Responsive Scrollable Menu

अजय देवगन की ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ और मोहनलाल की ‘दृश्यम 3’ में क्या है अंतर? जानें डिटेल्स में

अजय देवगन की ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गया है। अगर आपने मोहनलाल की ‘दृश्यम 3’ देखी है और इस मूवी को देखने का प्लान बना रहे हैं, तो दोनों के बीच क्या अंतर है, उसके बारे में जान लें।

Continue reading on the app

Egypt में स्वतंत्र मीडिया मंच Matsdaash के 6 पत्रकार गिरफ्तार, मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े होने का आरोप

न्यूयॉर्क, दो अक्टूबर (एपी) मिस्र के अधिकारियों ने देश के कुछ स्वतंत्र मीडिया संस्थानों में शामिल ‘मतसदाश’ के पूरे संपादकीय दल को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि ये पत्रकार प्रतिबंधित मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य हैं। इस सप्ताह ‘मतसदाश’ के छह पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है।

उन्होंने इसे स्वतंत्र मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ‘‘चिंताजनक कार्रवाई’’ बताया है। ‘मतसदाश’ का अरबी में अर्थ ‘‘विश्वास मत करो’’ है। अधिकारियों ने छह पत्रकारों पर प्रतिबंधित मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी वित्त पोषण के बदले एक ऑनलाइन मंच के लिए मनगढ़ंत खबरें तैयार कीं।

मंच के सह-संस्थापक अब्देलरहमान मंसूर ने मिस्र के बाहर से कहा, ‘‘ये आरोप गलत हैं।’’ करीब आठ साल पहले तथ्य-जांच मंच के रूप में शुरू हुआ ‘मतसदाश’ बाद में मिस्र और अन्य अरब देशों में खोजी पत्रकारिता करने वाला मंच बन गया। मंसूर ने कहा कि संस्थान के दो संपादकों को 2023 में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन राज्य सुरक्षा जांचकर्ताओं को मुस्लिम ब्रदरहुड से उनका कोई संबंध नहीं मिलने के बाद उन्हें बिना आरोप लगाए रिहा कर दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए यह समझना बहुत मुश्किल है कि ऐसा क्यों हो रहा है।’’ अमेरिका स्थित कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स के अनुसार, मिस्र पत्रकारों को जेल में रखने वाले दुनिया के सबसे खराब देशों में शामिल है।

मिस्र की ‘इजिप्शियन इनिशिएटिव फॉर पर्सनल राइट्स’ के अनुसार, देश में इस समय 26 पत्रकार जेल में हैं। मिस्र के गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को ‘मतसदाश’ को विदेश से संचालित होने वाला बिना लाइसेंस का एक पेज बताया। मंत्रालय ने कहा कि इसे मंसूर संचालित करते हैं, जो ‘‘फरार मुस्लिम ब्रदरहुड सदस्य’’ हैं।

मंत्रालय ने कहा कि हिरासत में लिए गए छह लोग मुस्लिम ब्रदरहुड की एक ‘‘मीडिया समिति’’ का हिस्सा थे, जो मंसूर के प्रकाशन के लिए झूठी और मनगढ़ंत खबरें तैयार करती थी। बयान के अनुसार, छह में से केवल एक पत्रकार राष्ट्रीय पत्रकार संघ ‘जर्नलिस्ट्स सिंडिकेट’ का सदस्य है। मंत्रालय ने कहा कि कानूनी कार्रवाई की गई है, लेकिन आरोपों का स्पष्ट विवरण नहीं दिया।

सभी के मोबाइल फोन और कंप्यूटर जब्त कर लिए गए। ‘इजिप्शियन इनिशिएटिव फॉर पर्सनल राइट्स’ ने कहा कि सभी छह पत्रकारों के ठिकाने की जानकारी नहीं है। संगठन ने कहा, ‘‘उन्हें अपने परिवार या कानूनी टीम से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई है।’’ संगठन के अनुसार, मिस्र में पहली बार किसी न्यूजरूम के सभी सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

2018 में ऑनलाइन मंच के रूप में स्थापित ‘मतसदाश’ की मिस्र में उल्लेखनीय पाठक संख्या है। देश में स्वतंत्र मीडिया पर कई तरह के प्रतिबंध हैं तथा समाचार पत्रों और टेलीविजन नेटवर्क पर सरकारी सेंसरशिप और निगरानी आम है। ‘मतसदाश’ की वेबसाइट मिस्र में अवरुद्ध है, लेकिन उसके फेसबुक पेज के 10 लाख से अधिक फॉलोअर हैं।

80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मानवाधिकार संगठनों, नागरिक समाज संगठनों तथा स्वतंत्र मीडिया संस्थानों ने मिस्र के अधिकारियों से पत्रकारों को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने स्वतंत्र मीडिया पर बढ़ती कार्रवाई की निंदा की। ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ और ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ समेत संगठनों द्वारा हस्ताक्षरित याचिका में कहा गया, ‘‘मतसदाश वर्षों से खुले तौर पर काम करता रहा है और मिस्र से जुड़े जनहित के विभिन्न मुद्दों पर विश्वसनीय तथा सटीक रिपोर्टिंग के लिए उसने प्रतिष्ठा बनाई है।’’ मिस्र में सरकार के आलोचकों पर मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े होने का आरोप लगाया जाना आम है।

2013 में तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को सेना द्वारा सत्ता से हटाए जाने के बाद मिस्र ने इस संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। तब से मिस्र के अधिकारी अक्सर पत्रकारों और आलोचकों पर मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े होने या झूठी खबरें फैलाने के आरोप लगाते रहे हैं। मिस्र में 1928 में स्थापित मुस्लिम ब्रदरहुड की शुरुआत ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक सामाजिक और धार्मिक आंदोलन के रूप में हुई थी।

बाद में यह सुन्नी मुस्लिम जगत के सबसे प्रभावशाली इस्लामी आंदोलनों में शामिल हो गया और कई देशों में इसकी शाखाएं स्थापित हुईं। मिस्र की सरकार ने दशकों के दौरान कभी संगठन को काम करने की अनुमति दी और कभी उसका दमन किया। कुछ समय के लिए संगठन को चुनावों में उम्मीदवार उतारने की भी अनुमति मिली थी।

मुस्लिम ब्रदरहुड अब जॉर्डन में प्रतिबंधित है और कई देशों ने इसकी शाखाओं को आतंकवादी संगठन घोषित किया है।

Continue reading on the app

  Sports

Asian Games: बचपन में उठा मां-बाप का साया, अपनों के प्यार और अखाड़े की तपस्या से अब अमन सहरावत ने देश को दिलाया गोल्ड

एशियन गेम्स 2026 के 15वें दिन अमन सहरावत ने कुश्ती में भारत को 20वां गोल्ड मेडल दिलाया है. फाइनल में अमन का सामना नॉर्थ कोरिया के चोंग सोंग से हुआ था. अमन ने मैच में शुरुआत दमदार की थी, लेकिन दूसरे हाफ में उन्होंने पकड़ खो दी. हालांकि, अंतिम क्षणों में अमन ने दमदार वापसी करते हुए 11-7 से जीत हासिल की. Sat, 3 Oct 2026 16:12:07 +0530

  Videos
See all

Breaking News : माफिया अतीक के रिश्तेदार पर बुलडोजर कार्रवाई | Bulldozer Action | Atiq Ahmed #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-03T10:44:26+00:00

Jantar Mantar Protest: Delhi के जंतर मंतर पर Gyanesh Kumar के खिलाफ आंदोलन तेज | Delhi Police | EC #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-03T10:43:52+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers