मेरा जन्म मेरे जीवन का सबसे बड़ा हादसा... पढ़िए रोहित वेमुला का आखिरी खत, एक दर्दनाक सच्चाई की गूंज!
Rohith Vemula and UGC rules controversy : कुछ आवाजें ऐसी होती हैं जो मौत के बाद भी जीवित रहती हैं. रोहित वेमुला का वह आखिरी पत्र ऐसी ही एक आवाज है- एक दलित समुदाय से आने वाले छात्र की पीड़ा जो सामाजिक 'दीवारों' से टकराकर टूट गई. अब, जब सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशंस, 2026' पर रोक लगा दी है तो रोहित की यह चिट्ठी फिर से चर्चा में है, क्योंकि यह नियम रोहित और पायल तड़वी जैसे मामलों के सामने आने के बाद ही अस्तित्व में आए थे. आइए, रोहित के उस पत्र को गहराई से समझते हैं जिसमें एक युवा ने कहा-मेरा जन्म मेरे जीवन की सबसे बड़ी दुर्घटना है!
CJI सूर्यकांत के मन में उठे ये 5 सवाल, तब आया फैसला; जानिए UGC रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट का पूरा ऑर्डर
SUPREME COURT ORDER Copy on UGC New Rule: सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026' पर रोक लगा दी. मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाला बागची की बेंच ने कहा कि ये नियम अस्पष्ट (vague) हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका है. नियमों से समाज में विभाजन हो सकता है और ये बहुत व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि 75 साल बाद भी क्या हम जातिविहीन समाज की ओर बढ़ रहे हैं या पीछे जा रहे हैं? इसलिए नियमों को फिलहाल रोक दिया गया है और पुराने 2012 के नियम लागू रहेंगे. मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी. सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने प्रथम दृष्टया कई गंभीर सवाल उठाए, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है.
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