बांकीपुर उपचुनावः भाजपा नेता बोले, जनादेश का सम्मान, सम्राट चौधरी पर ज्ञान ना दें प्रशांत किशोर
चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने बिहार की बांकीपुर सीट पर जीत हासिल की है. प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के नीरज सिन्हा को मात दी है. बांकीपुर उपचुनाव में जनसुराज प्रत्याशी प्रशांत किशोर की जीत पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दी है. भाजपा नेता रूपेश पाण्डेय ने कहा कि सीएम सम्राट चौधरी पर प्रशांत किशोर ज्ञान ना दें? लोकतंत्र की इस पावन भूमि बिहार में जनता का फैसला सर्वोपरि है. भाजपा हमेशा से जनादेश का सम्मान करती आई है.
हमारा नेतृत्व सामूहिक निर्णय लेता है
हम विपक्ष की तरह हार का ठीकरा चुनाव आयोग या EVM पर नहीं फोड़ते. हम संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते हैं और आत्ममंथन भी करते हैं. लेकिन साथ ही प्रशांत किशोर के बयान पर कुछ बातें स्पष्ट करना जरूरी है. प्रशांत किशोर के बयान पर पाण्डेय ने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय पार्टी है और बिहार में हमारा नेतृत्व सामूहिक निर्णय से तय होता है. किसे मुख्यमंत्री बनाना है यह भाजपा के कार्यकर्ता और शीर्ष नेतृत्व तय करेंगे. आपको सम्राट चौधरी या कुशवाहा समाज के किसी नेता पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है. हमारा हर नेता सक्षम, ईमानदार और जनता के प्रति जवाबदेह है.
विकास के लिए भाजपा 2005 से काम कर रही
कुशवाहा समाज भाजपा की रीढ़ है और उसे कमजोर करने की साजिश हम सफल नहीं होने देंगे. बिहार के विकास के लिए भाजपा 2005 से काम कर रही है. सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य- हर क्षेत्र में डबल इंजन की सरकार ने ऐतिहासिक काम किए हैं. 6 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने हमें 202 सीटें देकर अपना भरोसा दिखाया था. एक उपचुनाव की जीत से बिहार की दिशा नहीं बदलेगी. आपने सही कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं. लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता के भरोसे को तोड़ना नहीं चाहिए. बांकीपुर की जनता ने आपको आशीर्वाद दिया है, अब देखना है कि आप कितनी जल्दी वादे पूरे करते हैं. अंत में, भाजपा बांकीपुर की जनता के फैसले का सम्मान करती है. हम विपक्ष में बैठकर भी रचनात्मक भूमिका निभाएंगे और बिहार के विकास के लिए हर कदम पर साथ देंगे. लेकिन बिहार को भ्रम और अवसरवाद की राजनीति से बचाना हमारा कर्तव्य है.
पीएम सूर्य घर योजना में यूपी का शानदार प्रदर्शन, देश के टॉप-100 जिलों में 17 जिले शामिल
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. देशभर के टॉप-100 जिलों की सूची में उत्तर प्रदेश के 17 जिलों ने जगह बनाई है. इसे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के तेजी से विस्तार और बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
राज्य में बड़ी संख्या में घरेलू उपभोक्ता अपने घरों की छत पर सोलर प्लांट लगवा रहे हैं. इससे एक ओर बिजली बिल में बचत हो रही है, वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है. रूफटॉप सोलर की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि लोगों के बीच सौर ऊर्जा को लेकर जागरूकता और भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
लखनऊ ने बरकरार रखा देश का पहला स्थान
उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (UPNEDA) के अनुसार, राजधानी लखनऊ ने रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में देश में पहला स्थान बनाए रखा है. यहां 1,24,167 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई है.
UPNEDA के निदेशक रविंदर सिंह ने बताया कि लखनऊ की यह उपलब्धि घरेलू उपभोक्ताओं की व्यापक भागीदारी और सौर ऊर्जा को तेजी से अपनाने का परिणाम है. शहर में बड़ी संख्या में परिवार बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए सोलर ऊर्जा का विकल्प चुन रहे हैं.
लखनऊ का लगातार शीर्ष स्थान पर बने रहना यह भी दिखाता है कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है.
वाराणसी और कानपुर ने भी किया बेहतर प्रदर्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी ने भी रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. वाराणसी ने देश के टॉप-100 जिलों में 10वां स्थान हासिल किया है. इसे शहर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे अभियान और बढ़ती जनभागीदारी का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है.
वहीं, औद्योगिक शहर कानपुर देश में 14वें स्थान पर पहुंच गया है. कानपुर का बेहतर प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में भी ग्रीन एनर्जी को तेजी से अपनाया जा रहा है. सौर ऊर्जा का विस्तार भविष्य में पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है.
17 जिलों की मौजूदगी से बढ़ा यूपी का कद
देश के टॉप-100 जिलों में उत्तर प्रदेश के 17 जिलों का शामिल होना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. केंद्र सरकार ने योजना की समीक्षा के बाद कहा कि यूपी के इतने जिलों का सूची में स्थान बनाना स्वच्छ ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता, सरकारी सहयोग और विभिन्न स्तरों पर किए गए प्रयासों को दर्शाता है.
रूफटॉप सोलर प्लांट की संख्या बढ़ने से राज्य में बिजली उत्पादन के वैकल्पिक स्रोत मजबूत हो रहे हैं. इससे बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल सकती है.
बिजली बिल में बचत के साथ अतिरिक्त कमाई का अवसर
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ना और उनके बिजली खर्च को कम करना है. घर की छत पर लगाए गए सोलर पैनल सूर्य की रोशनी से बिजली पैदा करते हैं, जिसका उपयोग घरेलू जरूरतों के लिए किया जा सकता है.
जरूरत से अधिक बिजली बनने पर उसे बिजली ग्रिड में भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है. इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल में अतिरिक्त समायोजन या आर्थिक लाभ मिल सकता है. इस व्यवस्था से सौर ऊर्जा केवल पर्यावरण हितैषी विकल्प ही नहीं, बल्कि लंबे समय में बचत का माध्यम भी बन रही है.
ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा यूपी
UPNEDA के अनुसार, टॉप-100 जिलों में यूपी के 17 जिलों की मौजूदगी और लखनऊ का लगातार देश में पहले स्थान पर बने रहना राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता को दर्शाता है. राज्य सरकार ने इसे ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की तेज प्रगति बताया है.
रूफटॉप सोलर के बढ़ते इस्तेमाल से आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है. इससे न केवल बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है, बल्कि राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी मदद मिलेगी.
यह भी पढ़ें - पीएम नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को 'नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत करेंगे
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation

















