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Egypt में स्वतंत्र मीडिया मंच Matsdaash के 6 पत्रकार गिरफ्तार, मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े होने का आरोप

न्यूयॉर्क, दो अक्टूबर (एपी) मिस्र के अधिकारियों ने देश के कुछ स्वतंत्र मीडिया संस्थानों में शामिल ‘मतसदाश’ के पूरे संपादकीय दल को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि ये पत्रकार प्रतिबंधित मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य हैं। इस सप्ताह ‘मतसदाश’ के छह पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है।

उन्होंने इसे स्वतंत्र मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर ‘‘चिंताजनक कार्रवाई’’ बताया है। ‘मतसदाश’ का अरबी में अर्थ ‘‘विश्वास मत करो’’ है। अधिकारियों ने छह पत्रकारों पर प्रतिबंधित मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी वित्त पोषण के बदले एक ऑनलाइन मंच के लिए मनगढ़ंत खबरें तैयार कीं।

मंच के सह-संस्थापक अब्देलरहमान मंसूर ने मिस्र के बाहर से कहा, ‘‘ये आरोप गलत हैं।’’ करीब आठ साल पहले तथ्य-जांच मंच के रूप में शुरू हुआ ‘मतसदाश’ बाद में मिस्र और अन्य अरब देशों में खोजी पत्रकारिता करने वाला मंच बन गया। मंसूर ने कहा कि संस्थान के दो संपादकों को 2023 में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन राज्य सुरक्षा जांचकर्ताओं को मुस्लिम ब्रदरहुड से उनका कोई संबंध नहीं मिलने के बाद उन्हें बिना आरोप लगाए रिहा कर दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए यह समझना बहुत मुश्किल है कि ऐसा क्यों हो रहा है।’’ अमेरिका स्थित कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स के अनुसार, मिस्र पत्रकारों को जेल में रखने वाले दुनिया के सबसे खराब देशों में शामिल है।

मिस्र की ‘इजिप्शियन इनिशिएटिव फॉर पर्सनल राइट्स’ के अनुसार, देश में इस समय 26 पत्रकार जेल में हैं। मिस्र के गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को ‘मतसदाश’ को विदेश से संचालित होने वाला बिना लाइसेंस का एक पेज बताया। मंत्रालय ने कहा कि इसे मंसूर संचालित करते हैं, जो ‘‘फरार मुस्लिम ब्रदरहुड सदस्य’’ हैं।

मंत्रालय ने कहा कि हिरासत में लिए गए छह लोग मुस्लिम ब्रदरहुड की एक ‘‘मीडिया समिति’’ का हिस्सा थे, जो मंसूर के प्रकाशन के लिए झूठी और मनगढ़ंत खबरें तैयार करती थी। बयान के अनुसार, छह में से केवल एक पत्रकार राष्ट्रीय पत्रकार संघ ‘जर्नलिस्ट्स सिंडिकेट’ का सदस्य है। मंत्रालय ने कहा कि कानूनी कार्रवाई की गई है, लेकिन आरोपों का स्पष्ट विवरण नहीं दिया।

सभी के मोबाइल फोन और कंप्यूटर जब्त कर लिए गए। ‘इजिप्शियन इनिशिएटिव फॉर पर्सनल राइट्स’ ने कहा कि सभी छह पत्रकारों के ठिकाने की जानकारी नहीं है। संगठन ने कहा, ‘‘उन्हें अपने परिवार या कानूनी टीम से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई है।’’ संगठन के अनुसार, मिस्र में पहली बार किसी न्यूजरूम के सभी सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

2018 में ऑनलाइन मंच के रूप में स्थापित ‘मतसदाश’ की मिस्र में उल्लेखनीय पाठक संख्या है। देश में स्वतंत्र मीडिया पर कई तरह के प्रतिबंध हैं तथा समाचार पत्रों और टेलीविजन नेटवर्क पर सरकारी सेंसरशिप और निगरानी आम है। ‘मतसदाश’ की वेबसाइट मिस्र में अवरुद्ध है, लेकिन उसके फेसबुक पेज के 10 लाख से अधिक फॉलोअर हैं।

80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मानवाधिकार संगठनों, नागरिक समाज संगठनों तथा स्वतंत्र मीडिया संस्थानों ने मिस्र के अधिकारियों से पत्रकारों को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने स्वतंत्र मीडिया पर बढ़ती कार्रवाई की निंदा की। ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ और ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ समेत संगठनों द्वारा हस्ताक्षरित याचिका में कहा गया, ‘‘मतसदाश वर्षों से खुले तौर पर काम करता रहा है और मिस्र से जुड़े जनहित के विभिन्न मुद्दों पर विश्वसनीय तथा सटीक रिपोर्टिंग के लिए उसने प्रतिष्ठा बनाई है।’’ मिस्र में सरकार के आलोचकों पर मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े होने का आरोप लगाया जाना आम है।

2013 में तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को सेना द्वारा सत्ता से हटाए जाने के बाद मिस्र ने इस संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। तब से मिस्र के अधिकारी अक्सर पत्रकारों और आलोचकों पर मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े होने या झूठी खबरें फैलाने के आरोप लगाते रहे हैं। मिस्र में 1928 में स्थापित मुस्लिम ब्रदरहुड की शुरुआत ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरोध में एक सामाजिक और धार्मिक आंदोलन के रूप में हुई थी।

बाद में यह सुन्नी मुस्लिम जगत के सबसे प्रभावशाली इस्लामी आंदोलनों में शामिल हो गया और कई देशों में इसकी शाखाएं स्थापित हुईं। मिस्र की सरकार ने दशकों के दौरान कभी संगठन को काम करने की अनुमति दी और कभी उसका दमन किया। कुछ समय के लिए संगठन को चुनावों में उम्मीदवार उतारने की भी अनुमति मिली थी।

मुस्लिम ब्रदरहुड अब जॉर्डन में प्रतिबंधित है और कई देशों ने इसकी शाखाओं को आतंकवादी संगठन घोषित किया है।

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मोहन भागवत का 5 दिवसीय MP दौरा, इंदौर में RSS की बैठक में होंगे शामिल, 46 प्रांतों के पदाधिकारी भी जुटेंगे, 6 अक्टूबर को बालाघाट जाएंगे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत 2 से 6 अक्टूबर 2026 तक मध्य प्रदेश दौरे पर रहेंगे।  वे आज, शुक्रवार को नागपुर से सड़क मार्ग से इंदौर पहुंचेंगे।   3 से 5 अक्टूबर को इंदौर में होने वाली आरएसएस की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में शामिल होंगे। इसमें 46 प्रांतों के पदाधिकारी शामिल होंगे।

संघ शताब्दी वर्ष (1925-2025) की यह आखिरी संगठनात्मक बैठक है, जो कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में पिछले एक वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा, शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और आगे की संगठनात्मक कार्ययोजना पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा  प्रांत स्तर के पदाधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों की गतिविधियों और संगठन के कामकाज से जुड़ी रिपोर्ट साझा कर सकते हैं।

बैठक में 2027 की कार्ययोजना पर मंथन, सामाजिक समरसता और पर्यावरण कार्यक्रमों पर चर्चा होने की संभावना है। 3 दिवसीय बैठक समाप्त होने के बाद भागवत 6 अक्टूबर को बालाघाट जिले के लांजी ब्लॉक के कारंजा जाएंगे। वहां वे संघ कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

बता दें कि 1 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी बालाघाट दौरे पर थे और आज, 2 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी दो दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश आ रहे हैं, ऐसे में मोहन भागवत का मध्य प्रदेश दौरा कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि आरएसएस की स्थापना 1925 में हुई थी। आरएसएस ने पिछले साल यानि अक्टूबर 2025 में गठन के 100 वर्ष पूरे किए है। शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों का यह सिलसिला विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा,  ऐसे में  इंदौर की बैठक शताब्दी वर्ष के दौरान होने वाली प्रमुख संगठनात्मक बैठकों में अंतिम बैठक मानी जा रही है।

मोहन भागवत के 5 दिवसीय दौरे का  कार्यक्रम विवरण:

  • ​2 अक्टूबर: नागपुर से सड़क मार्ग द्वारा इंदौर आगमन।
  • 3 अक्टूबर: इंदौर में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक की शुरुआत
    4 अक्टूबर: बैठक का दूसरा दिन
    5 अक्टूबर: बैठक का तीसरा और अंतिम दिन
  • ​6 अक्टूबर (बालाघाट): बालाघाट जिले के लांजी ब्लॉक स्थित कारंजा में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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  Sports

Shubman Gill की नजरें Clean Sweep पर, तीसरे ODI में Ravindra Jadeja की फॉर्म पर टिकी नजर

 पहले दो मैच में जीत हासिल करके क्लीन स्वीप की दहलीज पर खड़ी भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपनी गेंदबाजी की गुत्थी सुलझानी होगी जिसमें अनुभवी रविंद्र जडेजा के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। भारत ने सीरीज में दबदबा बनाए रखा है, लेकिन उनके प्रदर्शन के बजाय चर्चा पिच के बल्लेबाजी के अनुकूल होने पर केंद्रित रही है, क्योंकि पिछले वनडे में 800 से अधिक रन बने थे।

 इन परिस्थितियों की आलोचना करने वालों में भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हैं, जो बल्ले और गेंद के बीच संतुलन देखना चाहते हैं। सीरीज में पहले ही अजेय बढ़त ले चुकी भारतीय टीम अब अपने गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन गेंदबाजी कमजोर रही है। 

दोनों मैचों में पहले 10 ओवरों में सिर्फ एक विकेट मिला है और दोनों पावरप्ले में 177 रन लुटाए गए। भारत को बीच के ओवरों में भी विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कुलदीप यादव को अन्य गेंदबाजों से ज्यादा सहयोग नहीं मिल रहा है। जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पिछले आठ मैचों में सिर्फ तीन विकेट लिए हैं। गिल बल्ले से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज का 2024 से घरेलू वनडे मैचों में औसत 79.3 है और इस सीरीज में वह पहले ही एक शतक और एक दोहरा शतक लगा चुके हैं। गिल की नाबाद 223 रन की पारी की मदद से भारत ने पिछले मैच में रिकॉर्ड 406 रन का लक्ष्य हासिल किया था। 

रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी इस सीरीज में उपयोगी पारियां खेलने का मौका मिला। लेकिन अब तक केवल चार भारतीय बल्लेबाजों को ही बल्लेबाजी का मौका मिला है। केएल राहुल, नमन धीर और जडेजा ने अभी तक बल्लेबाजी नहीं की है। भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या गेंदबाजी आक्रमण है। प्रसिद्ध कृष्णा बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग (मांसपेशियों में खिंचाव) में चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है। 

मोहम्मद सिराज को पहले दो मैच में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन वह इस मैच में वापसी कर सकते हैं। हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज ने श्रीलंका दौरे के बाद से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय नहीं पकड़ी है। वह हालांकि सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी छाप छोड़ने के लिए उत्सुक होंगे। भारत के वनडे तेज गेंदबाजी आक्रमण में जगह पाने की होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। 

गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध और आकिब नबी जैसे खिलाड़ी भी दावेदारों में शामिल हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह की जगह पक्की बनी हुई है। इसलिए युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह आखिरी वनडे मैच इस साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले अपनी दावेदारी मजबूत करने का एक और मौका होगा। मुल्लांपुर में पहली बार पुरुषों का वनडे मैच खेला जा रहा है, ऐसे में गेंदबाजों को उम्मीद होगी कि यहां की पिच तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी की पिचों की तुलना में अधिक मददगार साबित होगी। 

वेस्टइंडीज भले ही सीरीज हार चुका है लेकिन उसके बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जॉन कैंपबेल ने दोनों मैचों में टीम को विस्फोटक शुरुआत दी है, वहीं कप्तान शाई होप ने सही समय पर तेजी दिखाने से पहले पारी को संवारने की अहम भूमिका निभाई है। हालांकि उसकी टीम शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज़ और कीमो पॉल से उपयोगी योगदान की उम्मीद करेगी।

 टीम इस प्रकार हैं:

 भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर। 

वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टि, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्डे, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, विटेल लॉज़, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा।

Fri, 02 Oct 2026 14:04:00 +0530

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