Responsive Scrollable Menu

जवाबदेही से आजाद हुई पाक आर्मी, भारत ने UN में पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए पूछा- कहां है कानून का राज?

भारत ने ग्लोबल लेवल पर पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए उसकी सेना को दी गई बेहिसाब ताकतों पर जमकर घेरा है. संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने साफ कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरहबान में झांकना चाहिए. उन्होंने पाकिस्तान के ताजा संवैधानिक बदलावों को "संवैधानिक तख्तापलट" करार दिया.

क्या है पूरा मामला?

पाकिस्तान में नवंबर 2025 में संविधान में 27वां संशोधन किया गया था. भारत का कहना है कि इस बदलाव के जरिए वहां की सेना को इतनी पावर दे दी गई है कि वह अब लोकतंत्र से भी ऊपर हो गई है. भारत ने सवाल उठाया कि एक लोकतांत्रिक देश में सेना को इतनी आजादी कैसे दी जा सकती है कि वह सरकार पर ही हावी हो जाए.

असिम मुनीर बने पाकिस्तान के सबसे पावरफुल शख्स

इस संशोधन के बाद पाकिस्तान में सेना की ताकत और बढ़ गई है. जनरल असिम मुनीर को पाकिस्तान का पहला 'चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज' बनाया गया है. अब मुनीर के पास थलसेना, नौसेना और वायुसेना तीनों की कमान है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम का कंट्रोल भी अब उन्हीं के पास है. मुनीर जैसे शख्स के पास ये होना, अपने आप में खतरनाक है.

आजीवन कानूनी सुरक्षा पर बवाल

भारत ने पाकिस्तान के उस कानून की भी कड़ी आलोचना की है, जिसमें सैन्य अधिकारियों को प्रेसिडेंट जैसी कानूनी सुरक्षा दी गई है. अब असिम मुनीर और अन्य सेना प्रमुखों पर ताउम्र कोई केस नहीं चलाया जा सकेगा. भारत का मानना है कि इससे सेना जवाबदेही से पूरी तरह आजाद हो गई है, जो किसी भी लोकतंत्र के लिए खतरनाक है. 

भारत का पाकिस्तान को कड़ा संदेश

भारत ने साफ चेतावनी दी है कि पाकिस्तान में सेना का इस कदर हावी होना न केवल वहां के लोगों के लिए, बल्कि पूरे इलाके की शांति (Regional Stability)के लिए एक बड़ा खतरा है. भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब सेना संविधान से ऊपर हो जाती है, तो वहां कानून का राज खत्म हो जाता है.

ये भी पढ़ें- UGC का 2012 का पुराना फ्रेमवर्क फिर से लागू, उच्च शिक्षा में भेदभाव रोकने का क्या मतलब?

Continue reading on the app

पाकिस्तान में रह रहे अफगान शरणार्थियों ने अफगानिस्तान लौटने के लिए तीन महीने का समय मांगा

काबुल, 29 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान में रह रहे कई अफगान शरणार्थियों ने पाकिस्तानी सरकार और अफगान प्रशासन से बातचीत के जरिए मौजूदा समस्याओं का समाधान निकालने और उन्हें सम्मानपूर्वक तथा चरणबद्ध तरीके से अफगानिस्तान लौटने के लिए पर्याप्त समय देने की अपील की है। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

शरणार्थियों का कहना है कि तेजी से की जा रही निर्वासन कार्रवाई और बढ़ते दबाव के कारण अफगान नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अफगान शरणार्थी हाजी नजर ने पाकिस्तानी सरकार से आग्रह किया कि उन्हें तीन महीने का समय दिया जाए, ताकि वे व्यवस्थित ढंग से अपने देश लौट सकें। अफगानिस्तान स्थित टोलो न्यूज ने यह रिपोर्ट दी।

हाजी नजर ने कहा, “पाकिस्तानी सरकार को हमें तीन महीने की समय-सीमा देनी चाहिए, ताकि शरणार्थी क्रमबद्ध और चरणबद्ध तरीके से अपने देश लौट सकें। इस समय अफगान नागरिक कई तरह की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।”

शरणार्थी अधिकार कार्यकर्ता अल्लाह मीर मियाखाइल ने टोलो न्यूज से बातचीत में कहा, “सुरक्षा एजेंसियां हर जगह अफगान शरणार्थियों को गिरफ्तार कर निर्वासित कर रही हैं। अधिकांश शरणार्थियों को अपने व्यवसाय और निजी मामलों को समेटने के लिए समय चाहिए। कई परिवार प्रूफ ऑफ रजिस्ट्रेशन कार्ड के तहत पंजीकृत हैं, लेकिन अब ये कार्ड अमान्य हो गए हैं।”

शरणार्थी अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वापसी की प्रक्रिया स्वैच्छिक और धीरे-धीरे होनी चाहिए तथा इसमें अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सहयोग जरूरी है, ताकि अफगानिस्तान में एक नया मानवीय संकट पैदा न हो। एक अन्य कार्यकर्ता अली रजा करीमी ने कहा कि कई अफगान शरणार्थी बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित हैं और वैध पहचान दस्तावेजों के अभाव में अनिश्चितता की स्थिति में जीवन गुजार रहे हैं।

इससे पहले इसी महीने तालिबान ने कहा था कि पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं और पाकिस्तानी सरकार को शरणार्थियों के अधिकारों का सम्मान करने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी और उत्पीड़न बंद करना चाहिए।

तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फ़ित्रत ने एक ऑडियो संदेश में कहा, “दुर्भाग्य से पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उनके साथ उत्पीड़न और दुर्व्यवहार बढ़ रहा है, जिससे वे गंभीर मुश्किलों में फंस गए हैं।” यह बयान पझवोक अफगान न्यूज़ ने उद्धृत किया।

फ़ित्रत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य संबंधित संगठनों से शरणार्थी संरक्षण के सिद्धांतों को लागू कराने और उन देशों में हस्तक्षेप करने की अपील की, जहां शरणार्थियों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अफगान शरणार्थियों की अफगानिस्तान वापसी के लिए आर्थिक सहयोग और समर्थन आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तानी सरकार को शरणार्थी अधिकारों का सम्मान करना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी सिद्धांतों का पालन करना चाहिए और अफगान शरणार्थियों की गिरफ्तारी व उत्पीड़न बंद करना चाहिए।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

राहुल गांधी और खरगे से मिले शशि थरूर, मतभेदों की अटकलों के बीच बोले- ‘हम सब एक ही पेज पर हैं’

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। संसद भवन में खरगे के दफ्तर में हुई यह बैठक उन अटकलों के बीच हुई है, जिनमें थरूर और पार्टी आलाकमान के बीच मतभेद होने का दावा किया जा … Thu, 29 Jan 2026 20:17:07 GMT

  Videos
See all

Sunetra Pawar Deputy CM News | Ajit Pawar Plane Crash | Maharashtra Politics | Shorts | Supriya Sule #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T15:06:29+00:00

भारत में निपाह वायरस से कई देशों में चिंता [Nipah virus in India raises concerns in many countries] #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T15:14:00+00:00

News Ki Pathshala Live | Sushant Sinha | UGC पर खत्म नहीं हुई है लड़ाई..क्या नया बवाल होनेवाला है? #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T15:05:03+00:00

पार्ट-टाइम के हक पर बहस [Germany debates limiting the legal right to part-time work] #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-29T15:12:08+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers