Dhanu Rashifal: मंगल-बुध की युति से चमकेगा भाग्य, प्यार में बनेगी बात; करें भगवान विष्णु की पूजा
Aaj ka Dhanu Rashifal 4 August 2026: अगर आप किसी तरह का कारोबार करते हैं, तब आज के दिन आपको उस से जुड़ा हुआ कोई भी बड़ा निर्णय नहीं लेना चाहिए. इसके साथ ही आप किसी भी फैसले में कोई भी जल्दीबाजी ना करें, नहीं तो इसका नुकसान आपको उठाना पड़ सकता है.
आरबीआई ने बदले फिक्स्ड डिपॉजिट के नियम: 1 अक्टूबर से लागू होंगे ये बदलाव; FD निवेशकों के लिए जानना जरूरी
RBI fixed deposit rules change: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले लोगों के लिए बड़े बदलावों का ऐलान किया है। ये संशोधित निर्देश 'रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (कमर्शियल बैंक्स - इंटरेस्ट रेट ऑन डिपॉजिट्स) सेकेंड अमेंडमेंट डायरेक्शंस, 2026' के तहत जारी किए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, ये नए नियम इसी साल 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो जाएंगे।
नए नियमों में क्या कहा गया है?
आरबीआई के नए नियमों के मुताबिक, अब बैंकों को किसी भी खास दिन ग्राहकों द्वारा जमा की जाने वाली समान राशि पर अपनी सभी शाखाओं (ब्रांच) में एक समान डिपॉजिट ब्याज दरें देनी होंगी।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि बल्क डिपॉजिट समेत सभी प्रकार की जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दरें सभी शाखाओं और सभी ग्राहकों के लिए एक समान होंगी। एक ही तारीख पर स्वीकार की गई समान राशि की एक जमा और दूसरी जमा के बीच ब्याज भुगतान में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। बैंक की किसी भी ऑफिस में यह नियम समान रूप से लागू होगा।
रोजाना डिस्क्लोज करनी होगी ब्याज दर
नए निर्देशों के तहत, जमा पर देय ब्याज दरें बैंकों की वेबसाइटों पर पहले से डिस्क्लोज की गई ब्याज दरों के शेड्यूल के अनुसार ही होनी चाहिए। यह प्रक्रिया रुपये के बल्क डिपॉजिट और जमा पर ब्याज दरों के डिस्क्लोजर से जुड़े आरबीआई के संशोधित नियमों के तहत होगी।
नए नियमों के अनुसार, बैंकों को हर कारोबारी दिन सुबह 10:00 बजे तक अपनी वेबसाइट पर बल्क डिपॉजिट के लिए ब्याज दरों को पब्लिश करना होगा। इसके लिए अधिकतम 10 मिनट का समय दिया गया है, यानी यह जानकारी हर हाल में सुबह 10:10 बजे तक वेबसाइट पर लाइव होनी चाहिए। इससे ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों के बीच ब्याज दरों की तुलना करने में आसानी होगी।
एफडी निवेशकों के लिए क्या बदलेगा?
इस संशोधित ढांचे का मतलब यह है कि किसी बैंक की सभी शाखाओं में एक ही राशि की जमा पर एक समान ब्याज दर लागू होगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर दो ग्राहक एक ही दिन एक ही राशि की एफडी कराते हैं, तो उन्हें अलग-अलग ब्याज दरें ऑफर नहीं की जा सकेंगी। इससे ग्राहकों के साथ भेदभाव की संभावना खत्म होगी और पूरी बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। फिलहाल कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU Banks) फिक्स्ड डिपॉजिट पर आकर्षक ब्याज दरें दे रहे हैं।
बैंकों को मिलेगी अधिक फ्लेक्सिबिलिटी
आरबीआई ने यह भी कहा है कि बैंकों के पास लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) ढांचे के तहत डिपॉजिट या अनसिक्योर्ड होलसेल फंडिंग पर लागू होने वाले डिफरेंशियल रन-ऑफ रेट को ध्यान में रखते हुए, बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग ब्याज दरें (डिफरेंशियल इंटरेस्ट रेट) ऑफर करने की आजादी होगी।
हालांकि, इसके साथ ही बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और ग्राहकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम भी लागू किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की मनमानी पर रोक लग सके।
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