'राष्ट्र के प्रति बड़े दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया', लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर बोले सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व पीएम स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनका स्मरण किया है. जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है. उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने अपने आचरण और कार्यशैली से यह सिद्ध किया कि सादगी और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ भी राष्ट्र के प्रति बड़े दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया जा सकता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने देश के कठिन दौर में नेतृत्व प्रदान करते हुए राष्ट्र के आत्मविश्वास को मजबूत किया. उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ देश की सुरक्षा और खाद्य आत्मनिर्भरता के लिए सैनिकों तथा किसानों के योगदान के महत्व को रेखांकित करता है. यह नारा आज भी देशवासियों में राष्ट्रप्रेम, एकजुटता और कर्तव्यबोध की भावना का संचार करता है.
भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते को एक साल पूरा, पीयूष गोयल बोले- भारतीय निर्यातकों के लिए खुले नए अवसर
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के एक साल पूरे होने पर कहा कि इसने भारतीय व्यवसायों और निर्यातकों के लिए नए अवसर खोले हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, गोयल ने इस समझौते को चार ईएफटीए देशों (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन) के साथ भारत के आर्थिक जुड़ाव में एक अहम पड़ाव बताया।
उन्होंने कहा कि ईएफटीए देशों ने अगले 15 सालों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है। उम्मीद है कि इस कदम से 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।
गोयल के अनुसार, निवेश के ये वादे भारत के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देंगे और लंबे समय तक आर्थिक विकास में योगदान देंगे।
मंत्री ने कहा कि टीईपीए 92.2 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर बाजार पहुंच देता है, जिसमें ईएफटीए देशों को भारत के 99.6 प्रतिशत एक्सपोर्ट शामिल हैं। इसमें नॉन-एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स के लिए पूरी कवरेज भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि साथ ही, भारत ने इस समझौते के तहत डेयरी, सोया, कोयला और कुछ एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स जैसे संवेदनशील सेक्टरों को सुरक्षित रखा है।
समझौते के शुरुआती असर पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि टीईपीए लागू होने के बाद से मोटर कारों और अन्य गाड़ियों, हेवी वाटर और मोल्डिंग पैटर्न के निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा, एक अहम नतीजा यह है कि टीईपीए लागू होने के बाद से मोटर कारों और अन्य मोटर गाड़ियों, हेवी वाटर और मोल्डिंग पैटर्न के भारत के निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई है। यह तो बस शुरुआत है।
मंत्री ने कहा कि यह ट्रेड एग्रीमेंट अलग-अलग सेक्टरों में भारतीय निर्यातकों के लिए मौके मजबूत करने में मदद कर रहा है और साथ ही ईएफटीए देशों के साथ गहरे आर्थिक सहयोग का रास्ता भी बना रहा है।
मंत्री ने बताया कि यह समझौता बिजनेस के लिए नए रास्ते बना रहा है, बाजार पहुंच बढ़ा रहा है और भारत तथा ईएफटीए ब्लॉक के बीच आपसी विकास और समृद्धि को बढ़ावा दे रहा है।
--आईएएनएस
एबीएस
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