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दुनिया का सबसे बड़ा मेडिकल इंस्टीट्यूट बनने को तैयार SMS:चीन को पछाड़ेगा; यहां 10 हजार बेड, हेलीपैड, कैफेटेरिया और हर बीमारी का इलाज होगा
जयपुर का सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज दुनिया में सबसे ज्यादा बेड क्षमता वाला मेडिकल संस्थान बनने को तैयार है। एसएमएस से संबद्ध अस्पतालों में 7 प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। प्रशासन का दावा है कि इन प्रोजेक्ट पूरे होते ही SMS और इससे संबद्ध अस्पतालों की कुल बेड क्षमता करीब 9500 हो जाएगी। ये विश्व के किसी भी मेडिकल कॉलेज में सर्वाधिक होगी। राज्य सरकार ने एसएमएस से अटैच अस्पतालों में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स पूरे करने की डेडलाइन तय कर दी है। सबसे चर्चित 1200 बैड क्षमता वाला आयुष्मान IPD टावर जनवरी 2027 तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा हार्ट, कैंसर, स्किन रोगियों के लिए अलग से बन रहे इंस्टीट्यूट भी अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएंगे। पढ़िए- ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट '10 हजार बेड क्लब' में होगा इकलौता मेडिकल इंस्टीट्यूट एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि एसएमएस से संबद्ध कई हॉस्पिटल में 7 नए प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। एक-एक कर ज्यादातर इसी साल पूरे होने के बाद फंक्शनल हो जाएंगे। सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के पूरा करने की समय सीमा (डेडलाइन) तय कर दी गई है। अभी हमारी बैड क्षमता 6500 के आस-पास है, इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद करीब 9500 बेड की क्षमता हो जाएगी। इसी के साथ ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज दुनिया के सबसे बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूशन में शामिल हो जाएगा। हार्ट के मरीजों को एक ही छत के नीचे मॉडर्न तकनीक से इलाज मिलेगा तो स्किन से जुड़ी बीमारियों का भी हाइटेक मशीनों से इलाज होगा। इसके अलावा महिलाओं से जुड़े अस्पतालों में भी बैड्स की क्षमता बढ़ने वाली है। नए प्रोजेक्ट और उनके शुरू होने की डेडलाइन 1. एसएमएस हॉस्पिटल में इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो वेस्कुलर साइंसेज एसएमएस अस्पताल में पुरानी इमर्जेंसी के पास इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो वैस्कुलर साइंसेस लगभग बनकर तैयार है। इस इंस्टीट्यूट में 212 बैड, 5 कैथ लैब और 5 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। यहां एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, बाईपास सर्जरी जैसा इलाज मिल पाएगा। 2. एक छत के नीचे होगा स्किन का इलाज एसएमएस अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी बनकर लगभग पुरी तरह तैयार हो गया है। करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस इंस्टीट्यूट में स्किन से जुड़ी समस्याओं का सबसे एडवांस तकनीक से इलाज होगा। इस इंस्टीट्यूट को लेकर दावा है कि सरकारी अस्पताल में इस तरह का देशभर में पहला इंस्टीट्यूट होगा। कॉस्मेटिक प्रोसीजर से जुड़ी सभी आधुनिक मशीनें यहां होंगी। हेयर ट्रांसप्लांट, झड़ते बालों को दोबारा उगाने, अनचाहे बालों को हटाने समेत कई तरह के स्किन ट्रीटमेंट होंगे। इसके अलावा एक्साइमर लेजर तकनीक से सफेद दाग का इलाज किया जाएगा। इस इंस्टीट्यूट में सेक्सुअल वेल बीइंग क्लिनिक भी शुरू होगा। 3. महिला चिकित्सालय में गर्भवतियों के लिए 'डबल' होगी बेड की संख्या एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैच महिला चिकित्सालय में भी सुविधाओं का विस्तार होगा। अभी यहां 504 बैड हैं। यहां 550 बैड और बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा 4 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी शुरू होने वाले हैं। नई बिल्डिंग इसी साल जुलाई तक शुरू होने की संभावना है। 4. जनाना हॉस्पिटल में आईपीडी ब्लॉक एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैच राजधानी के चांदपोल स्थित जनाना हॉस्पिटल में सुविधाओं का विस्तार करते हुए 300 नए बैड मिलने जा रहे हैं। यहां 2 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी स्थापित किए जा रहे हैं। इससे मरीजों का काफी राहत मिलेगी। आईपीडी ब्लॉक इसी साल जुलाई में शुरू होगा। 5. स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट : 520 बेड होंगे, देश का सबसे बड़ा बोनमैरो ट्रांसप्लांट सेंटर भी यहीं कैंसर के बढ़ते मरीजों को देखते हुए जयपुर के प्रताप नगर में 400 बैड का 6 फ्लोर स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बिल्डिंग बनकर लगभग तैयार है। यहां नए 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि यहां 50 बैड का बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट भी स्थापित की जा रही है। ये देश में सबसे बड़ा सेंटर होगा। इसी साल जुलाई में शुरू करने की डेडलाइन तय की है। 6. गणगौरी हॉस्पिटल : 300 बेड का नया ब्लॉक राजधानी जयपुर के परकोटा इलाके में स्थित गणगौरी अस्पताल पुराने शहर के मरीजों के इलाज के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यहां 300 एडिशनल बैड का नया ब्लॉक बनाया गया है। इसके इसी साल अगस्त में शुरू करने की डेडलाइन तय की गई है। 7. आयुष्मान आईपीडी टावर में होंगे 1200 बैड अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 1200 बैड का आयुष्मान आईपीडी टावर के निर्माण में लगातार देरी हो रही है। लेकिन अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जनवरी 2027 में शुरू करने की डेडलाइन तय कर दी है। यहां 20 अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के अलावा 125 कॉटेज वार्ड, 100 रजिस्ट्रेशन सेंटर बन रहे हैं। टावर की रूफ टॉप पर एक हेलीपैड भी बनाया जा रहा है। इनके अलावा इसी साल एसएमएस में एक डॉक्टर्स कैफेटेरिया, इमरजेंसी ब्लॉक का एक्सटेंशन और इमरजेंसी ब्लॉक के पास एक और कैफेटेरिया शुरू किया जाएगा। SMS मेडिकल कॉलेज के अंडर आते हैं जयपुर के 13 अस्पताल एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एसएमएस हॉस्पिटल समेत कुल 13 अस्पताल (एसएमएस हॉस्पिटल, जयपुरिया, कांवटिया, जनाना, महिला, स्टेट कैंसर हॉस्पिटल, सुपर स्पेशियलिटी, मनोचिकित्सा केंद्र, जेके लोन, गणगौरी, श्वसन रोग संस्थान, बनीपार्क और सेठी कॉलोनी के सैटेलाइट हॉस्पिटल) अटैच हैं। यहां हर रोज हजारों की संख्या में लोग इलाज लेते हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज में कुल 44 टीचिंग डिपार्टमेंट हैं। वर्तमान में सभी अटैच अस्पतालों में 6 हजार 579 बैड हैं। अब 7 नए प्रोजेक्ट्स को मिलाकर 2 हजार 962 नए बैड मिलेंगे। ऐसे में SMS मेडिकल कॉलेज में कुल बेड की संख्या 9 हजार 547 हो जाएगी। हर साल करीब 4 लाख मरीज होते हैं भर्ती आंकड़ों के अनुसार एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैच सभी 13 अस्पतालों में सालाना 59 लाख 52 हजार 373 से ज्यादा OPD में दिखाते हैं। वहीं सालाना 3 लाख 86 हजार 307 से ज्यादा मरीजों (आईपीडी) को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। सालाना 3 लाख 59 हजार 515 से ज्यादा छोटे-बड़े ऑपरेशन- प्रोसीजर्स किए जाते हैं। इसके अलावा महिलाओं के अस्पतालों में 48 हजार 962 से ज्यादा डिलीवरी होती हैं। मेडिकल कॉलेज में स्वीकृत फैकल्टी संख्या 731 है, लेकिन 535 फैकल्टी मेंबर ही वर्किंग हैं। इसी तरह 9 हजार 73 से ज्यादा नॉन फैकल्टी स्टाफ स्वीकृत है, लेकिन 6 हजार 853 का स्टाफ ही कार्यरत है। 1700 करोड़ का सालाना बजट SMS मेडिकल कॉलेज का सालाना बजट 1700 करोड़ का है। यहां हर साल 1334 स्टूडेंट्स अलग-अलग कोर्स में प्रवेश लेते हैं। वहीं, 4 हजार 266 स्टूडेंट ऑन रॉल हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि एसएमएस में स्वीकृत बैड्स से ज्यादा बैड्स फंक्शनल हैं। क्योंकि यहां नो रिवर्सल पॉलिसी है, यानी इलाज के लिए आने वाले मरीज को लौटाया नहीं जाता। चीन और भारत में ही हैं सबसे ज्यादा बैड वाले सरकारी हॉस्पिटल दुनिया में सबसे ज्यादा बैड वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों में चीन और भारत का ही नाम सामने आता है। चीन के कुछ अस्पतालों जैसे- झेंग्झौ यूनिवर्सिटी से संबद्ध मेडिकल इंस्टीट्यूट में सात हजार से ज्यादा बैड की क्षमता बताई जाती है। इसके अलावा भारत के ही चुनिंदा सरकारी अस्पतालों में बैड्स की संख्या इसके बराबर है। अब नए प्रोजेक्ट्स शुरू होने के साथ ही एसएमएस मेडिकल कॉलेज दुनिया के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में शुमार हो जाएगा।
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