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उमंग सिंघार ने अमित शाह से किए सवाल, बालाघाट से इंदौर तक की घटनाओं पर जवाबदेही की मांग

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अमित शाह के आने से पहले जनता और पीड़ित परिवार उनसे कई सवालों के जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने बालाघाट, सागर, छिंदवाड़ा और इंदौर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण 40 से अधिक आदिवासी बच्चों की जान गई। उन्होंने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा भी उठाया औरने आरोप लगाया कि अवैध शराब के कारोबार पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सवाल किया कि इतनी बड़ी घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने और अवैध शराब के नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए।

छिंदवाड़ा और इंदौर की घटनाओं पर भी सवाल

उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि इन त्रासदियों के बाद जिम्मेदारी तय करने के लिए सरकार ने क्या कार्रवाई की। कांग्रेस नेता ने प्रसव पीड़ा से जूझती महिलाओं को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति और सरकारी प्रचार के दावों में अंतर दिखाई देता है।

विस्थापन को लेकर भी सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने केन-बेतवा लिंक जैसी परियोजनाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर आदिवासी परिवारों के विस्थापन की स्थिति पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और जमीन-घर से जुड़े सवालों को भी उठाया। कांग्रेस नेता ने कहा कि अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे के दौरान प्रदेश की जनता इन घटनाओं और उनसे प्रभावित परिवारों के सवालों के जवाब की अपेक्षा कर रही है।

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कैप्टन स्मित हादसे के दौरान कर रहे थे हनुमान चालीसा का पाठ, PM मोदी के साथ वीडियो कॉल में किया खुलासा

Captain Smit: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हमले के बाद घायल हुए कैप्टन स्मित मच्छर इस समय अबू धाबी के अस्पताल में भर्ती हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर उनसे बातचीत कर उनकी तबीयत और घटना के दौरान उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली.

बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि फ्लाइट में हुए हमले के दौरान उन्होंने किस तरह हालात का सामना किया और उन्हें हिम्मत कैसे मिली. पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की. साथ ही कैप्टन ने यह भी बताया कि हादसे के दौरान वह क्या कर रहे थे. 

हनुमान चालीसा का कर रहे थे पाठ

पीएम मोदी से बात करते हुए फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार ने कहा कि जब भी मुझे तकलीफ होती है, तो मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं. उस समय भी, मैं बस हनुमान चालीसा का पाठ ही करता रहा. आज, आपके एक कॉल से मुझे सच में बहुत गर्व महसूस हो रहा है. 

यह भी पढ़ें: कैप्टन स्मित की तबीयत पर आया बड़ा अपडेट, अबू धाबी से राजदूत दीपक मित्तल ने दी जानकारी

 

कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा? 

फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार ने PM मोदी से कहा कि सर, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे आपसे बात करने का मौका मिलेगा. प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपनी मुश्किल घड़ी का जिक्र करते हुए कैप्टन भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं. आज आप जिस तरह मेरा हौसला बढ़ा रहे हैं, उस पर मुझे गर्व महसूस हो रहा है. मुझे कई चोटें आई थीं, लेकिन मैंने खुद से कहा कि मुझे उठना होगा और कुछ करना होगा. उस समय, मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए खुद को प्रेरित किया. 

PM मोदी ने दिया हर मदद का भरोसा

वीडियो कॉल के दौरान पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा कि मैं आपकी देखभाल करने के लिए सऊदी और UAE सरकारों का शुक्रिया अदा करता हूं. PM मोदी ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार को भरोसा दिलाया कि जब भी आपको मेरी जरूरत होगी, मैं बस एक फोन कॉल की दूरी पर हूं.  

स्वागत के लिए देश को बताया उत्सुक

PM ने बहादुर कैप्टन से कहा कि आपने पूरे देश का मान बढ़ाया है. भारत आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक है. कल देश भर में आपके स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं.

क्या है पूरा मामला?

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच झड़प हो गई. आरोप है कि सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया, जिसमें दोनों घायल हो गए. हालात बिगड़ने पर विमान ने आपातकालीन संकेत भेजे और उसे सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया. घायल होने के बावजूद स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की. इसके बाद यात्रियों और चालक दल ने हमलावर को काबू किया. अन्य पायलटों ने विमान संभालकर उसे सुरक्षित उतारा. दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया.

यह भी पढ़ें: PM मोदी ने कैप्टन स्मित से की फोन पर बात, पायलट से पूछा- हिम्मत कहां से मिली?

 

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  Sports

First Class Cricket से संन्यास के बाद भी Yuzvendra Chahal को सीमित ओवरों में वापसी की उम्मीद

भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। चहल ने माना है कि भारत के लिए टेस्ट खेलने का सपना अब पूरा होना मुश्किल है, लेकिन उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है। वह एकदिवसीय और टी20 प्रारूप में देश के लिए फिर खेलने का मौका हासिल करने की कोशिश जारी रखेंगे।

चहल ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा है कि लाल गेंद वाला क्रिकेट उनके लिए कभी सिर्फ एक प्रारूप नहीं रहा है। उनके मुताबिक, इसी क्रिकेट ने उन्हें धैर्य, संघर्ष, मजबूती और लंबे समय तक मैदान पर डटे रहने का मतलब समझाया है। उन्होंने कहा है कि टेस्ट की टोपी पहनना उनका कई साल पुराना सपना था, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका है।

बता दें कि चहल ने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मुकाबला इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर खेला था। यह मुकाबला उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से खेला है। चहल ने कहा है कि अपने प्रथम श्रेणी करियर को यहीं खत्म करना उनके लिए भावुक पल है, लेकिन वह अपने सफर और मिले मौकों से संतुष्ट हैं।

चहल ने अपने संदेश में साफ किया है कि वह अभी पूरी तरह क्रिकेट से दूर नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि देश के लिए खेलने की इच्छा अब भी उतनी ही मजबूत है और उन्हें भरोसा है कि उनके अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है। उनका लक्ष्य एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट में भारत की टीम में दोबारा जगह बनाना है।

युजवेंद्र चहल ने 2009 में हरियाणा के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत की थी। उन्होंने 49 मुकाबलों में 148 विकेट लिए हैं और उनका गेंदबाजी औसत 32.27 रहा है। हालांकि, लाल गेंद वाले क्रिकेट में वह हरियाणा की टीम के नियमित सदस्य नहीं रहे हैं। रणजी ट्रॉफी में उनका सबसे सक्रिय दौर 2016-17 सत्र रहा था, जब उन्होंने 7 मुकाबलों में 33 विकेट लिए थे और उनका औसत 22.60 रहा था।

हाल के समय में चहल ने नॉर्थम्पटनशायर के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। 2026 काउंटी चैंपियनशिप के दूसरे डिवीजन में उन्होंने 21 विकेट लिए हैं और उनका औसत 16.14 रहा है। कम से कम 20 विकेट लेने वाले गेंदबाजों में यह दूसरा सबसे अच्छा औसत रहा है। उनका आखिरी प्रथम श्रेणी मुकाबला मिडिलसेक्स के खिलाफ था, जिसमें नॉर्थम्पटनशायर को 7 विकेट से हार मिली और टीम की पदोन्नति की उम्मीद भी खत्म हो गई थी।

गौरतलब है कि भारतीय चयनकर्ताओं की योजना से बाहर होने के बावजूद चहल सफेद गेंद वाले घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे हैं। वह हाल के वर्षों में सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट खेलते रहे हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका आखिरी मुकाबला 2023-24 सत्र में हुआ था, जब उन्होंने 18 विकेट लेकर हरियाणा को खिताब जिताने में अहम योगदान दिया था।

चहल ने इसके बाद भी 50 ओवर वाले क्रिकेट से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई। वह पिछले 3 सत्र से नॉर्थम्पटनशायर के लिए वनडे कप में खेलते रहे हैं। आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है। वह आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं और मौजूदा समय में पंजाब किंग्स का हिस्सा हैं।

चहल ने भारत के लिए 72 एकदिवसीय और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। हालांकि, उन्हें कभी टेस्ट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। भारत के लिए उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में टी20 के रूप में आया था। अब प्रथम श्रेणी क्रिकेट से विदाई के बाद उनकी नजर सीमित ओवरों में वापसी पर है।

Fri, 02 Oct 2026 18:49:00 +0530

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