भगवान शिव को प्रिय धतूरा दर्द का है दुश्मन, सायटिका-गठिया-हड्डी के लिए है रामबाण! एक्सपर्ट से जानें कैसे करें इस्तेमाल
हजारीबाग: भगवान शिव को प्रिय धतूरा भारत में कई प्रकार का पाया जाता है, लेकिन अधिकांश विषैला होता है. इसके फल, पत्ते, बीज और पौधे के अन्य हिस्से जहरीले होते हैं. इसकी गलती से सेवन करने पर हृदय गति तेज होना, उल्टी, नशा और जानलेवा प्रभाव हो सकता है. इसलिए कभी भी इसे मुंह से न लें. हालांकि आयुर्वेद में शुद्धिकरण के बाद इसका बाहरी प्रयोग हड्डियों के दर्द, सायटिका, गठिया जैसी समस्याओं में कारगर माना जाता है. हजारीबाग के गोला रोड, महेश सोनी चौक स्थित पतंजलि चिकित्सालय के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. जितेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि धतूरा नशीला है, लेकिन इसके मिश्रण से बना तेल हड्डियों के दर्द को 'छूमंतर' कर देता है. बाजार में यह तेल कम मिलता है, लेकिन घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. रोजाना थोड़ा गर्म करके दर्द वाली जगह पर मालिश करें. ध्यान दें कि यह केवल बाहरी प्रयोग के लिए है. डॉक्टर की सलाह से ही इसका इस्तेमाल करें, क्योंकि गलत तरीके से विषाक्त प्रभाव हो सकता है.
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