बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर में उपचुनाव, भाजपा शासित राज्य में क्यों ऐसे परिणाम सामने आए?
तीन राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं. ये चुनाव नीट पेपर लीक पर युवाओं के आक्रोश के बीच हुए हैं. ऐसे में इसके राजनीतिक मायने दूरगामी हो सकते हैं. इसके परिणाम आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे. जिन तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए, वे सभी भाजपा शासित राज्य है. बिहार की पटना बांकीपुर सीट पर भाजपा का कब्जा था, लेकिन यहां से उसे करारी हार मिली है. मध्य प्रदेश की दतिया सीट अभी कांग्रेस के पास ही थी. उसने अपनी सीट बरकरार रखी है. वहीं गुजरात की मांजलपुर सीट हमेशा से भाजपा का गढ़ रहा है, यह गढ़ अभी भी मजबूती से कायम है, लेकिन किले में दरारें भी दिखने लगी हैं, इसे बहुत जल्द पाटने की नौबत आ सकती है.
पटना की बांकीपुर सीट पर बड़ा उलटफेर
सबसे बड़ा उलटफेर बिहार में राजधानी पटना की अहम सीट बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुआ है. यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे की वजह से खाली हो गई थी. ये राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. 1995 से भाजपा इस सीट से भी नहीं हारी. नितिन नवीन के लिए यह निजी प्रतिष्ठा का सवाल था. इसकी वजह है कि 2006 में पिता नवीन किशोर सिन्हा की विरासत संभालने के बाद से वह लगातार पांच बार यहां का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
भाजपा की रणनीति को झटका
पांच राज्यों में हुए हालिया विधानसभा चुनावों में भाजपा कहां इस बात से गदगद थी कि नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी ने पश्चिम बंगाल में भी बड़ी जीत दर्ज कर ली. लेकिन, हकीकत ये है कि नितिन नवीन अपनी सीट पर ही पार्टी के उम्मीदवार को उपचुनाव नहीं जिता सके. बकीपुर की हार सिर्फ बीजेपी की हार नहीं है.
इसको लेकर नितिन नवीन की नेतृत्व क्षमता पर सीधे सवालिया निशान लगेंगे. उन्हें पार्टी के तमाम धुरंधरों को दरकिनार कर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बिठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परोक्ष फैसले को लेकर भी प्रश्न पूछे जाएंगे. यही नहीं, बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भाजपा ने सम्राट चौधरी के रूप में पहली बार अपना सीएम दिया है. यह उस राजनीति के लिए भी बड़ा झटका है.
भाजपा समर्थक 'अंध भक्त' नहीं हैं!
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर भी कांग्रेस की जीत एक तरह से भाजपा के लिए मायूसी वाले रिजल्ट है. प्रदेश में मोटे तौर पर दो दशकों से अधिक से बीजेपी की सरकारें हैं. 2023 में यह सीट कांग्रेस के हाथों में जरूर थी, लेकिन उससे पहले तीन-तीन बार भाजपा यहां से लगातार जीत चुकी है. यही नहीं, इस बार कांग्रेस प्रत्याशी ने यहां जीत का मार्जिन भी बढ़ाया है. इस तरह से बांकीपुर से दतिया तक मतदाताओं ने विपक्ष के हाथों में यह नैरेटिव जरूर थमा दिया है कि भाजपा के खिलाफ लोग अब खड़े होने लगे हैं.
पीएम मोदी ने अपना पहला संसदीय चुनाव जीता
गुजरात की मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत हासिल किया है. 2008 में परिसीमन के बाद वडोदरा जिले में यह सीट बनी और पहली बार 2012 में हुए चुनाव से लेकर 2026 के उपचुनाव नाव तक में भाजपा यहां कभी नहीं हारी. यह बड़ी जीत दर्ज करती रही. मांजलपुर सीट का भाजपा के लिए अहमियत इसी से समझा जा सकता है कि यह वडोदरा लोकसभा के अंदर आती है. यहां से 2014 में वाराणसी के अलावा पीएम मोदी ने अपना पहला संसदीय चुनाव जीता था. लेकिन, अगर 2022 के विधानसभा चुनाव और मौजूदा उपचुनाव के परिणामों की तुलना करें तो अभी बीजेपी प्रत्याशी को 67% से ज्यादा वोट जरूर मिले हैं, लेकिन 2022 के 75.85% वोट शेयर से इसमें काफी गिरावट आ चुकी है. गुजरात में 2027 के आखिर में विधानसभा चुनाव हैं और मांजलपुर के वोटरों ने बीजेपी को अभी से संभल जाने का संदेश दे दिया.
विद्यालयों से घर-घर पहुंचेगा राष्ट्रभक्ति का संदेश, योगी सरकार ने शुरू किया 'हर घर तिरंगा' अभियान
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के विद्यालय इस बार राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी के सबसे बड़े केंद्र बनेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने 14 अगस्त के 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' और 15 अगस्त तक चलने वाले 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' को विद्यालयों के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप देने की व्यापक तैयारी पूरी कर ली है.
भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश
इसके लिए बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना जारी करते हुए प्रदेशभर के विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. अभियान के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, संविधान के प्रति सम्मान और तिरंगे के गौरव का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा. अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस को जनभागीदारी, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का व्यापक जन अभियान बनाना है.
'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाया जाएगा
इसके अंतर्गत सभी बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में निर्धारित कार्यक्रमों का समयबद्ध आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा. प्रत्येक गतिविधि में विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी, सामुदायिक सहयोग और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. 14 अगस्त को प्रदेश के सभी विद्यालयों में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाया जाएगा. विद्यार्थियों को भारत विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों, उसके मानवीय प्रभाव तथा राष्ट्रीय एकता के महत्व से परिचित कराया जाएगा.
विद्यालयों में विशेष व्याख्यान, परिचर्चा, प्रदर्शनी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे, ताकि नई पीढ़ी इतिहास से सीख लेकर राष्ट्रीय अखंडता, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील बने.
'हर घर तिरंगा अभियान-2026'
15 अगस्त तक चलने वाले 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के अंतर्गत विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा. विद्यालय अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार का केंद्र बनेंगे और स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करेंगे, ताकि तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रगौरव का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे. अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में निबंध, चित्रकला, भाषण, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रभात फेरी, तिरंगा यात्रा तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा.
नागरिकों की भूमिका से भी परिचित कराया जाएगा
विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज संहिता, संविधान में निहित मूल कर्तव्यों तथा राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका से भी परिचित कराया जाएगा, ताकि उनमें राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व और गौरव की भावना और अधिक सशक्त हो. अभियान से जुड़ी गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार डिजिटल एवं सोशल मीडिया माध्यमों से भी किया जाएगा. विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों के फोटो एवं वीडियो निर्धारित माध्यमों पर साझा किए जाएं. साथ ही विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को 'हर घर तिरंगा' अभियान के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया जाएगा.
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति सम्मान के संस्कार विकसित करने का सशक्त माध्यम है. उत्तर प्रदेश के विद्यालय इस अभियान के सबसे बड़े केंद्र बनेंगे. हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी तिरंगे के सम्मान, स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों और विकसित भारत के संकल्प से जुड़े. विद्यालयों से उठने वाला राष्ट्रगौरव का यह संदेश प्रत्येक घर तक पहुंचे और जनभागीदारी के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस एक सच्चे राष्ट्रीय उत्सव का स्वरूप ग्रहण करे.
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