Responsive Scrollable Menu

तेजस्वी को कांग्रेस का करारा जवाब! एकतरफा फैसले पर भड़के राहुल ने उठाया ये बड़ा कदम...

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन के भीतर एक बार फिर दरार खुलकर सामने आ गई है. कांग्रेस और राजद के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद कांग्रेस ने अपने 5 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. जिससे प्रदेश की राजनीति इस समय चर्चा में है. अब देखना ये होगा कि दोनों पार्टियां चुनाव में एक दूसरे को कितना नुकसान पहुंचाएगी.

बिहार में कांग्रेस और राजद के बीच यह विवाद शुरू कहां से हुआ?

बता दें कि विवाद की जड़ राजद के एकतरफा फैसले में छिपी है. दरअसल, विधान परिषद चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होते ही राजद ने 11 सितंबर को ही अपने सहयोगी दलों से कोई औपचारिक बातचीत किए बिना 6 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी. कांग्रेस को यह बात नागवार गुजरी, क्योंकि गठबंधन में इस तरह के अहम फैसले आमतौर पर आपसी सहमति से लिए जाते हैं.

कांग्रेस ने इसके जवाब में क्या कदम उठाया?

राजद की इस घोषणा से नाराज कांग्रेस ने शुरुआत में सभी 8 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था. पार्टी का आरोप था कि सहयोगी दल ने गठबंधन में जरूरी तालमेल और सम्मान को नजरअंदाज कर दिया. बाद में 1 अक्टूबर देर रात कांग्रेस ने औपचारिक रूप से पांच उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी, जिससे अब राजद के साथ सीधा टकराव तय हो गया है.

किन सीटों पर दोनों दल आमने-सामने हैं?

कांग्रेस के पांच में से चार सीटों पर राजद पहले से ही अपने उम्मीदवार उतार चुकी है, यानी इन चार सीटों पर अब कांग्रेस और राजद के प्रत्याशी सीधी टक्कर में होंगे. वहीं, एक सीट ऐसी भी है, जिसे कांग्रेस अपनी पारंपरिक सीट मानती रही है और जहां राजद ने फिलहाल कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है.

क्या इससे पहले आलाकमान ने दखल देकर विवाद सुलझाने की कोशिश नहीं की थी?

बता दें कुछ दिन पहले ऐसी खबरें आई थीं कि कांग्रेस आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद यह विवाद थम गया है और पार्टी सिर्फ एक सीट पर चुनाव लड़ने के लिए राजी हो गई थी. केंद्रीय नेतृत्व ने उस वक्त बिहार कांग्रेस को साफ संदेश दिया था कि राज्य में भाजपा को रोकने के लिए राजद और अन्य सहयोगियों के साथ गठबंधन धर्म निभाना जरूरी है. लेकिन अब पांच उम्मीदवारों की यह ताजा घोषणा दिखाती है कि वह सुलह ज्यादा दिन टिक नहीं पाई और भीतरखाने नाराजगी फिर से उबाल पर आ गई.

कांग्रेस का आरोप क्या है?

पार्टी नेताओं का कहना है कि राजद ने गठबंधन धर्म का उल्लंघन करते हुए बिना चर्चा किए उम्मीदवार उतार दिए, जिससे महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़ा हो गया. कांग्रेस का तर्क है कि अगर सहयोगी दल इसी तरह एकतरफा फैसले लेते रहेंगे, तो आपसी भरोसे पर गहरा असर पड़ सकता है.

यह विधान परिषद चुनाव किन सीटों के लिए हो रहा है?

जानकारी के मुताबिक यह चुनाव बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 8 सीटों के लिए हो रहा है. ये सीटें द्विवार्षिक आधार पर खाली होती हैं और इनके लिए सामान्य मतदाताओं की बजाय स्नातक और शिक्षक वर्ग के पंजीकृत मतदाता ही वोट डालते हैं.

क्या यह टकराव सीधे तौर पर भाजपा को फायदा पहुंचा सकता है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर कांग्रेस और राजद एक-दूसरे के खिलाफ ही मैदान में उतर जाते हैं तो महागठबंधन के वोट बंटने की पूरी आशंका बनती है, जिसका सीधा लाभ भाजपा और उसके सहयोगी दलों को मिल सकता है. यही वजह है कि इस टकराव को महागठबंधन के लिए आत्मघाती कदम जैसा भी बताया जा रहा है.

क्या अब भी सुलह की कोई गुंजाइश बची है?

फिलहाल दोनों दलों की तरफ से उम्मीदवार मैदान में उतर चुके हैं, जिससे औपचारिक नामांकन के बाद पीछे हटना दोनों के लिए राजनीतिक रूप से मुश्किल हो सकता है. हालांकि बिहार की गठबंधन राजनीति में इससे पहले भी देखा गया है कि आखिरी समय में हाईकमान के दखल से कुछ सीटों पर समझौता हो जाता है, ऐसे में पूरी तरह टकराव को अंतिम मान लेना जल्दबाजी होगी.

शराब दुकानदारों के लिए रेड अलर्ट! MRP से एक रुपया भी ज्यादा लिया तो लगेगा 10 लाख जुर्माना

Explainer: सपा ने खोल दिए अपने पत्ते, भाजपा अब भी चुप क्यों? राज्यसभा की 10 सीटों पर 37 वोटों से तय होगी एक सीट...

Explainer:  ईरानी Dhow से पाकिस्तान तक..., समुद्र के रास्ते भारत में ड्रग्स कैसे पहुंचाते हैं तस्कर?

विवाद के बाद झुका चुनाव आयोग! फॉर्म-6 से हटाया वो कॉलम, जिसने मचाया था बवाल...

Continue reading on the app

Chandrashekhar Azad: नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ NBW, संपत्ति कुर्क करने का भी आदेश

Chandrashekhar Azad: नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ NBW, संपत्ति कुर्क करने का भी आदेश

Continue reading on the app

  Sports

1300 रुपये महीना कमा पाते थे पिता, मिठाई लिपटी अखबार से बदली लवलीना बोरगोहेन की जिंदगी, आज एशियन गेम्स में जीता गोल्ड

एशियन गेम्स 2026: लवलीना बोरगोहेन ने भारत को 12 साल महिला बॉक्सिंग में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल दिलाया है. लवलीना से पहले मशहूर मुक्केबाज एमसी मेरीकॉम ने 2014 इंचियोन एशियाड में स्वर्ण पदक जीता था. आपको जानकर हैरानी होगी कि लवलीना ने अपने जन्मदिन के मौके पर फाइनल बाउट जीतने से साथ मौजूदा एशियाई खेलों में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 12 करवा दी. Fri, 2 Oct 2026 11:27:44 +0530

  Videos
See all

Mathura News: Rasik Dulari का सामने आया नया Video, क्या है सच ? | Premanand Maharaj #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T06:08:32+00:00

Mohan Bhagwat LIVE: RSS Chief मोहन भागवत 'विहार सेवा ग्रुप' सम्मेलन में | Vihar Seva Group | RSS #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T06:17:25+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers