Karnataka CEO ऑफिस के बाहर सीढ़ियों पर बैठे DK Shivakumar, न्याय मिलने तक धरने पर अड़े
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य के कई कैबिनेट मंत्रियों के साथ मिलकर गुरुवार को मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अनबुकुमार के दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) के दौरान कथित तौर पर धोखाधड़ी से वोटरों के नाम हटाने के मामले में FIR दर्ज की जाए। शिवकुमार और मंत्री मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ़्तर के बाहर सीढ़ियों पर बैठ गए और ज़ोर दिया कि चुनाव आयोग उन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे जिन्होंने कथित तौर पर वोटरों के नाम हटाने के लिए धोखाधड़ी से 'फॉर्म 7' एप्लीकेशन जमा किए थे।
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शिवकुमार ने कहा कि जब तक वे अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक वे चुनाव आयोग का कार्यालय नहीं छोड़ेंगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान शिवकुमार ने कहा कि जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता, मैं इंतज़ार करूँगा। मैं इंतज़ार करता रहूँगा। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक कर्नाटक की बात है, नए SIR के बाद एक स्पेशल SIR शुरू किया गया है। कर्नाटक सरकार की ओर से हमने चुनाव आयोग का सहयोग किया... कर्नाटक में एक बड़ी साज़िश चल रही है... हमने पाया है कि 70% से ज़्यादा बूथों पर बीजेपी के अलग-अलग नेता बिना किसी पहचान-पत्र के 'फॉर्म 7' ले रहे हैं। पहले से छपे हुए फ़ॉर्म सप्लाई किए गए हैं और वे बीजेपी पार्टी के नेताओं को दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि वोटरों से जुड़ी जानकारी तक कैसे पहुँचा गया और कथित तौर पर उसका इस्तेमाल नाम हटाने की अर्ज़ी देने के लिए कैसे किया गया। शिवकुमार ने पूछा कि उनके पास गोपनीय जानकारी कैसे हो सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों में से हर एक में लगभग 10,000 वोट हटाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि यह कथित प्रक्रिया महादेपुरा से शुरू हुई थी और कहा कि उन्होंने कर्नाटक से शुरुआत की है।
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शिवकुमार ने कहा कि वह चाहते हैं कि चुनाव आयोग उन लोगों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करे और FIR करवाए, जिन्होंने कथित तौर पर फ़र्ज़ी 'फ़ॉर्म 7' आवेदन जमा किए थे। उन्होंने कहा कि जब तक मैं चुनाव आयोग द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हो जाता, तब तक मैं यहाँ से नहीं जाऊँगा।
Gandhi Jayanti की पूर्व संध्या पर DTU ने Harijan Sevak Sangh में चलाया स्वच्छता अभियान
दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी (DTU) द्वारा महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर और स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के अंतर्गत 1 अक्टूबर 2026 को हरिजन सेवक संघ, दिल्ली में ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ अभियान का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य राष्ट्र के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता को रेखांकित करना तथा महापुरुषों के जीवन से सीख लेना था।
आज के इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की एचओडी (अकादमिक्स) डॉ. सरोज मलिक, समन्वयक डॉ. राजेश सिंह, संकाय सदस्यों डॉ. ऋचा एवं डॉ. शालू तथा बी.ए. एवं एम.ए. शिक्षा कार्यक्रमों के 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. संजीव राय ने छात्रों को सफ़ाई, जागरूकता, स्वावलंबन के परिप्रेक्ष्य में खादी ग्रामोद्योग के बारे में जानकारी दी।
विद्यार्थियों ने श्रमदान करते हुए परिसर की स्वच्छता एवं रख-रखाव में सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता को सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में समझना तथा विद्यार्थियों में स्वैच्छिक सेवा, नागरिक सहभागिता और श्रम की गरिमा की भावना विकसित करना था।
हरिजन सेवक संघ के साथ दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी के समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत आयोजित इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के जीवन, दर्शन और सादगी, स्वावलंबन, स्वच्छता, सामाजिक समानता तथा सामुदायिक सेवा जैसे मूल्यों को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर प्रदान किया। विद्यार्थियों ने स्वच्छता एवं श्रमदान के साथ-साथ टीमवर्क, अनुशासन, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व को आत्मसात किया। विश्वविद्यालय ने इस पहल के माध्यम से भावी शिक्षकों को समाज के प्रति उत्तरदायी, संवेदनशील और समुदाय-केंद्रित नागरिक के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। हरिजन सेवक संघ के परिसर में रहने वाले बच्चों ने चरखा चलाकर सूत बनाने की प्रक्रिया दिखाई।
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