कई राज खुलने बाकी, विमान में हुई लड़ाई का क्या है कनेक्शन; हमलावर पायलट पर भी चुप्पी
हवा में उड़ते विमान में पायलटों में हुई लड़ाई को लेकर अभी कई राज खुलने बाकी हैं। जहां एक तरफ हमला करने वाले पायलट की पहचान पर अभी तक चुप्पी है। वहीं, इस हमले के कनेक्शन को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है।
Middle East में पेंटागन का बड़ा कदम, Saudi Arabia और कतर में भेजे Patriot सिस्टम
अमेरिका और ईरान के बीच बड़े पैमाने पर संभावित सैन्य टकराव की तैयारी के बीच, अमेरिकी सेना ने सऊदी अरब और कतर में दो अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल बैटरी तैनात की हैं। इससे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से जुड़े अहम ठिकानों की सुरक्षा मजबूत होगी। Axios की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिसमें दो अमेरिकी अधिकारियों और क्षेत्र के एक जानकार का हवाला दिया गया है, यह तैनाती सऊदी और कतरी अधिकारियों की चिंताओं के बाद की गई है। उन्हें डर है कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े हमले फिर से शुरू करता है, तो तेहरान उनके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना सकता है। Axios ने बताया कि एक पैट्रियट यूनिट को सऊदी अरब में एक बड़े तेल ठिकाने की सुरक्षा के लिए भेजा गया, जबकि दूसरी यूनिट को कतर में गैस की एक मुख्य सुविधा की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया। यह कदम खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा नेटवर्क के सामने मौजूद खतरों को उजागर करता है, खासकर तब जब अमेरिका-ईरान युद्ध फिर से तेज हो जाए। इससे पहले अगस्त में, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमले सहित एक बड़े हमले पर विचार किया था, तो सऊदी अरब और कतर के प्रमुखों ने कथित तौर पर उनसे इस रणनीति के खिलाफ अपील की थी।
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उन्हें डर था कि ईरान जवाबी कार्रवाई में उनके पेट्रोलियम और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकता है, जैसा कि Axios ने बताया है। इस क्षेत्र में पेट्रोलियम या गैस साइटों पर किसी भी बड़े हमले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के अस्थिर होने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर दबाव बढ़ने का खतरा है, खासकर तब जब तनाव के कारण समुद्री रास्तों से होने वाले अहम व्यापारिक परिवहन में बाधा आए। पेट्रियट सिस्टम की अतिरिक्त तैनाती ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी एयर डिफेंस स्टॉकपाइल पर दबाव बढ़ रहा है। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से पेट्रियट बैटरी, और खासकर उनकी इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग काफी बढ़ गई है। 'सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़' के एक आकलन से पता चला है कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान भारी इस्तेमाल के कारण US के पैट्रियट इंटरसेप्टर का स्टॉक 1,000 यूनिट से भी कम हो गया है। इस बीच, पेंटागन मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और उस इलाके में अतिरिक्त नौसैनिक जहाज, लड़ाकू जेट और सैनिक भेज रहा है। हजारों US मरीन को ले जा रहा 'मेकिन आइलैंड एम्फीबियस रेडी ग्रुप' भी इसी तरह उस इलाके में पहुंच गया है, जिससे मध्य पूर्व में वाशिंगटन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी और मजबूत हुई है।
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पैट्रियट एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम एक ज़मीन-आधारित सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं सैनिकों और अहम ठिकानों को हवा से होने वाले खतरों से बचाने के लिए करती हैं। US सेना का कहना है कि पैट्रियट विमानों, क्रूज़ मिसाइलों और टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला कर सकता है; इसकी ऑपरेशनल बैटरी एक रडार नेटवर्क, एक एंगेजमेंट कंट्रोल स्टेशन और मिसाइल लॉन्चर पर आधारित होती है।
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