 मार्च 2027 के आधार पर की जाएगी।
आवेदन करने से पहले अभिभावकों को संबंधित कक्षा की शैक्षणिक और आयु संबंधी पात्रता आधिकारिक नोटिफिकेशन से जरूर जांच लेनी चाहिए।
कितनी है आवेदन फीस?
UP Sainik School Entrance Exam के लिए सामान्य आवेदन शुल्क 1,000 रुपये निर्धारित है। वहीं अंतिम तिथि के बाद लेट फीस के साथ आवेदन करने पर उम्मीदवार को 2,000 रुपये का भुगतान करना होगा। शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा किया जा सकता है।
आवेदन फीस
निर्धारित अवधि में आवेदन ₹1,000
लेट फीस के साथ आवेदन ₹2,000
UP Sainik School Admission का फॉर्म कैसे भरें?
- सबसे पहले सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा के आवेदन पोर्टल पर जाएं।
- APPLICATION FORM सेक्शन में New Registration पर क्लिक करें।
- मांगी गई जानकारी दर्ज करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
- इसके बाद आवेदन फॉर्म में अन्य जरूरी जानकारी भरें।
- निर्धारित प्रारूप में फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
- ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करें।
- फॉर्म को सबमिट करके उसका प्रिंटआउट निकाल लें और भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
कब होगी सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा?
UP Sainik Schools Entrance Exam 20 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के बाद 30 दिसंबर 2026 को रिजल्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
अभिभावकों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले बच्चे की कक्षा, उम्र और अन्य पात्रता शर्तों की अच्छी तरह जांच कर लें। आवेदन पूरा होने के बाद फॉर्म और भुगतान की रसीद को भी सुरक्षित रखना उपयोगी रहेगा।
FASTag Update: अब बैंक बदलने के लिए नहीं हटाना होगा टैग, OneTag से ऐसे बदलें जारीकर्ता बैंक
FASTag OneTag: अगर आप अपने FASTag का बैंक बदलना चाहते हैं तो अब आपको गाड़ी की विंडस्क्रीन से पुराना FASTag हटाने और नया टैग लगाने की जरूरत नहीं होगी। NHAI ने ‘OneTag’ FASTag पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू की है। इसके जरिए वाहन मालिक अपने मौजूदा FASTag को लगाए रखते हुए उसका जारीकर्ता (Issuer) बैंक बदल सकते हैं। यह सुविधा NHAI के Rajmargyatra मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।
क्या है OneTag?
OneTag को आसान भाषा में FASTag के लिए मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी जैसी सुविधा समझ सकते हैं। जैसे मोबाइल नंबर बदले बिना टेलीकॉम कंपनी बदली जा सकती है, उसी तरह अब FASTag का फिजिकल टैग बदले बिना उसका जारीकर्ता बैंक बदला जा सकता है।
OneTag के जरिए बैंक बदलने के बाद भी गाड़ी पर लगा वही FASTag इस्तेमाल होता रहेगा। पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद FASTag ID और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर वही रहेगा।
पहले क्या करना पड़ता था?
अब तक अगर कोई वाहन मालिक FASTag जारी करने वाला बैंक बदलना चाहता था, तो उसे मौजूदा FASTag बंद करवाना पड़ता था। इसके बाद नया FASTag लेना और उसे गाड़ी पर लगाना पड़ता था।
OneTag से यह पूरी प्रक्रिया आसान हो गई है। अब नया फिजिकल टैग लेने और पुराने टैग को हटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। NHAI के मुताबिक, इससे टैग की बार-बार री-इश्यू और डिस्पैच की जरूरत भी कम होगी।
OneTag से FASTag बैंक कैसे बदलें?
FASTag का बैंक बदलने के लिए आपको Rajmargyatra ऐप का इस्तेमाल करना होगा। प्रक्रिया इस तरह है:
- Rajmargyatra ऐप में लॉग इन करें।
- अपना वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके FASTag की पात्रता जांचें।
- मौजूदा जारीकर्ता बैंक की ओर से मिलने वाला छह अंकों का Mobile Verification Code (MVC) दर्ज करें।
- अपनी सहमति और वेरिफिकेशन पूरा करें।
- अपनी पसंद का नया जारीकर्ता बैंक चुनें।
- नए बैंक के साथ कस्टमर वेरिफिकेशन और वॉलेट ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करें।
- पोर्टेबिलिटी सफल होने के बाद वही FASTag गाड़ी पर लगा रहेगा।
क्या नया KYC कराना होगा?
हां। OneTag के जरिए जारीकर्ता बैंक बदलने पर यूजर को नए बैंक के साथ कस्टमर वेरिफिकेशन और KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मौजूदा बैंक पोर्टेबिलिटी शुरू करने से पहले यूजर का वेरिफिकेशन करेगा, जबकि नया बैंक पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद अपनी ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करेगा।
पुराने FASTag वॉलेट का क्या होगा?
यह बात FASTag यूजर्स के लिए खास तौर पर ध्यान रखने वाली है। पुराने बैंक का वॉलेट नए बैंक में ट्रांसफर नहीं होगा। पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद पुराना जारीकर्ता बैंक पुराने FASTag वॉलेट को बंद करेगा और लागू समायोजन के बाद उपलब्ध बैलेंस वापस करेगा।
पुराने बैंक की जिम्मेदारी रिफंड, पेंडिंग ट्रांजैक्शन और पुराने वॉलेट से जुड़े अन्य मामलों को निपटाने की रहेगी। नए बैंक की जिम्मेदारी पोर्टेबिलिटी के बाद शुरू होगी।
बैंक बदलने के बाद वही FASTag कैसे काम करेगा?
OneTag में गाड़ी पर लगा फिजिकल FASTag नहीं बदलेगा। पोर्टेबिलिटी सफल होने के बाद मौजूदा FASTag ID उसी वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ी रहेगी। इसके बाद नया जारीकर्ता बैंक उस FASTag से जुड़ी सेवाएं संभालेगा।
इसका मतलब है कि वाहन मालिक को नया स्टिकर लेने या विंडस्क्रीन पर पुराना टैग हटाकर नया टैग लगाने की परेशानी नहीं होगी।
कितने समय बाद दोबारा बैंक बदल सकेंगे?
OneTag के जरिए FASTag पोर्ट करने के बाद छह महीने का कूलिंग-ऑफ पीरियड रहेगा। यानी एक बार बैंक बदलने के बाद छह महीने पूरे होने से पहले उसी FASTag को दोबारा किसी दूसरे जारीकर्ता बैंक में पोर्ट नहीं किया जा सकेगा।
OneTag क्यों शुरू किया गया?
NHAI के मुताबिक, OneTag का उद्देश्य FASTag यूजर्स को ज्यादा विकल्प और सुविधा देना है। इससे यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से जारीकर्ता बैंक बदल सकेंगे, जबकि गाड़ी पर लगा मौजूदा FASTag बना रहेगा।
OneTag को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की सहयोगी कंपनी Indian Highways Management Company Limited (IHMCL) और NPCI की संयुक्त पहल के तौर पर विकसित किया गया है।
13 करोड़ से ज्यादा FASTag जारी
सरकार के मुताबिक देश में करीब 13 करोड़ NETC FASTag जारी किए जा चुके हैं, जबकि FASTag की पहुंच 98 प्रतिशत से ज्यादा है। ऐसे में OneTag को बड़ी संख्या में वाहन मालिकों के लिए उपयोगी सुविधा के तौर पर पेश किया गया है।
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