कैप्टन स्मित हादसे के दौरान कर रहे थे हनुमान चालीसा का पाठ, PM मोदी के साथ वीडियो कॉल में किया खुलासा
Captain Smit: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हमले के बाद घायल हुए कैप्टन स्मित मच्छर इस समय अबू धाबी के अस्पताल में भर्ती हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर उनसे बातचीत कर उनकी तबीयत और घटना के दौरान उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली.
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि फ्लाइट में हुए हमले के दौरान उन्होंने किस तरह हालात का सामना किया और उन्हें हिम्मत कैसे मिली. पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की. साथ ही कैप्टन ने यह भी बताया कि हादसे के दौरान वह क्या कर रहे थे.
#WATCH | While speaking to PM Modi, Flydubai Captain Smit Machchhar says, "Whenever I am in pain, I recite Hanuman Chalisa. At that time too, I only kept reciting the Hanuman Chalisa...Today, one call from you makes me feel really proud..." pic.twitter.com/Ilkn34cf9D
— ANI (@ANI) October 2, 2026
हनुमान चालीसा का कर रहे थे पाठ
पीएम मोदी से बात करते हुए फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार ने कहा कि जब भी मुझे तकलीफ होती है, तो मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं. उस समय भी, मैं बस हनुमान चालीसा का पाठ ही करता रहा. आज, आपके एक कॉल से मुझे सच में बहुत गर्व महसूस हो रहा है.
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कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा?
फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार ने PM मोदी से कहा कि सर, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे आपसे बात करने का मौका मिलेगा. प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपनी मुश्किल घड़ी का जिक्र करते हुए कैप्टन भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं. आज आप जिस तरह मेरा हौसला बढ़ा रहे हैं, उस पर मुझे गर्व महसूस हो रहा है. मुझे कई चोटें आई थीं, लेकिन मैंने खुद से कहा कि मुझे उठना होगा और कुछ करना होगा. उस समय, मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए खुद को प्रेरित किया.
#WATCH |"I thank the Saudi and UAE governments for taking care of you. I assure you that I am only a phone call away whenever you need me," PM Modi assures Flydubai Captain Smit Machchhar. pic.twitter.com/UQ3jWuzG3K
— ANI (@ANI) October 2, 2026
PM मोदी ने दिया हर मदद का भरोसा
वीडियो कॉल के दौरान पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा कि मैं आपकी देखभाल करने के लिए सऊदी और UAE सरकारों का शुक्रिया अदा करता हूं. PM मोदी ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार को भरोसा दिलाया कि जब भी आपको मेरी जरूरत होगी, मैं बस एक फोन कॉल की दूरी पर हूं.
स्वागत के लिए देश को बताया उत्सुक
PM ने बहादुर कैप्टन से कहा कि आपने पूरे देश का मान बढ़ाया है. भारत आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक है. कल देश भर में आपके स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं.
क्या है पूरा मामला?
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₹500 की SIP से बनिए ऑफिस टावर और मॉल के हिस्सेदार, म्यूचुअल फंड के जरिए REIT-InvIT में निवेश का मौका
SIP In Real Estate: सालों तक भारतीय रिटेल निवेशक बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग्स, यानी ऑफिस टावर, मॉल और बिजनेस पार्क में काम तो कर सकते थे, लेकिन उनका एक छोटा हिस्सा खरीदने का मौका आम निवेशकों के पास नहीं था. 2026 में यह तस्वीर बदली है. इस साल REIT और InvIT पर फोकस करने वाले पहले म्यूचुअल फंड लॉन्च हुए हैं. इनमें ₹500 जैसी छोटी SIP से भी इनकम देने वाले रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स में निवेश किया जा सकता है. साथ ही किराये जैसी नियमित डिस्ट्रीब्यूशन मिलने की संभावना भी रहती है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं
क्या होते हैं REIT और InvIT?
REIT यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट एक लिस्टेड वाहन होता है, जो निवेशकों से पैसा जुटाकर ऑफिस टावर, शॉपिंग मॉल और IT पार्क जैसी कमाई वाली प्रॉपर्टी खरीदता, चलाता और किराये पर देता है. इसकी कमाई मुख्य रूप से किराये से होती है और नियमों के मुताबिक इसे अपना ज्यादातर नेट कैश फ्लो यूनिटहोल्डर्स में बांटना होता है. InvIT यानी इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट भी इसी तरह काम करता है. लेकिन यह सड़क, पुल, पावर ट्रांसमिशन लाइन और पाइपलाइन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स में निवेश करता है. इसकी कमाई टोल, एन्युटी और ट्रांसमिशन चार्ज से आती है.
भारत में अभी मुख्य रूप से कमर्शियल रियल एस्टेट पर फोकस करने वाले कुछ ही लिस्टेड REIT हैं, जबकि सड़क, पावर और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में करीब 9 लिस्टेड InvIT हैं. पहले रिटेल निवेशकों को इनके यूनिट सीधे एक्सचेंज से खरीदने पड़ते थे. इसमें होल्डिंग्स बिखरी रहती थीं और डिस्ट्रीब्यूशन पर टैक्स के नियम भी कॉम्प्लिकेटेड थे.
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म्यूचुअल फंड की एंट्री
अगस्त 2026 में देश का पहला समर्पित REIT-आधारित म्यूचुअल फंड आया, एडलवाइस निफ्टी REITs एंड रियल्टी इंडेक्स फंड. यह एक पैसिव स्कीम है, जो निफ्टी REITs एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करती है. इस इंडेक्स में आमतौर पर करीब 60% हिस्सा REITs का और 40% रियल एस्टेट डेवलपर कंपनियों के शेयरों का होता है.
इसी के आसपास WhiteOak कैपिटल म्यूचुअल फंड ने अपने डिविडेंड यील्ड फंड का दायरा बढ़ाकर उसमें REIT और InvIT को भी शामिल कर लिया. यह एक एक्टिव फंड है, जो REITs में 60% तक और InvITs में 10% तक निवेश कर सकता है. बाकी पैसा इक्विटी और आर्बिट्राज में लगता है, ताकि यील्ड और पूंजी बढ़ोतरी का मिक्स मिल सके. नवी समेत कुछ और फंड हाउस भी REITs, InvITs और रियल्टी शेयरों के मेल से रियल एस्टेट में सेक्टोरल एक्सपोजर देने वाले प्रोडक्ट पर काम कर रहे हैं. यानी एक ही SIP से आपको कई REIT और InvIT की टोकरी में निवेश का मौका मिल जाता है. इससे छोटे टिकट साइज, लिक्विडिटी और तिमाही डिस्ट्रीब्यूशन को दोबारा निवेश करने जैसी दिक्कतें दूर होती हैं.
टैक्स के नियम क्या हैं?
REIT-InvIT म्यूचुअल फंड स्कीम्स को इक्विटी-ओरिएंटेड फंड नहीं माना जाता, क्योंकि REIT-InvIT यूनिट 65% इक्विटी वाली शर्त पूरी नहीं करते. दो साल से ज्यादा होल्ड करने पर मुनाफे पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है, जबकि दो साल के भीतर रिडेम्पशन पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा. इसलिए ये फंड शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग से ज्यादा लंबे समय में धीरे-धीरे पैसा जोड़ने के लिए बेहतर माने जाते हैं.
ब्याज दरों का असर
REIT और InvIT यील्ड वाले एसेट हैं, इसलिए आमतौर पर इनकी वैल्यू ब्याज दरों के उलट चलती है. 2025 में RBI ने चार बार में कुल 125 बेसिस पॉइंट की रेपो रेट कटौती की थी, जिससे REIT और InvIT के दामों को सहारा मिला और यील्ड घटी. लेकिन अगर RBI दरें बढ़ाने के दौर में जाता है या सख्त पॉलिसी का संकेत देता है, तो इनकी वैल्यूएशन पर दबाव आ सकता है और उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. इसी वजह से कई एक्सपर्ट इन्हें पोर्टफोलियो में सैटेलाइट होल्डिंग की तरह रखने की सलाह देते हैं, यानी वैल्यूएशन ठीक लगने पर धीरे-धीरे पैसा लगाना, एक साथ पूरा पैसा डालना नहीं.
किन निवेशकों को सोचना चाहिए?
ये फंड ऐसे निवेशकों के लिए हैं जो चाहते हैं:
- कमर्शियल रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में बिना प्रॉपर्टी या अलग-अलग ट्रस्ट यूनिट खरीदे निवेश करना.
- सैलरी या दूसरी आमदनी के साथ नियमित डिस्ट्रीब्यूशन का एक संभावित जरिया, जो किराये की प्रॉपर्टी जैसा हो.
- पारंपरिक इक्विटी और डेट से अलग डायवर्सिफिकेशन. ध्यान रहे कि ये कम उतार-चढ़ाव वाले डेट प्रोडक्ट नहीं हैं, बल्कि अपने जोखिमों वाली "तीसरी" एसेट क्लास हैं.
अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में संपत्ति बनाना है, आप कुछ आमदनी भी चाहते हैं और मध्यम से ज्यादा उतार-चढ़ाव झेल सकते हैं, तो SIP के जरिए इन फंड्स में छोटा हिस्सा रखना ठीक हो सकता है. लेकिन ब्याज दरों के असर और प्रोडक्ट के अभी विकसित होते स्ट्रक्चर को देखते हुए समझदारी यही है कि पहले इन्हें वॉचलिस्ट में रखें, स्कीम इन्फॉर्मेशन डॉक्यूमेंट ध्यान से पढ़ें और एकमुश्त पैसा लगाने की बजाय चरणों में निवेश करें.
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Disclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
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