Responsive Scrollable Menu

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले की छह सीटों पर 2027 से पहले कैसा है सियासी हाल?

Manipur Bishnupur Assembly Election 2027: करीब एक साल तक राष्ट्रपति शासन में रहने के बाद मणिपुर में फरवरी 2026 में नई सरकार बनी. अब राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इंफाल घाटी से सटे बिष्णुपुर जिले की सियासत हमेशा से राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती रही है. आइए जानते हैं जिले की सभी सीटों का पूरा हाल.

साक्षरता दर करीब 80 प्रतिशत दर्ज की गई

जनगणना 2011 के अनुसार बिष्णुपुर जिले की कुल आबादी करीब 2 लाख 37 हजार है, जिसमें पुरुषों की संख्या करीब 1 लाख 19 हजार और महिलाओं की संख्या करीब 1 लाख 19 हजार है. यहां लिंगानुपात लगभग बराबरी पर है, प्रति हजार पुरुषों पर 999 महिलाएं दर्ज हुई हैं, जो देश के ज्यादातर जिलों से बेहतर है. एक रिपोर्ट के अनुसार यहां साक्षरता दर करीब 80 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसमें पुरुष साक्षरता करीब 88 प्रतिशत और महिला साक्षरता करीब 71 प्रतिशत दर्ज हुई है.

आबादी करीब 9 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की आबादी

जानकारी के मुताबिक जिले की करीब 63 प्रतिशत आबादी गांवों में और बाकी शहरी इलाकों में रहती है. धार्मिक बनावट के लिहाज से यह जिला मुख्य रूप से हिंदू और सनामही (मैतेई पारंपरिक धर्म) अनुयायियों का मिश्रण आबादी वाला है. यहां हिंदू धर्म मानने वालों की हिस्सेदारी करीब 74 प्रतिशत और सनामही धर्म मानने वालों की हिस्सेदारी करीब 16 प्रतिशत है. इसके अलावा मुस्लिम समुदाय (जिन्हें स्थानीय तौर पर मैतेई पंगल कहा जाता है) की आबादी करीब 8 प्रतिशत है, जबकि ईसाई समुदाय की हिस्सेदारी करीब 2 प्रतिशत है. इसके अलावा जिले में अनुसूचित जाति की आबादी करीब 9 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की आबादी करीब 1 प्रतिशत है.

जिले में छह विधानसभा सीटें, कोई भी आरक्षित नहीं

बिष्णुपुर जिले में कुल छह विधानसभा सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं नांबोल, ओइनम, बिष्णुपुर, मोइरांग, थंगा और कुम्बी. यह सभी छह सीटें सामान्य श्रेणी में आती हैं, यहां कोई भी सीट अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित नहीं है, क्योंकि यह जिला मणिपुर घाटी के मैतेई बहुल इलाके में आता है, जहां आदिवासी आबादी बेहद सीमित है.

भाजपा-एनपीपी गठबंधन का दबदबा

2022 के विधानसभा चुनाव में बिष्णुपुर जिले की छह सीटों में से तीन पर भाजपा और दो पर नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) ने जीत दर्ज की थी. जो दोनों राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं. आइए आपको हर विधानसभा का ब्रीफ परिचय देते हैं.

नांबोल विधानसभा सीट पर भाजपा के थौनाओजम बसंत कुमार सिंह ने जीत दर्ज की.

ओइनम सीट पर एनपीपी की इरेंगबाम नलिनी देवी विजयी रहीं.

बिष्णुपुर सीट पर भाजपा के कोंथौजम गोविंदास सिंह ने जनता दल यूनाइटेड के ओइनम नबकिशोर सिंह को करीब 46 प्रतिशत बनाम 41 प्रतिशत वोट शेयर के अंतर से हराया था. 

मोइरांग विधानसभा सीट पर एनपीपी के थोंगम शांति सिंह ने जीत दर्ज की.

थंगा विधानसभा सीट पर भाजपा के तोंगब्रम रोबिंद्रो सिंह ने करीब 12 हजार 531 वोटों के साथ जीत हासिल की. खास बात यह रही कि वे पिछली बार तृणमूल कांग्रेस के इकलौते विधायक थे, मगर चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गए थे.

कुम्बी सीट पर भाजपा के सानासाम प्रेमचंद्र सिंह ने जनता दल यूनाइटेड के अहांथेम शानजॉय सिंह को महज 372 वोटों के बेहद मामूली अंतर से हराया था. बताया जाता है कि यह जिले की सबसे करीबी जीत रही.

जिले की राजनीति कांग्रेस से..., अब भाजपा-एनपीपी का दौर

मणिपुर की राजनीति में शुरुआती दशकों में कांग्रेस का मजबूत प्रभाव रहा था. खासकर 1970 और 1980 के दशक में यहां कांग्रेस काफी मजबूत थी. इसके बाद मणिपुर पीपल्स पार्टी जैसे क्षेत्रीय दलों का उभार हुआ, जिसने बिष्णुपुर जिले की कई सीटों पर लंबे समय तक पकड़ बनाए रखी. फिर 2000 के दशक में कांग्रेस ने ओकराम इबोबी सिंह के नेतृत्व में राज्य की सत्ता पर दोबारा कब्जा जमाया और करीब डेढ़ दशक तक शासन किया.

2017 के विधानसभा चुनाव ने राज्य की सियासी तस्वीर बदल दी 

2017 के विधानसभा चुनाव ने राज्य की सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल दी, जब भाजपा ने पहली बार मणिपुर में सरकार बनाई. बिष्णुपुर जिले में भी इसी दौर से भाजपा और उसके सहयोगी दलों का दबदबा लगातार बना हुआ है. 2022 में भी इस जिले की किसी भी सीट पर कांग्रेस या किसी विपक्षी दल को जीत नहीं मिल सकी जो राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन की मजबूत पकड़ को दर्शाता है.

नियुक्त किए गए दो उपमुख्यमंत्री, 2025 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इसलिए दिया था इस्तीफा

मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह बदल गई. फरवरी 2025 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था, जो करीब एक साल तक जारी रहा. फरवरी 2026 में राष्ट्रपति शासन हटाकर भाजपा के वरिष्ठ नेता यमनाम खेमचंद सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया साथ ही सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए दो उपमुख्यमंत्री भी नियुक्त किए गए.

कुम्बी विधानसभा सीट का इतिहास है दिलचस्प

बिष्णुपुर जिले के लिए एक और अहम घटनाक्रम कुम्बी सीट से जुड़ा है. यहां से जीते भाजपा विधायक के खिलाफ हारे हुए प्रत्याशी ने चुनाव याचिका दाखिल की थी, जिस पर मणिपुर उच्च न्यायालय ने अगस्त 2023 में फैसला सुनाया और इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस फैसले को बरकरार रखा, जिससे यह सीट फिलहाल खाली है. 2027 के चुनाव से पहले इस सीट पर दोबारा मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है.

कांग्रेस राज्यभर में संगठन को फिर खड़ा करने की कोशिश कर रही 

जातीय हिंसा के बाद से बिष्णुपुर जिला जो इंफाल घाटी और पहाड़ी इलाकों के बीच की सीमा पर स्थित है सुरक्षा और राहत-पुनर्वास जैसे मुद्दों के लिहाज से भी संवेदनशील बना हुआ है. 2027 के चुनाव में शांति बहाली, विस्थापितों के पुनर्वास और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दे यहां की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं. नई सरकार के गठन के बाद भाजपा और एनपीपी दोनों दल जिले में अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि कांग्रेस भी राज्यभर में संगठन को फिर खड़ा करने की कोशिश कर रही है.

किस सीट पर किसका कितना असर

- नांबोल सीट पर मैतेई समुदाय का प्रभुत्व है. सीट में व्यापारी और कृषक वर्ग अपना प्रभाव रखते हैं. 

- ओइनम सीट पर मैतेई हिंदू और सनामही अनुयायियों का मिला-जुला प्रभाव है. बताया जाता है कि यहां पारंपरिक राजनीतिक परिवारों की मजबूत पकड़ है.

- बिष्णुपुर सीट पर मैतेई समुदाय बहुसंख्यक संख्या में है. यहां सामाजिक-धार्मिक संस्थाएं राजनीति पर अपना प्रभाव रखती हैं. 

- मोइरांग सीट पर मैतेई समुदाय के साथ कुछ छोटे जनजातीय समूहों (जैसे चोथे समुदाय) अपना प्रभाव रखता है. 

- थंगा सीट पर झील किनारे बसी मछुआरा बिरादरी और मैतेई समुदाय का प्रभाव है. 

- कुम्बी सीट पर मैतेई हिंदू और मुस्लिम (मैतेई पंगल) समुदाय दोनों का वोट बैंक मजबूत है. 

FAQ

Q: बिष्णुपुर जिले में कुल कितनी विधानसभा सीटें हैं?
A: बिष्णुपुर जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं, नांबोल, ओइनम, बिष्णुपुर, मोइरांग, थंगा और कुम्बी.

Q: इनमें से कौन-सी सीट आरक्षित है?
A: जिले की सभी छह सीटें सामान्य श्रेणी की हैं, यहां कोई भी सीट अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित नहीं है.

Q: 2022 चुनाव में बिष्णुपुर जिले में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
A: भाजपा को तीन सीटें (नांबोल, बिष्णुपुर, थंगा) और एनपीपी को दो सीटें (ओइनम, मोइरांग) मिलीं, जबकि कुम्बी सीट भी भाजपा ने जीती थी.

Q: बिष्णुपुर जिले की आबादी में हिंदू और मुस्लिम समुदाय का हिस्सा कितना है?
A: जनगणना 2011 के अनुसार जिले में हिंदू धर्म मानने वालों की हिस्सेदारी करीब 74 प्रतिशत, सनामही अनुयायियों की करीब 16 प्रतिशत और मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी करीब 8 प्रतिशत है.

Q: जिले में किस पार्टी का ऐतिहासिक तौर पर दबदबा रहा है?
A: शुरुआती दशकों में कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों का प्रभाव रहा, मगर 2017 के बाद से भाजपा और उसके सहयोगी दलों का दबदबा लगातार बना हुआ है.

Q: 2027 के चुनाव से पहले फिलहाल राजनीतिक माहौल कैसा है?
A: मई 2023 की जातीय हिंसा और करीब एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद फरवरी 2026 में नई सरकार बनी है.

UP Election 2027: अंबेडकर नगर की 5 सीटों पर सपा का दबदबा बरकरार रहेगा या लगेगा झटका?

UP चुनाव में सपा-कांग्रेस का गठबंधन टूटेगा? सपा के इस नेता ने दिया बड़ा बयान

UP Election 2027: उन्नाव की 6 सीटों पर BJP का किला रहेगा बरकरार?

Continue reading on the app

मेघालय: तुरा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की भारी कमी, योग्य फैकल्टी सदस्यों की पहचान के लिए उठाए जा रहे कदम

शिलांग, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। मेघालय में प्रस्तावित तुरा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की भारी कमी बनी हुई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के नियमों के अनुसार, हर साल 50 एमबीबीएस छात्रों के दाखिले के लिए 97 टीचिंग स्टाफ की जरूरत होती है, जबकि अभी सिर्फ 37 टीचिंग स्टाफ ही मौजूद हैं। इस संबंध में अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी।

सरकारी मेडिकल कॉलेज को शुरू करने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण आयुक्त और सचिव डॉ. जोरम बेडा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से समीक्षा की गई।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज को चालू करने में टीचिंग फैकल्टी की कमी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।

विभाग ने कहा कि वह इस कमी को पूरा करने के लिए एक साल से ज्यादा समय से काम कर रहा है और योग्य फैकल्टी सदस्यों की पहचान करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

इन कोशिशों में नौकरी कर रहे इच्छुक और योग्य डॉक्टरों की पहचान करना, टीचिंग स्टाफ की भर्ती के लिए तीन बार अलग-अलग विज्ञापन निकालना और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी को दूर करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए तुरा में मौजूद डॉक्टरों से बातचीत करना शामिल था।

इन कोशिशों के बावजूद उपलब्ध फैकल्टी सदस्यों की संख्या एनएमसी की जरूरत से काफी कम है। इस स्थिति को देखते हुए, समीक्षा बैठक में यह सुझाव दिया गया कि तुरा सिविल अस्पताल परिसर में बन रहे 150-बिस्तर और 80-बिस्तर वाले अस्पताल ब्लॉक का काम पूरा किया जाए और उन्हें मरीजों की देखभाल के लिए चालू किया जाए।

अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से यह पक्का हो जाएगा कि तुरा में बनाया जा रहा बड़ा हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर गारो हिल्स इलाके के लोगों को फायदा पहुंचाना शुरू कर दे, भले ही मेडिकल कॉलेज तुरंत पूरी तरह से चालू न हो पाए।

इन अतिरिक्त सुविधाओं से तुरा सिविल अस्पताल में बेड की कुल क्षमता में भी काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस अस्पताल को प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज से जुड़े टीचिंग हॉस्पिटल के तौर पर काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

विभाग का कहना है कि अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से स्वास्थ्य सेवा की तत्काल जरूरतों और मेडिकल कॉलेज की लंबी अवधि की जरूरतों, दोनों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक, तुरा सिविल अस्पताल और तुरा एमसीएच अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और मैनपावर असेसमेंट कमेटी के सदस्य शामिल थे।

उम्मीद है कि अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर का काम आगे बढ़ने के साथ-साथ अधिकारी जरूरी टीचिंग स्टाफ की व्यवस्था करने की कोशिशें जारी रखेंगे।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Asian Games India Schedule 2026, Day 13: महिला हॉकी का खिताबी दंगल, बॉक्सिंग में 3 गोल्ड दांव पर, इन खेलों में भी मेडल की उम्मीद

Asian Games India Schedule 2026, DAY 9: एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारतीय खिलाड़ी 12 अलग-अलग खेल इवेंट में हिस्सा लेंगे. जिसमें कई गोल्ड मेडल इवेंट शामिल हैं. Thu, 01 Oct 2026 23:00:44 +0530

  Videos
See all

Rose Sardana: मुंबई में रोज सरदाना की खास झलक #rosesardana #shorts #viral #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-01T18:15:38+00:00

Black and White शो के आज के Highlights | 01 October 2026 | Captain Smit Machchhar |Tel Aviv Flight #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-01T18:15:20+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers