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पेट्रोल-डीजल और एटीएफ निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी:एक्सपोर्ट बैलेंस करने के लिए फैसला, देश में पेट्रोल-डीजल के दाम पर असर नहीं
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी की है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह नई दरें 3 अगस्त से प्रभावी हो गई हैं। सरकार हर पखवाड़े इन दरों की समीक्षा करती है। सरकार ने डीजल के निर्यात पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी यानी SAED को 15.5 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 25.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं, एटीएफ (विमान ईंधन) के निर्यात पर ड्यूटी को 14.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के निर्यात पर भी ड्यूटी बढ़ाई गई है, जो अब 2.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 3.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह दरें 16 जुलाई को तय की गई थीं। घरेलू खपत के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि देश के भीतर खपत के लिए बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली मौजूदा ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच 27 मार्च को डीजल और एटीएफ के निर्यात पर यह टैक्स लगाना शुरू किया था। इसके बाद 16 मई से पेट्रोल के निर्यात पर भी यह लेवी लागू कर दी गई थी। क्यों लगाया गया है यह टैक्स? विंडफॉल टैक्स लगाने का मुख्य मकसद देश में ईंधन की उपलब्धता को बढ़ाना है। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया था। ऐसे में निर्यातक कीमतों के अंतर का फायदा न उठा सकें और घरेलू बाजार में ईंधन की कमी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
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