Responsive Scrollable Menu

'कैप्टन मच्छर पर हमला करने वाला पायलट था कट्टरपंथी', नेतन्याहू बोले-मकसद प्लेन को क्रैश करना था

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पुष्टि की है कि बुधवार को फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट को कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा की शिक्षा दी गई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  इजराइली पीएम ने कहा कि पायलट से अभी पूछताछ हो रही है. इजराइली जांचकर्ता भी पूछताछ में शामिल हैं.  इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा, "हमलावर, यानी कैप्टन पर हमला करने वाले को-पायलट से पूछताछ हो रही है. अब तक हमें जो सामने आया है कि वह यह है कि उसे कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा की शिक्षा दी गई थी."

Continue reading on the app

कौन हैं आराधना मिश्रा? यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस दे सकती है बड़ी जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस अपने संगठन और चुनावी रणनीति को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है. पार्टी लगातार संगठन में बदलाव कर रही है और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है. ऐसे में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और विधानसभा में पार्टी की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ की भूमिका भी चर्चा में है.

मोना लंबे समय से उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रमुख चेहरा हैं. वह प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक हैं और मौजूदा विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता हैं. हाल के महीनों में भी वह विधानसभा और पार्टी के कार्यक्रमों में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रही हैं.

कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?

आराधना मिश्रा ‘मोना’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं. उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश की कांग्रेस राजनीति से गहराई से जुड़ी रही है.

मोना ने राजनीति की शुरुआत जमीनी स्तर से की. वह रामपुर संग्रामगढ़ ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख भी रह चुकी हैं और लगातार तीन बार इस पद पर चुनी गई थीं. इसके बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति में कदम रखा.

2014 में प्रमोद तिवारी के राज्यसभा जाने के बाद रामपुर खास सीट पर हुए उपचुनाव में आराधना मिश्रा पहली बार विधायक बनीं. इसके बाद उन्होंने इस सीट पर कांग्रेस की पकड़ बनाए रखी. 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की और कांग्रेस की ओर से विधानसभा पहुंचने वाली प्रमुख नेताओं में बनी रहीं.

रामपुर खास कांग्रेस का मजबूत गढ़

आराधना मिश्रा की राजनीतिक पहचान को समझने के लिए रामपुर खास सीट को समझना जरूरी है. यह सीट लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत क्षेत्र रही है.

प्रमोद तिवारी इस सीट से लगातार कई बार विधायक रहे और उनके बाद उनकी बेटी ने यहां कांग्रेस का राजनीतिक आधार बनाए रखा. 2022 के विधानसभा चुनाव में जब प्रदेश में कांग्रेस की सीटों की संख्या काफी कम रह गई थी, तब भी आराधना मिश्रा अपनी सीट बचाने में सफल रहीं. यही वजह है कि कांग्रेस संगठन में उनकी भूमिका सिर्फ एक विधायक तक सीमित नहीं मानी जाती.

विधानसभा में कांग्रेस की प्रमुख आवाज

आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस की प्रमुख आवाज के तौर पर देखा जाता है. वह सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाती रही हैं.

2026 के विधानसभा सत्र में भी उन्होंने रोजगार और कौशल विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल किए. वहीं महिला आरक्षण को लेकर विधानसभा की विशेष चर्चा के दौरान उन्होंने 2027 के चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई थी. इस तरह महिला नेतृत्व और विधानसभा के भीतर कांग्रेस की मौजूदगी दोनों मोर्चों पर उनकी सक्रियता दिखाई देती है.

कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव क्यों महत्वपूर्ण हैं?

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. जून 2026 में पार्टी ने राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का AICC प्रभारी नियुक्त किया. इसके बाद पार्टी ने सितंबर में कुंवर सिंह निषाद को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया और प्रचार विभाग की जिम्मेदारी दी.

कांग्रेस की इन नियुक्तियों को पार्टी की सामाजिक पहुंच बढ़ाने और चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

इसी क्रम में आराधना मिश्रा की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं हैं. हालांकि किसी नई बड़ी जिम्मेदारी की आधिकारिक घोषणा होने तक इसे संभावना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.

क्या मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी?

आराधना मिश्रा के पास विधानसभा के भीतर काम करने का लंबा अनुभव है. वह कांग्रेस विधायक दल की नेता के तौर पर पार्टी की ओर से विधानसभा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं.

ऐसे में चुनाव से पहले पार्टी अगर अपने अनुभवी नेताओं को संगठन और चुनावी रणनीति में ज्यादा जिम्मेदारी देती है, तो मोना का नाम स्वाभाविक रूप से चर्चा में आता है.

हालांकि फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में उन्हें 2027 चुनाव के लिए कोई नई प्रदेश स्तरीय जिम्मेदारी सौंपे जाने की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए उनके नाम से जुड़ी किसी भी नई नियुक्ति को आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम माना जाएगा.

सपा के साथ गठबंधन में भी भूमिका अहम?

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन भी महत्वपूर्ण मुद्दा है. दोनों दलों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में साथ चुनाव लड़ा था और अब विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर बातचीत की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. कांग्रेस गुणवत्ता वाली और जीतने की संभावना वाली सीटों पर जोर दे रही है.

ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश नेताओं की भूमिका सीटों के चयन, स्थानीय संगठन और गठबंधन के तालमेल में महत्वपूर्ण हो सकती है. आराधना मिश्रा का विधानसभा अनुभव इस संदर्भ में पार्टी के लिए उपयोगी हो सकता है.

महिला नेतृत्व का भी बन सकती हैं चेहरा

आराधना मिश्रा की एक बड़ी राजनीतिक पहचान महिला कांग्रेस नेता के तौर पर भी है. विधानसभा में महिला आरक्षण और अन्य मुद्दों को उठाने के कारण वह पार्टी के महिला नेतृत्व के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं.

कांग्रेस अगर 2027 के चुनाव में महिला मतदाताओं और महिला उम्मीदवारों पर ज्यादा जोर देती है, तो आराधना मिश्रा जैसी अनुभवी महिला नेता को संगठनात्मक या चुनावी भूमिका में आगे लाने की संभावना पर चर्चा होना स्वाभाविक है.

2027 से पहले बढ़ेगी जिम्मेदारी तो क्या बदलेगा?

अगर कांग्रेस आराधना मिश्रा को विधानसभा की मौजूदा भूमिका से आगे कोई संगठनात्मक या चुनावी जिम्मेदारी देती है, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती उत्तर प्रदेश में पार्टी के सीमित संगठनात्मक आधार को मजबूत करना होगी.

कांग्रेस फिलहाल प्रदेश में अपना आधार बढ़ाने, सामाजिक समीकरणों को विस्तार देने और सपा के साथ संभावित चुनावी तालमेल को लेकर रणनीति बना रही है. ऐसे माहौल में अनुभवी नेताओं की जिम्मेदारी केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगी.

आराधना मिश्रा ‘मोना’ की राजनीति की सबसे बड़ी विशेषता उनका जमीनी राजनीतिक अनुभव, विधानसभा में सक्रियता और रामपुर खास में कांग्रेस का मजबूत आधार है. 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में लगातार बदलाव कर रही है. ऐसे में आने वाले समय में मोना को क्या नई भूमिका मिलती है, यह पार्टी की आगामी रणनीति और आधिकारिक फैसलों पर निर्भर करेगा.

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा राजनीति में आराधना मिश्रा उन नेताओं में हैं, जिनकी भूमिका विधानसभा से लेकर चुनावी रणनीति तक महत्वपूर्ण बनी हुई है.

यह भी पढ़ें - UP Rajyasabha Election: अखिलेश यादव के ये दांव कर गए काम तो बढ़ सकती है विरोधियों की मुश्किल

Continue reading on the app

  Sports

गुलाबी गेंद, ओवर-थ्रो और समय की बर्बादी पर ICC ने लागू किए नए नियम, क्रिकेट में बढ़ेगा रोमांच

आईसीसी ने क्रिकेट के रोमांच को बढ़ाने के लिए कुछ नए और क्रांतिकारी नियम को लागू करने का ऐलान किया है. इन नियमों में ट्रायल के तौर पर दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैच में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल करना भी शामिल है. इसके अलावा ओवर थ्रो और समय की बर्बादी करने वाले खिलाड़ियों को भी नकेल कसने के लिए नियमों में बदलाव की घोषणा की गई है. Thu, 1 Oct 2026 20:17:38 +0530

  Videos
See all

Anjana Om Kashyap | राजीव रूड़ी कैप्टन स्मित की तारीफ की | #pmmodi #narendramodi #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-01T15:38:40+00:00

Anjana Om Kashyap | कैप्टन स्मित की तारीफ की तारिफ़ कर रहा पूरा देश | #smitmachharnews #indianpilot #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-01T15:42:23+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers