गया में जनसुराज नेता के विरोध से मचा हंगामा, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंच से दिया बाहर करने का आदेश
गया में जनसुराज नेता के विरोध से मचा हंगामा, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंच से दिया बाहर करने का आदेश
हरियाणावी सिंगर मासूम शर्मा ने चलाया UGC बायकॉट कैंपेन:लिखा-तुमने प्रवेश को बांटा, कुर्सी की खातिर; ओलिंपियन योगेश्वर दत्त-विजेंदर सिंह भी कर चुके विरोध
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) की ओर से लागू किए गए नए नियमों को लेकर हरियाणा में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। ओलिंपियन रेसलर योगेश्वर दत्त और बॉक्सर विजेंद्र सिंह के बाद हरियाणा सिंगर मासूम शर्मा का नाम भी विरोध करने वालों की लिस्ट में जुड़ गया है। उन्होंने यूजीजी बायकॉट के नाम से सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाते हुए पोस्ट डाली है। इसमें लिखा- अंग्रेजों ने हमको बांटा, केवल अपने देश की खातिर और तुमने हर प्रवेश को बांटा, कुर्सी के उद्देश्य की खातिर। बंटवारे की राजनीति ने देश अपाहिज बना दिया, जो अंग्रेज नहीं कर पाए, आज तुमने करके दिखाया। अब तुम्हारे इन पापों की गठरी का बोझ कौन उठाएगा ? इस देश का जहर पचाने को अब कौन मसीहा आएगा ? मासूम शर्मा की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और युवाओं के बीच इसे खासा समर्थन मिल रहा है, लेकिन कुछ विरोध भी कर रहे है। पोस्ट पर दोनों तरह के कमेंट आ रहे है। बता दें कि बुधवार को BJP नेता योगेश्वर और विजेंदर सिंह ने भी इसके विरोध आवाज बुलंद की थी। योगेशने ने लिखा था- "भरी सभा में द्रौपदी चीरहरण के समय बड़े-बड़े योद्धाओं ने चुप्पी साधी। जिस सत्ता-कुर्सी के लालच में यह किया, न वह सत्ता रही, न कुर्सी। सभी का सर्वनाश हो गया।" वहीं, ओलिंपियन बॉक्सर और भाजपा नेता विजेंदर सिंह ने X पर लिखा- “शिक्षा समान अवसर का माध्यम होनी चाहिए, न कि समाज को बांटने का।” मासूम शर्मा की UGC बॉयकॉट पोस्ट को 3 पॉइंट में पढ़िए… पोस्ट पर समर्थन और विरोध में भी कमेंट आ रहे मासूम शर्मा की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और युवाओं के बीच इसे खासा समर्थन मिल रहा है। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट को लोग जहां शेयर कर रहे हैं। उनकी पोस्ट पर समर्थन और विरोध में भी कमेंट आ रहे हैं। कई लोगों ने इसे किसान आंदोलन से भी जोड़ दिया काफी लोग इसको हास्य अंदाज में भी ले रहे हैं और लिख रहे हैं कि किसान आंदोलन में थम स्वाद ले रहे थे और अब हमारा टाइम स्वाद लेने का है। हमने तो कानून कैंसिल करवा दिए थे और अब हम देखेगें कि तुम लोग इसको कैंसिल करवा पाते हो या नहीं। राजनीति और खेल जगत की हस्तियां कर चुकी आवाज बुलंद… योगेश्ववर दत्त ने की थी तीन पोस्ट यूजीसी एक्ट के खिलाफ बीजेपी योगेश्वर दत्त ने पहली पोस्ट में लिखा - “अगर आप अपने परिवार, अपने बच्चों के लिए लड़ नहीं सकते, उनके भविष्य के लिए चिंतित नहीं हो सकते, तो फिर आपके इस जीवन का कोई मायने नहीं है।” दूसरी पोस्ट में लिखा- "पूरे देश में सभी वर्ग, जाति और सामाजिक समानता को संविधान द्वारा सुरक्षा दी जाती है। मौलिक समानता का अधिकार हम सभी भारतवासियों का है। किशोरावस्था की शुरुआत में ही शिक्षा के स्तर पर भविष्य के नागरिकों का जीवन बिना सुनवाई और समानता के अंधकारमय कर देना इस देश को गर्त में ले जाएगा। पहले ही यह देश भूतकाल के कुछ गलत फैसलों की सजा भुगत रहा है, और वर्तमान में UGC द्वारा आपसी बंटवारे की खाई को और गहराता बिल संवेदनशील मुद्दों पर निश्चित ही हमारे देश को गलत दिशा में ले जाएगा।" योगेश्वर ने अपनी तीसरी पोस्ट में लिखा - "विभीषण के अर्थ की बात करें तो इसका मतलब होता है जिसे कभी गुस्सा न आता हो। इन सबके बावजूद लोग अपने बच्चे का नाम विभीषण नहीं रखते, क्योंकि वह अपने जन्मकुल का द्रोही था। भरी सभा में द्रौपदी चीरहरण के समय बड़े-बड़े योद्धाओं ने चुप्पी साधी। जिस सत्ता-कुर्सी के लालच में यह किया, न वह सत्ता रही, न कुर्सी। सर्वनाश हो गया सभी का। एक दिन सभी को काल के गाल में जाना है। कोई अजर-अमर होकर नहीं आया। इसीलिए अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना आवश्यक है। समय रहते नहीं संभले तो इतिहास में भी स्थान नहीं मिलेगा और कोई भविष्य ही नहीं होगा। सही समय पर क्रोध करना भी आवश्यक है।" विजेंद्र सिंह बोले- जातिगत वर्गीकरण में मत बांटिए भिवानी के रहने वाले ओलिंपियन बॉक्सर विजेंदर सिंह ने अपनी X पोस्ट में लिखा - "शिक्षा समान अवसर का माध्यम है, जातिगत विभाजन का नहीं। UGC का छात्रों को वर्गों में बांटने वाला यह निर्णय देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है। कक्षा में बैठा युवा ही देश का भविष्य है, कृपया इसे जातिगत वर्गीकरण में मत बांटिए। शिक्षा का मूल उद्देश्य अवसर प्रदान करना है। UGC को फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेना चाहिए।" बीजेपी महिला नेता मनीषा शर्मा ने दिया इस्तीफा भाजपा की कार्यकर्ता मनीषा शर्मा ने यूजीसी एक्ट-2026 के विरोध में पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मनीषा हरियाणा में झज्जर के खरहर गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने कहा कि इस नए यूजीसी एक्ट से शैक्षणिक असमानता बढ़ेगी और संविधान के अनुच्छेद 14 (समान नागरिकता का अधिकार) का उल्लंघन होगा, इसलिए उन्होंने संविधान और शिक्षा के हित में यह निर्णय लिया है। उनका यह कदम निजी कारणों से नहीं, बल्कि नीति और सिद्धांतों पर आधारित विरोध के रूप में है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा BJP के अंदर UGC एक्ट का विरोध:झज्जर में नेता ने पार्टी छोड़ी, योगेश्वर-विजेंदर नाराज; यमुनानगर विधायक के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ी यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) के नए नियमों का हरियाणा में भी विरोध शुरू हो गया है। BJP नेता व ओलिंपियन रेसलर योगेश्वर दत्त ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दो दिन में 3 पोस्ट कर इस एक्ट पर विरोध दर्ज कराया। योगेश्वर ने लिखा- "भरी सभा में द्रौपदी चीरहरण के समय बड़े-बड़े योद्धाओं ने चुप्पी साधी। जिस सत्ता-कुर्सी के लालच में यह किया, न वह सत्ता रही, न कुर्सी। सभी का सर्वनाश हो गया।" (पूरी खबर पढ़ें )
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama





















