Latur में छात्रों का प्रदर्शन, Abhijit Deepke पर NEET पेपर लीक मुद्दा छोड़ने का आरोप
लातूर (महाराष्ट्र), दो अक्टूबर छात्रों के एक समूह ने शुक्रवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उन्होंने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले के खिलाफ लड़ाई को ‘‘बीच में छोड़ दिया’’ तथा अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर लिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दीपके से उन आश्वासनों पर जवाब मांगा, जो जंतर-मंतर पर कॉजपा के आंदोलन के बाद सरकार ने दिए थे। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।
छात्रों का समूह यहां गांधी चौक पर तख्तियां लेकर एकत्र हुआ और दीपके के खिलाफ नारेबाजी की। समूह के नेता सतीश करांदे ने कहा, ‘‘दीपके अब नीट के मुद्दे पर चुप क्यों हैं? नीट मामले का क्या हुआ?
नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजे के मुद्दे पर दीपके ने क्या किया है? उन्हें केंद्र के समक्ष यह मामला उठाना चाहिए और छात्रों के भविष्य के लिए लड़ना चाहिए।’’ करांदे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में दावा किया कि समूह पिछले करीब डेढ़ महीने से दीपके के संपर्क में था, लेकिन कॉजपा प्रमुख और उनके सहयोगी ‘‘टालमटोल वाले’’ जवाब दे रहे थे।
3 देशों को Akash Missile System का सफल Export, भारतीय Defence Sector की बड़ी उपलब्धि
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने गुरुवार को बताया कि भारत के अपने बनाए 'आकाश' एयर डिफेंस सिस्टम को तीन देशों - आर्मेनिया, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान - को सफलतापूर्वक एक्सपोर्ट किया गया है। इससे भारत में बने मिलिट्री इक्विपमेंट की दुनिया भर में बढ़ती मांग का पता चलता है। सिंह ने ANI के साथ एक खास बातचीत में कहा पहला ग्राहक आर्मेनिया था, जिसने कई बैटरी ली हैं। इसके बाद, हमने इसे ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को भी एक्सपोर्ट किया है। प्रोडक्शन अब स्थिर हो गया है। हमारे पास अपनी सेनाओं के लिए भी और ऑर्डर हैं, और मुझे यकीन है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से और भी कई ऑर्डर मिलेंगे। सिंह ने 'आकाश' को भारत के डिफेंस सेक्टर की सफलता की कहानियों में से एक बताया और कहा कि यह सिस्टम देश की अपनी मिसाइल डिज़ाइन और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के परिपक्व होने को दिखाता है।
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उन्होंने कहा मैं कहूंगा कि 'आकाश' हमारी सफलता की कहानियों में से एक है। यह हमारे अपने मिसाइल डिज़ाइन और प्रोडक्शन सिस्टम के परिपक्व होने को दिखाता है। यह तेज़ रफ़्तार वाले हवाई लक्ष्यों से निपटने में असरदार है। रक्षा सचिव ने कहा कि 'आकाश' सिस्टम का प्रोडक्शन स्थिर हो गया है और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए इसकी खरीद जारी है, साथ ही भारत इंटरनेशनल डिफेंस मार्केट में अपनी मौजूदगी भी बढ़ा रहा है।
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आकाश का कॉम्बैट परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल रिकॉर्ड
मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान आकाश ने काफी ध्यान खींचा, जब भारत को पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ा था। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत के लेयर्ड एयर-डिफेंस नेटवर्क के हिस्से के तौर पर आकाश समेत कई स्वदेशी सिस्टम तैनात किए गए थे और ऑपरेशन के दौरान आकाश ने शानदार परफॉर्मेंस दिखाई। DRDO आकाश को कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (short-range surface-to-air missile system) बताता है, जो एक साथ कई लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है। यह सिस्टम भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना दोनों के पास है और इसे युद्ध वाले इलाकों में तैनात किया गया है। सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हवाई खतरों का मुकाबला करने में इस सिस्टम की भूमिका पर भी ज़ोर दिया है और बताया है कि भारत के एयर-डिफेंस रिस्पॉन्स में कई सिस्टम एक साथ काम कर रहे थे। इसके अपग्रेडेड वर्शन, 'आकाश प्राइम' ने सिस्टम की क्षमताओं को और बढ़ाया है। जुलाई 2025 में, लद्दाख में ऊंचाई वाले इलाके में हुए ट्रायल के दौरान आकाश प्राइम ने तेज़ी से उड़ने वाले दो मानवरहित हवाई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया, जिससे 4,500 मीटर से ज़्यादा ऊंचाई पर काम करने की इसकी क्षमता साबित हुई।
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