गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर हेल्थ सिस्टम अलर्ट : स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया
गांधीनगर, 3 अगस्त (आईएएनएस)। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने राज्य में चांदीपुरा वायरस की स्थिति के बारे में सोमवार को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में रिपोर्ट किए गए सभी सस्पेक्टेड केस चांदीपुरा के नहीं हैं। राज्य में अब तक कुल 184 सस्पेक्टेड केस रजिस्टर किए गए हैं, जिनमें से 35 चांदीपुरा के केस पॉजिटिव आए हैं, जबकि 11 सैंपल के टेस्ट रिजल्ट अभी भी पेंडिंग हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक रजिस्टर किए गए सस्पेक्टेड केस में से 22 बच्चों की मौत चांदीपुरा वायरस से हुई है। अभी, राज्य के अलग-अलग सिविल हॉस्पिटल में 7 पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 6 पॉजिटिव मरीजों की सेहत में सुधार हुआ है और उन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। अभी, गांधीनगर, साबरकांठा-हिम्मतनगर, पाटन, राजकोट और भावनगर के सिविल हॉस्पिटल में एडमिट सभी बच्चों को सबसे अच्छा और सुपर-स्पेशलिस्ट ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। डॉक्टर मरीजों की हालत पर लगातार नजर रख रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने कहा कि राज्य में सभी केस किसी खास जगह या गांव से रिपोर्ट नहीं हुए हैं, बल्कि अलग-अलग इलाकों से केस आ रहे हैं। जिसके बाद, हेल्थ डिपार्टमेंट की टीमें लगातार ग्राउंड लेवल पर एक्टिव होकर काम कर रही हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट ने मिट्टी या कच्चे घरों की दरारों को भरने की सलाह दी है। साथ ही, जिन इलाकों में पशुपालन होता है, वहां पेस्टीसाइड का इंटेंसिव स्प्रे किया जा रहा है। इसके अलावा, सभी सरकारी और प्राइवेट चाइल्ड स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वायरस के लक्षण वाले मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा वाले आईसीयू बेड में भर्ती किया जाए और इलाज शुरू किया जाए, ताकि ‘मल्टीपल ऑर्गन फेलियर’ जैसी गंभीर स्थितियों को रोका जा सके।
मंत्री ने कहा कि फिलहाल चांदीपुरा वायरस के खिलाफ कोई खास वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए, डॉक्टरों और रिसर्चर्स की एक खास टीम द्वारा साइंटिफिक तरीके से वायरस के लिए वैक्सीन और असरदार दवा खोजने के लिए इंटेंसिव रिसर्च की जा रही है।
उन्होंने नागरिकों से सावधान रहने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कच्चे घरों या मिट्टी की दीवारों में दरारें तुरंत ठीक की जानी चाहिए। इसके अलावा, अगर बच्चों में बुखार, उल्टी, ऐंठन या कोई और गंभीर लक्षण दिखें, तो उन्हें बिना समय बर्बाद किए पास के सरकारी जिला अस्पताल में संपर्क करना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से हेल्थ डिपार्टमेंट की टीमों के साथ सहयोग करने और अफवाहों पर ध्यान न देने का अनुरोध किया है।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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IND vs SL: जहां खेला जाएगा भारत बनाम श्रीलंका का पहला टेस्ट, वहां कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड
IND vs SL: भारतीय टीम टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका पहुंच चुकी है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका में अपनी प्रैक्टिस भी शुरू कर दी है. भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी. यह सीरीज टीम इंडिया के लिए बेहद ही अहम है, क्योंकि यह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है. ऐसे में टीम इंडिया हर हाल में इस सीरीज को जीतकर अंक प्राप्त करना चाहेगी. भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से खेला जाएगा. दोनों टीमें गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में आमने-सामने होंगी. तो चलिए जानते हैं कि गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में टीम इंडिया का टेस्ट रिकॉर्ड कैसा रहा है.
गाले में खेला जाएगा भारत बनाम श्रीलंका पहला टेस्ट
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से 19 अगस्त तक गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैदान पर टीम इंडिया का रिकॉर्ड उतना अच्छा नहीं रहा है. भारतीय टीम को यहां जीत से ज्यादा हार मिली है. टीम इंडिया ने गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में अब तक कुल 5 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से भारत को 2 मैचों में जीत मिली है. जबकि 3 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है.
गाले इंटरनेशनल स्टेडियम भारत ने कब खेला था पहला टेस्ट?
भारतीय टीम ने गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में अपना पहला टेस्ट मैच साल 2001 में खेला था. तब टीम इंडिया की कप्तानी की जिम्मेदारी सौरभ गांगुली संभाल रहे थे. यह मुकाबला 14 से 17 अगस्त तक खेला गया था. इस मैच में श्रीलंका ने भारत को 10 विकेट से हराया था.
आखिरी बार इस मैदान पर भारत ने श्रीलंका को दिया था करारी शिकस्त
वहीं गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में टीम इंडिया ने पिछली बार अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2017 में विराट कोहली की कप्तानी में खेला था. यह मुकाबला 26 से 29 जुलाई यानी 4 दिन में खत्म हो गया था. इस मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया ने श्रीलंका को 304 रनों के बड़े अंतर से हराया था.
भारत बनाम श्रीलंका (गाले टेस्ट मैच)
| वर्ष | विजेता टीम | मार्जिन (जीत का अंतर) | मुख्य बातें |
|---|---|---|---|
| 2001 | श्रीलंका | 10 विकेट से | गाले में भारत का पहला टेस्ट मैच था. |
| 2008 | भारत | 170 रनों से | इस मैदान पर भारत की पहली टेस्ट जीत थी. |
| 2010 | श्रीलंका | 10 विकेट से | महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का यह आखिरी टेस्ट मैच था. |
| 2015 | श्रीलंका | 63 रनों से | भारत जीत के करीब आकर चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाया था. |
| 2017 | भारत | 304 रनों से | गाले के मैदान पर भारत की सबसे बड़ी और आखिरी जीत थी. |
9 साल बाद गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में टेस्ट खेलने उतरेगी टीम इंडिया
अब भारतीय टीम 9 साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर गाले के इस मैदान पर टेस्ट खेलने उतरेगी. बता दें कि 2017 के बाद से टीम इंडिया ने श्रीलंका दौरे पर कोई टेस्ट सीरीज नहीं खेली है. अब गाले में पिछली जीत को बरकरार रखने की जिम्मेदारी शुभमन गिल पर होगी. इस सीरीज में टीम इंडिया की अग्निपरीक्षा होने वाली है, क्योंकि टीम में सिर्फ गिने-चुने ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें श्रीलंका में टेस्ट खेलने का अनुभव है, जिसमें केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव शामिल हैं. वहीं जसप्रीत बुमराह के बाहर होने के बाद आकिब नबी को स्क्वाड में शामिल किया गया है, जिन्होंने इंडिया ए के लिए हाल ही में श्रीलंका में खेला था. अब देखने वाली बात होगी कि उन्हें मौका मिलता है या नहीं.
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— BCCI (@BCCI) August 3, 2026
Auqib Nabi replaces Jasprit Bumrah in India's Test squad.
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