Responsive Scrollable Menu

Chandigarh Mayor Election: BJP का क्लीन स्वीप, INDIA गठबंधन की आपसी फूट से मिली बड़ी जीत

चंडीगढ़ नगर निगम में महापौर, वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के चुनाव गुरुवार (29 जनवरी) को हुए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और हाथ उठाकर मतदान के जरिए फैसला हुआ। भाजपा उम्मीदवार सौरभ जोशी महापौर पद पर विजयी हुए, उन्हें 18 वोट मिले जो 35 सदस्यीय विधानसभा में उनकी पार्टी के पार्षदों की संख्या के बराबर है। सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुई खुली मतदान प्रक्रिया ने लॉटरी की आवश्यकता के बिना ही चुनाव पूर्व गतिरोध को समाप्त कर दिया, जिससे अटकलों का अंत हुआ।

इसे भी पढ़ें: INDIA Alliance में पहली बड़ी दरार? Chandigarh में Congress-AAP की जंग ने BJP को जिताया

जसमनप्रीत सिंह वरिष्ठ उप महापौर चुने गए

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा उम्मीदवार जसमनप्रीत सिंह ने वरिष्ठ उप महापौर का पद जीत लिया है, जिससे सौरभ जोशी की महापौर जीत के बाद भाजपा की पकड़ और मजबूत हो गई है। यह जीत तीन उम्मीदवारों के बीच हुए मुकाबले में मिली है, जो महापौर चुनाव की स्थिति को दर्शाती है।

सुमन शर्मा उप महापौर पद पर चुनी गईं

भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार सुमन शर्मा चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में नई उप महापौर चुनी गई हैं।

इसे भी पढ़ें: Chandigarh mayoral elections: आम आदमी पार्टी ने अकेले चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा की

महापौर पद के लिए मतदान का विवरण

सौरभ जोशी (भाजपा) को 18 वोट मिले, आम आदमी पार्टी के योगेश ढिंगरा को 11 और कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गब्बी को 7 वोट मिले—जिनमें मौजूदा सांसद मनीष तिवारी का समर्थन भी शामिल है। भाजपा के वोटों की संख्या 35 सदस्यीय सदन में उसके 18 पार्षदों की संख्या के बराबर है।
पारदर्शी हाथ उठाकर मतदान प्रक्रिया
चुनाव में गुप्त मतदान की जगह हाथ उठाकर मौखिक पुष्टि की गई, जिसकी देखरेख मनोनीत पार्षद रामनीक सिंह बेदी ने पीठासीन अधिकारी के रूप में की। इस खुली पद्धति से भाजपा के 18, आम आदमी पार्टी के 11, कांग्रेस के 6 सदस्यों और सांसद के पदेन वोट के कारण क्रॉस-वोटिंग का खतरा कम हो गया।

Continue reading on the app

फ्रांस ने निकाल फेंकी अमेरिकी कंपनी, अपनाया स्वदेशी

फ्रांस में सांसद कह रहे हैं नाटो छोड़ो ब्रिटेन अमेरिका की डिफेंस कंपनियों की जांच कर रहा है। यूरोप कह रहा है कि हमें यूएस की जरूरत ही क्या है? मतलब साफ है यूरोप अब अमेरिका की छाया से बाहर निकलना चाहता है।  दरअसल फ्रांस के अंदर इस समय पार्लियामेंट लेवल पर खुली बहस चल रही है। मांग क्या है? मांग यह है कि एक ऐसा कानून लाया जाए जिससे फ्रांस नाटो से पूरी तरह पुल आउट कर सके। तर्क बेहद सीधा है। हमारी सुरक्षा, हमारी डिफेंस और हमारी रणनीति सब कुछ हम खुद तय करेंगे। अमेरिका नहीं। फ्रांस का कहना है कि हम डिफेंस के मामले में पूरी तरह स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी चाहते हैं। अब बात सिर्फ नाटो की नहीं रह गई। फ्रांस ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। फ्रांसीसी सेना और डिफेंस कॉम्प्लेक्स से अमेरिकी सॉफ्टवेयर हटाए गए। Microsoft और अन्य यूएस टेक कंपनियां सरकारी संस्थानों से बाहर कर दिए गए। उनकी जगह फ्रेंच इंडीजीनियस सॉफ्टवेयर लगाए गए। मतलब जो काम भारत डिजिटल संप्रभुता के नाम पर कर रहा था वही अब यूरोप भी कर रहा है। अब आइए ब्रिटेन व ब्रिटेन ने भी अमेरिका को सीधा संदेश दे दिया है। अमेरिकी डिफेंस सॉफ्टवेयर कंपनी पैेंटर जिसे हाल ही में बड़े कांटेक्ट मिले थे।

इसे भी पढ़ें: क्या Trump के खिलाफ बन रहा है नया Global Alliance? EU-Canada ने भारत के साथ की मेगा डील

यूएस पार्लियामेंट की ऑल पार्टी कमेटी इन कांटेक्ट्स की जांच कर रही है। सिर्फ एक ही सॉफ्टवेयर नहीं अमेरिका से खरीदे गए हथियार, डिफेंस सिस्टम सब पर जांच शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट कहती है कि आने वाले समय में कई कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल हो सकते हैं। अब सबसे बड़ा और सबसे खतरनाक मुद्दा पूरे यूरोप में चर्चा चल रही है। नाटो खत्म करो, यूरोपियन आर्मी बनाओ। तर्क क्या है? तर्क यह है कि फ्रांस के पास न्यूक्लियर वेपन है, ब्रिटेन के पास न्यूक्लियर वेपन है। इसके अलावा यूरोप के पास न्यूक्लियर सबमरींस है, एडवांस एयरफोर्स है और वर्ल्ड क्लास आर्म कंपनीज़ हैं। तो सवाल उठ रहा है कि हमें अमेरिका की जरूरत ही क्या है? यूरोप कह रहा है कि हम अपनी सुरक्षा खुद कर सकते हैं। अमेरिकी फौजों को अपने देश से बाहर करो। अमेरिका कितना घबराया गया है। नाटो चीफ मार्क रूटे का बयान आया। यूरोप अमेरिका के बिना कुछ नहीं कर सकता है। यूरोप अपनी सुरक्षा खुद तय कर सकता है। 

इसे भी पढ़ें: EU to India: पुतिन को रोके भारत, यूरोप ने मांगी मोदी से मदद

मतलब 70 से 80 साल पुराना डर फिर से दिखाया जा रहा है। अमेरिका के बिना तुम असहाय हो। यह कहना है मार्क लूटे का। इसके अलावा उन्होंने कहा नाटो से बाहर मत निकलना। यूरोपियन आर्मी सिर्फ सपना है। और अब सुनिए फ्रांस का जवाब नाटो चीफ को। फ्रांस ने कहा यूरोप हजारों साल पुरानी सभ्यता है। नाटो कुछ दशकों पुरान संगठन है। फ्रांस ने नाटो को 1966 की याद दिलाई। 1966 से 2009 तक 43 साल फ्रांस नाटो से बाहर रहा। उस समय सोवरन यूनियन था। कोल्ड वॉर चरम पर थी। फिर भी फ्रांस ने अपनी सुरक्षा खुद की किसी अमेरिका की जरूरत नहीं पड़ी। फ्रांस ने साफ कहा हमने पहले भी किया है। आगे भी कर सकते हैं और इस बार पूरा यूरोप साथ है। इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में एक ही नाम डोनाल्ड ट्रंप है। पिछले एक साल में नाटो को खुलेआम धमकाया ट्रंप ने।

Continue reading on the app

  Sports

3 ओवर में 59 रन... दुनिया के खूंखार तेज गेंदबाज के नाम जुड़ा शर्मनाक रिकॉर्ड, वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने बेरहमी से पीटा

Anrich Nortje unwanted records: साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्किया के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड जुड़ गया. नॉर्किया ने इस दौरान अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. मौजूदा समय में दुनिया के सबसे खूंखार तेज गेंदबाजों में शुमार नॉर्किया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 3 ओवर में 59 रन लुटा दिए. इससे पहले उन्होंने साल 2024 में विंडीज के खिलाफ 47 रन खर्च करने का अनचाहा रिकॉर्ड बनाया था. नॉर्किया के एक ओवर में वेस्टइंडीज के ओपनर ब्रैंडन किंग ने 24 रन बटोरे. Thu, 29 Jan 2026 23:40:04 +0530

  Videos
See all

बर्फ की चादर में लिपटा मनाली! | #manali #shorts #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T20:45:04+00:00

Supreme Court ने क्यों नकारा UGC में नया बदलाव? वकील Vishnu Shankar Jain ने किया साफ #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T20:30:01+00:00

UGC Rules Protest: सवर्णों का भारी विरोध, क्यों रद्द हुए नए नियम? | N18V Breaking News | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T21:00:31+00:00

Gold Silver Price: 2 बजते सोने चांदी पर आई होश उड़ा देने वाली खबर? Breaking | N18V | Latest News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T20:30:10+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers