Manipur Cabinet ने हिंसा में लापता 49 लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये देने को दी मंजूरी
इंफाल, एक अक्टूबर मणिपुर सरकार ने तीन मई 2023 से राज्य में जारी हिंसा के बाद लापता बताए गए 49 लोगों के निकटतम परिजनों को बृहस्पतिवार को एकमुश्त विशेष मानवीय सहायता के तौर पर 10-10 लाख रुपये देने को मंजूरी दी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
मंत्रिमंडल ने राज्य में चरमपंथी हिंसा या अभियानों के दौरान जान गंवाने वाले अथवा घायल हुए सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। संशोधित दरों के तहत मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये, स्थायी दिव्यांगता के मामले में दो लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल होने पर एक लाख रुपये और मामूली चोट के मामले में 20,000 रुपये दिए जाएंगे। बयान में कहा गया कि जान गंवाने के मामले में दो लाख रुपये और चोट के मामले में 10,000 रुपये दिया जाना 2006 में तय किया गया था और अब अपर्याप्त हो गया है।
मंत्रिमंडल ने 49 लापता लोगों के बारे में कहा कि लगातार तलाश के प्रयासों के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका है और उनके परिवारों को मृतक पीड़ितों के परिवारों के समान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। मृतक पीड़ितों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये दिए गए थे। बयान में कहा गया, मंत्रिमंडल ने गृह विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी जिसके तहत तीन मई 2023 से हिंसा के सिलसिले में लापता बताए गए 49 लोगों के निकटतम परिजनों को एकमुश्त विशेष मानवीय उपाय के तौर पर 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने मणिपुर श्रमजीवी पत्रकार पेंशन नियमावली 1996 के तहत पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। बयान में कहा गया कि सेवानिवृत्त पत्रकारों की मासिक पेंशन 8,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये और दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये की जाएगी।
राजस्थान में पंचायत चुनाव अभियान का आगाज, Govind Singh Dotasra ने भाजपा पर लगाए आरोप
जयपुर, एक अक्टूबर कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को नागौर जिले के डेगाना से राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए अपना अभियान शुरू किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर चुनाव से पहले प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। पार्टी ने डेगाना में पंचायती राज कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस विधायक, पूर्व प्रत्याशी और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए।
डोटासरा ने कहा कि ग्रामीण चुनावों की तैयारियों की शुरुआत के लिए डेगाना को इसलिए चुना गया क्योंकि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1959 में नागौर से पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की थी। बृहस्पतिवार को अपना जन्मदिन मना रहे डोटासरा ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भी पंचायती राज व्यवस्था से ही राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और विधायक बनने से पहले प्रधान के रूप में काम किया था। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी का संदेश गांवों और ढाणियों तक पहुंचाने तथा एकजुट होकर चुनाव की तैयारी करने को कहा।
डोटासरा ने कहा, ‘‘हमें अपने मतभेद भुलाकर मिलकर चुनाव लड़ना होगा।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों की जानकारी जुटाने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है और इसका उपयोग कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों पर दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है। डोटासरा ने हाल में हुए शहरी निकाय चुनावों के दौरान भी पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग से पार्षदों को प्रभावित करने के पार्टी के आरोप दोहराए। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों को पिछली कांग्रेस सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताएं और उनकी तुलना भाजपा सरकार के कामकाज से करें।
जूली ने दावा किया कि शहरी निकाय चुनावों में भाजपा का वोट प्रतिशत कम हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने निकायों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किया। इससे पहले डेगाना जाते समय डोटासरा और जूली का दूदू, अजमेर और ब्यावर सहित कई स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
दूदू में जिला परिषद चुनाव में टिकट के दावेदारों के समर्थकों के दो गुट स्वागत कार्यक्रम के दौरान आपस में भिड़ गए। दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई, जिसके बाद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर उन्हें अलग किया। डोटासरा के संबोधन के दौरान भी कुछ कार्यकर्ता आपस में उलझ गए।
इस पर डोटासरा ने उन्हें फटकार लगाते हुए बैठने को कहा। उन्होंने एक कार्यकर्ता से कहा, ‘‘यह चुनाव प्रचार नहीं है। बैठ जाइए, आप इतने बड़े आदमी नहीं हैं।
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