Houthi आतंकी संगठन है, Madinah में बोले Pakistan के मौलवी Tahir Ashrafi
पाकिस्तान के एक सीनियर इस्लामिक धर्मगुरु ने ईरान समर्थित शिया मिलिटेंट ग्रुप अंसार अल्लाह (जिसे हूती के नाम से ज़्यादा जाना जाता है) को आतंकवादी कहा है और कहा है कि उनका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि हाल ही में अल-कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन की तारीफ़ करने की वजह से उनसे UK के कैंटरबरी के आर्कबिशप द्वारा दिया गया एक सम्मान वापस ले लिया गया था और उन पर ईशनिंदा के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह" को बचाने का आरोप भी लगा था। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी 'एसोसिएटेड प्रेस ऑफ़ पाकिस्तान' (APP) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये बातें हाफ़िज़ मुहम्मद ताहिर महमूद अशरफ़ी ने सोमवार को सऊदी अरब की इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ़ मदीना में आयोजित दो-दिवसीय सम्मेलन में कहीं। इस सम्मेलन का विषय था - बौद्धिक (वैचारिक) भटकाव का मुक़ाबला करने में सऊदी अरब साम्राज्य के प्रयास।
इसे भी पढ़ें: सऊदी ने F-15 से बरसाए भयंकर बम, अंसारुल्लाह ने खाई बदले की कसम
अशरफ़ी पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के चेयरमैन हैं। यह पाकिस्तान में स्थित मुस्लिम धर्मगुरुओं का एक संगठन है, जिसके सदस्यों में अलग-अलग इस्लामिक परंपराओं के इस्लामिक विद्वान और कानूनी विशेषज्ञ शामिल हैं। इस काउंसिल की स्थापना 1990 के दशक में पाकिस्तान में धार्मिक और अंतर-धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। अशरफ़ी हाल ही में तब चर्चा में आए जब उन्हें 11 सितंबर (9/11 हमलों की 25वीं बरसी) को कैंटरबरी की आर्कबिशप डेम सारा मुल्लाली से सुलह और अंतर-धार्मिक सहयोग के लिए 'ह्यूबर्ट वाल्टर अवार्ड 2026' मिला। लेकिन, कुछ दिनों बाद 17 सितंबर को यह अवॉर्ड वापस ले लिया गया। बीबीसी के अनुसार, ऐसा उनके पुराने बयानों के फिर से सामने आने के बाद किया गया, जिनमें अशरफ़ी ने 2007 में ओसामा बिन लादेन की तारीफ़ करते हुए कहा था कि वह "रूसियों, अमेरिकियों और अंग्रेजों के खिलाफ़ इस्लाम के लिए लड़ रहा है।
इसे भी पढ़ें: खुल कर आ गई नेतन्याहू के UAE दौरे की कहानी, सऊदी में हलचल! इस Visit पर भारत की क्यों है नजर?
इस बीच, यूके के अख़बार 'टेलीग्राफ़' ने 24 सितंबर को रिपोर्ट दी कि अशरफ़ी ने एक ऐसे आपराधिक गिरोह का बचाव किया था, जिस पर ईशनिंदा के आरोपों का इस्तेमाल करके पीड़ितों को ब्लैकमेल करने का आरोप था। अख़बार ने बताया कि कथित तौर पर इस गिरोह को अशरफ़ी का भाई चलाता था। इस बीच, यूके के अख़बार 'टेलीग्राफ़' ने 24 सितंबर को रिपोर्ट दी कि अशरफ़ी ने एक ऐसे आपराधिक गिरोह का बचाव किया था, जिस पर ईशनिंदा के आरोपों का इस्तेमाल करके पीड़ितों को ब्लैकमेल करने का आरोप था। अख़बार ने बताया कि कथित तौर पर इस गिरोह को अशरफ़ी का भाई चलाता था।
Shubman Gill की नजरें Clean Sweep पर, तीसरे ODI में Ravindra Jadeja की फॉर्म पर टिकी नजर
पहले दो मैच में जीत हासिल करके क्लीन स्वीप की दहलीज पर खड़ी भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपनी गेंदबाजी की गुत्थी सुलझानी होगी जिसमें अनुभवी रविंद्र जडेजा के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। भारत ने सीरीज में दबदबा बनाए रखा है, लेकिन उनके प्रदर्शन के बजाय चर्चा पिच के बल्लेबाजी के अनुकूल होने पर केंद्रित रही है, क्योंकि पिछले वनडे में 800 से अधिक रन बने थे।
इन परिस्थितियों की आलोचना करने वालों में भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हैं, जो बल्ले और गेंद के बीच संतुलन देखना चाहते हैं। सीरीज में पहले ही अजेय बढ़त ले चुकी भारतीय टीम अब अपने गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन गेंदबाजी कमजोर रही है।
दोनों मैचों में पहले 10 ओवरों में सिर्फ एक विकेट मिला है और दोनों पावरप्ले में 177 रन लुटाए गए। भारत को बीच के ओवरों में भी विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कुलदीप यादव को अन्य गेंदबाजों से ज्यादा सहयोग नहीं मिल रहा है। जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पिछले आठ मैचों में सिर्फ तीन विकेट लिए हैं। गिल बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज का 2024 से घरेलू वनडे मैचों में औसत 79.3 है और इस सीरीज में वह पहले ही एक शतक और एक दोहरा शतक लगा चुके हैं। गिल की नाबाद 223 रन की पारी की मदद से भारत ने पिछले मैच में रिकॉर्ड 406 रन का लक्ष्य हासिल किया था।
रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी इस सीरीज में उपयोगी पारियां खेलने का मौका मिला। लेकिन अब तक केवल चार भारतीय बल्लेबाजों को ही बल्लेबाजी का मौका मिला है। केएल राहुल, नमन धीर और जडेजा ने अभी तक बल्लेबाजी नहीं की है। भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या गेंदबाजी आक्रमण है। प्रसिद्ध कृष्णा बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग (मांसपेशियों में खिंचाव) में चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है।
मोहम्मद सिराज को पहले दो मैच में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन वह इस मैच में वापसी कर सकते हैं। हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज ने श्रीलंका दौरे के बाद से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय नहीं पकड़ी है। वह हालांकि सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी छाप छोड़ने के लिए उत्सुक होंगे। भारत के वनडे तेज गेंदबाजी आक्रमण में जगह पाने की होड़ लगातार बढ़ती जा रही है।
गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध और आकिब नबी जैसे खिलाड़ी भी दावेदारों में शामिल हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह की जगह पक्की बनी हुई है। इसलिए युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह आखिरी वनडे मैच इस साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले अपनी दावेदारी मजबूत करने का एक और मौका होगा। मुल्लांपुर में पहली बार पुरुषों का वनडे मैच खेला जा रहा है, ऐसे में गेंदबाजों को उम्मीद होगी कि यहां की पिच तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी की पिचों की तुलना में अधिक मददगार साबित होगी।
वेस्टइंडीज भले ही सीरीज हार चुका है लेकिन उसके बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जॉन कैंपबेल ने दोनों मैचों में टीम को विस्फोटक शुरुआत दी है, वहीं कप्तान शाई होप ने सही समय पर तेजी दिखाने से पहले पारी को संवारने की अहम भूमिका निभाई है। हालांकि उसकी टीम शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज़ और कीमो पॉल से उपयोगी योगदान की उम्मीद करेगी।
टीम इस प्रकार हैं:
भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।
वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टि, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्डे, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, विटेल लॉज़, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









