Turning Point: वो 6 गेंदें जिसने छीनी भारत से जीत, वेस्टइंडीज के लिए बना मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट
IND vs WI 3rd ODI Turning Point: तीन वनडे मैचों की सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया को 5 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा. मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने रिकॉर्ड रनचेज करते हुए 10 रन रहते 352 रन बनाकर मैच को अपने नाम कर लिया. आइए जानते हैं क्या रहा मैच का टर्निंग पॉइंट.
रिपोर्ट- AI से मिनटों में साइबर अटैक, सरकारें टॉप टारगेट:डिफेंस सेक्टर में रैनसमवेयर पांच गुना बढ़ा; वॉइस फिशिंग 502% बढ़ी, क्यूआर फिशिंग के 14.5 करोड़ हमले
AI ने काम की स्पीड बढ़ाने के साथ साइबर अटैक की रफ्तार भी कई गुना बढ़ा दी है। पहले किसी सिस्टम पर हमला करने में हमलावरों को कई दिन लगते थे, लेकिन अब AI की मदद से सिस्टम की कमजोरियां खोजने और जानकारी चुराने का काम बहुत तेजी से हो रहा है। माइक्रोसॉफ्ट की डिजिटल डिफेंस रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, भारत दुनिया के टॉप-7 साइबर प्रभावित देशों में शामिल है। दुनिया भर में ट्रैक किए गए साइबर खतरों में भारत की हिस्सेदारी 2.5% रही। बीते एक साल में रैनसमवेयर अटैक पांच गुना बढ़े हैं। ऑनलाइन शॉपिंग और वेब ब्राउजिंग के दौरान फेक कैप्चा दिखाकर यूजर के सिस्टम को हैक किया जा रहा है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स जैसी सेवाओं पर फोन करके या खुद को आईटी सपोर्ट बताकर कंपनियों को निशाना बनाया जा रहा है। एक साल में टीम्स पर वॉइस फिशिंग 502% बढ़ी, जबकि फेक कैप्चा वाले हमले करीब 8 गुना बढ़ गए। ट्रेंड बदला… इन तीन तरीकों से हो रहे ज्यादा साइबर हमले 1. क्यूआर कोड: ईमेल या पीडीएफ में क्यूआर कोड भेजा जाता है। यूजर इसे स्कैन करते ही साइबर हमले का शिकार हो सकता है। एक साल में माइक्रोसॉफ्ट ने 14.5 करोड़ क्यूआर फिशिंग हमले पकड़े। 2. फेक कैप्चा: वेबसाइट पर ‘मैं रोबोट नहीं हूं’ या फर्जी एरर/अपडेट का मैसेज दिखाकर यूजर से एक कमांड कॉपी-पेस्ट करवाई जाती है। 11 लाख डिवाइस पर ऐसी गतिविधि मिली। 3. बॉस या एचआर बनकर हमला: हमलावर अब केवल बैंक या कंपनी की कॉपी नहीं करते, बल्कि कर्मचारी के बॉस, एचआर, पेरोल टीम, वेंडर या बिजनेस पार्टनर की पहचान बनाकर हमला करते हैं। अप्रैल-जून 2026 में रिपोर्ट किए गए 85% फिशिंग ईमेल में किसी की पहचान की कॉपी की गई थी। पहली बार… AI के चलते इस तरह के साइबर अटैक बिना मदद 32-स्टेप का अटैक: कई AI एजेंट ने मिलकर एक कंपनी के नेटवर्क पर 32 स्टेप वाला साइबर हमले का प्लान बनाया और उसे खुद पूरा किया। सर्वर और यूजर अकाउंट को कंट्रोल में लिया गया। यह हमला लैब टेस्ट में हुआ। ऑटोमेटेड रैनसमवेयर वसूली: जुलाई 2026 में ‘जेडपफर’ नाम से पहला ऑटोमेटेड रैनसमवेयर सामने आया। यानी AI सिर्फ हमले में मदद नहीं कर रहा, बल्कि रैनसमवेयर की पूरी प्रक्रिया को खुद चलाने की दिशा में बढ़ रहा है। सॉफ्टवेयर कमजोरी पर तुरंत हमला: सॉफ्टवेयर में कमजोरी मिलने के बाद उस पर साइबर अटैक का औसत समय 24 घंटे से भी कम हो गया है। पहले कंपनियों को ऐसी कमजोरी ठीक करने के लिए ज्यादा समय मिल जाता था। डिजिटल वर्कफोर्स: 2 साल में 130 करोड़ होंगे AI एजेंट कंपनियों में AI एजेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। 88% कंपनियां AI एजेंट आजमा रही हैं, जबकि 82% लीडर अगले 12 से 18 महीने में इनका इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दो साल में AI एजेंट की संख्या 130 करोड़ तक पहुंच सकती है। AI एजेंट ईमेल, कैलेंडर, सिस्टम अपडेट और डेटा एक्सेस जैसे काम कर सकते हैं। इनकी संख्या बढ़ने के साथ साइबर खतरा भी बढ़ रहा है। किसी AI एजेंट पर हमला होने पर उससे जुड़े सिस्टम और डेटा तक भी पहुंच बनाई जा सकती है। ----------------------------- यह खबरें भी पढ़ें… IIT बॉम्बे टॉपर्स की पहली पसंद:टॉप-500 में से 183 छात्रों ने एडमिशन लिया, कंप्यूटर साइंस पसंदीदा कोर्स; एयरोस्पेस को किसी ने नहीं चुना IIT-JEE 2026 में भी IIT बॉम्बे टॉपर्स की पहली पसंद रहा। टॉप-100 में 68 और टॉप-500 तक रैंक पाने वाले 183 छात्रों ने IIT बॉम्बे में दाखिला लिया। यह जानकारी IIT-JEE 2026 की ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई है। इस बार JEE एडवांस का आयोजन IIT रुड़की ने किया था। पूरी खबर पढ़ें…
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