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RSS प्रमुख Mohan Bhagwat बोले: धर्म और राष्ट्र एक-दूसरे के पूरक, संकट में दुनिया को भारत से राह की उम्मीद

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि भारत में धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं हैं तथा दुनिया के सामने मौजूद कई चुनौतियों से निपटने में देश की विशाल ज्ञान-परंपरा की भूमिका रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख ने अखिल भारतीय विहार सेवा समूह के 14वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया विकास और पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक जीवन, तथा धार्मिक आस्था और संघर्ष के बीच विरोधाभासों से जूझ रही है। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे विकास बढ़ता है, पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।

वहीं, जहां पर्यावरण की रक्षा करनी होती है, वहां विकास नहीं हो पाता। जैसे-जैसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता बढ़ती है, परिवार बिखर रहे हैं। समाज में भी विघटन हो रहा है।” भागवत ने कहा कि भारत की ऐतिहासिक परंपरा रही है कि वह दूसरे देशों पर विजय हासिल किए बिना या लोगों का धर्मांतरण किए बगैर अपना ज्ञान साझा करता रहा है।

उन्होंने कहा, “दुनिया जानती है कि रास्ता भारत से निकलेगा।” उन्होंने कहा कि भारत के पास एक विशाल ज्ञान परंपरा है जिसमें वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, गीता, जैन आगम, त्रिपिटक, गुरु ग्रंथ साहिब और संतों की शिक्षाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा, हमारे देश के पास ज्ञान का एक बहुत बड़ा खजाना है, जिसकी आज दुनिया को जरूरत है। भागवत के अनुसार, इस ज्ञान को आगे बढ़ाने वाले लोगों के जीवन और परंपराओं की रक्षा करना केवल एक धार्मिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि मानवता की सेवा है।

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भागवत ने यहां कहा, “हमारा राष्ट्र और धर्म अलग नहीं हैं। राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखने में मदद करता है। दोनों एक-दूसरे पर निर्भर हैं।

अगर एक है तो दूसरा भी है और अगर एक नहीं है तो दूसरा भी नहीं है।” उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्र कमजोर होता है तो धर्म भी खतरे में पड़ जाता है। भागवत ने कहा, “अगर धर्म का पालन कमजोर पड़ता है, तो दोनों को साथ-साथ सही तरीके से आगे बढ़ाना होगा। यह हमारी जिम्मेदारी बन जाती है।” उन्होंने कहा कि भारतीय दृष्टिकोण केवल किसी एक वर्ग के कल्याण तक सीमित नहीं है।

भागवत ने कहा, “हमारे पूर्वजों ने पूरे विश्व के कल्याण के बारे में सोचा। हम कहते हैं कि सभी सुखी रहें। हम यह नहीं मानते कि कुछ लोग समृद्ध हों और कुछ नहीं।

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यहां ऐसा कोई दोहरा मापदंड नहीं है।” उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोग लगातार पीड़ित रहते हैं तो “अधिक से अधिक लोगों का अधिकतम कल्याण” का विचार भी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, “भले ही अधिकतम संख्या में लोग खुश हों लेकिन अगर कुछ लोग भी पीड़ित हैं, तो उनका दुख सभी की खुशी को नष्ट कर देता है।” भागवत ने यह भी कहा कि दुनिया में मौजूद संघर्षों और दुविधाओं का समाधान किसी एक पक्ष को दूसरे की कीमत पर चुनकर नहीं किया जा सकता। उन्होंने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामूहिक जीवन के बीच के तनाव का जिक्र करते हुए कहा, अगर समूह को एकजुट रखना है, तो ऐसा लगता है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता को दबाना होगा।

उन्होंने कहा, “अगर धार्मिक आस्था बढ़ती है तो यह पता नहीं कि आस्था कितनी बढ़ती है, लेकिन कट्टरता जरूर बढ़ती है। इससे लोगों के बीच संघर्ष पैदा होते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत ने करीब 3,000 वर्षों से “किसी देश को जीते बिना, किसी का धर्मांतरण किए बिना और किसी पर हमला किए बिना” सुख और शांति का मार्ग दिखाया है। आरएसएस प्रमुख ने कहा, “इसलिए लोगों को हमसे उम्मीदें हैं।” उन्होंने कहा कि पूर्ण समर्पण में असाधारण शक्ति होती है।

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भागवत ने कहा, “समर्पण की शक्ति से व्यक्ति दिव्यता का अनुभव कर सकता है। समर्पण का मतलब सब कुछ अर्पित कर देना है। दुनिया कहेगी कि आपके पास कुछ नहीं बचा।

लेकिन जो लोग समर्पण करते हैं, वे जानते हैं कि जब समर्पण पूर्ण हो जाता है, तो सब कुछ आपके पास आ जाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि भक्ति की शक्ति से परमात्मा के करीब पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर समर्पण किसी महान और दिव्य लक्ष्य, किसी अच्छे कार्य या किसी पवित्र उद्देश्य के लिए हो, तो यह व्यक्ति के जीवन को स्वर्ग जैसा बना देता है।” भागवत ने कहा कि जैन आध्यात्मिक परंपरा को संरक्षित करने के लिए काम कर रहे लोग ऐसा कार्य कर रहे हैं जिसका महत्व उनके समुदाय से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा, “आप केवल एक जीवन की रक्षा नहीं कर रहे हैं।

आप पूरी मानव जाति के सुरक्षित भविष्य की रक्षा कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि संतों और आध्यात्मिक साधकों के जीवन के जरिए संरक्षित ज्ञान उनसे ग्रहण कर दुनिया तक पहुंचाना होगा। भागवत ने जैन समुदाय के सदस्यों से कहा कि वे जहां भी जाएं, आरएसएस के स्थानीय कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहें, ताकि स्वयंसेवक उनकी व्यवस्थाओं में मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवक बिना किसी अपेक्षा के देश की सेवा करते हैं।

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Mumbai के Shivaji Park में CEC के खिलाफ कॉजपा के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा बढ़ी

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार को शिवाजी पार्क के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद कॉजपा ने प्रदर्शन का आह्वान किया है। पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने शाम चार बजे प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले मध्य मुंबई में दादर स्टेशन और शिवाजी पार्क मैदान के आसपास सुरक्षा कड़ी की है।

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एक अधिकारी ने बताया कि किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों के सुरक्षा कर्मियों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि शिवाजी पार्क की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर व्यापक स्तर पर बैरिकेड भी लगाए गए हैं। इस बीच, इलाके के निवासियों ने अपने पड़ोस में प्रदर्शन आयोजित किए जाने का कड़ा विरोध किया है।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, ‘‘प्रस्तावित प्रदर्शन हमारे इलाके की शांति और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। वे इसे जबरन आयोजित करने की कोशिश कर रहे हैं। आवासीय क्षेत्र में इस तरह के प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’’ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नजदीकी दादर इलाके में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

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इससे पहले दिन में, कॉजपा के संयोजक अभिजीत दीपके ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर दक्षिण मुंबई में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

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6 छक्के, 44 की उम्र में युवराज सिंह का गदर... शारजाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली विस्फोटक पारी

Yuvraj Singh hits 6 sixes: शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 के मुकाबले में इंडिया चैंपियंस के कप्तान युवराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आतिशी पारी खेलते हुए महफिल लूट ली. शुरुआती झटकों के बाद युवराज ने नमन ओझा और यूसुफ पठान के साथ मिलकर पारी को संभाला. उन्होंने मात्र 44 गेंदों पर 5 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 71 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसके दम पर भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 196 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया.जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 150 रन पर ढेर हो गई और मैच 46 रन से हार गई. Sun, 4 Oct 2026 06:23:36 +0530

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CEC Gyanesh Kumar News: ज्ञानेश कुमार पर आ गई बड़ी खबर! Gyanesh Kumar | Election Commission #tmktech #vivo #v29pro
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