सुलतानपुर MP-MLA Court में Rahul Gandhi मानहानि मामले की सुनवाई अब 6 अक्टूबर को होगी
सुलतानपुर, एक अक्टूबर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ सुलतानपुर की एक विशेष अदालत में चल रहे मानहानि मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन वादी के अधिवक्ता के अस्वस्थ होने के कारण सुनवाई फिर टल गई। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए छह अक्टूबर की तारीख तय की है। राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे इस मामले में परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बीते 21 सितंबर को बहस शुरू की थी, लेकिन बहस पूरी नहीं हो सकी थी।
इस पर विशेष न्यायाधीश शुभम वर्मा ने आगे की सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की थी। इसके बाद 29 सितंबर को एक वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। अदालत ने इसके बाद सुनवाई के लिए एक अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी।
बृहस्पतिवार को वादी के अधिवक्ता के बीमार होने के कारण सुनवाई फिर टल गई। रायबरेली के सांसद राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय के अस्वस्थ होने के कारण बृहस्पतिवार को कोई सुनवाई नहीं हुई। राहुल गांधी पर वर्ष 2018 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ बेंगलुरु में चुनाव के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन एवं भाजपा नेता विजय मिश्र ने अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया था। इसके बाद 27 नवंबर 2023 को अदालत ने राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और जमानत कराई।
बाद में परिवादी विजय मिश्र ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल (आवाज के नमूने) का मिलान कराने के लिए अर्जी दाखिल की थी, जिसे विचारण अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ दायर निगरानी अर्जी भी सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी थी।
4 साल बाद पंजाब को मिलेगा रेगुलर DGP, High Court ने सरकार से मांगा हलफनामा
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार एक रेगुलर डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) नियुक्त करे। साथ ही, कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा है कि वे 13 अक्टूबर, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई तक अनुपालन हलफ़नामा (compliance affidavit) दाखिल करें। यह निर्देश वकील निखिल थम्मन द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान दिया गया। उन्होंने बताया कि पंजाब में चार साल से ज़्यादा समय से कोई रेगुलर DGP नहीं है। याचिका में प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले और रेगुलर DGP की नियुक्ति से संबंधित निर्देशों का ज़िक्र किया गया। याचिकाकर्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, DGP की नियुक्ति यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा अनुशंसित पैनल से की जानी चाहिए।
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थम्मन के अनुसार, पंजाब सरकार को जुलाई के पहले हफ़्ते में ही UPSC का पैनल मिल गया था, लेकिन नियुक्ति नहीं की गई थी। सुनवाई के दौरान, पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि UPSC द्वारा सुझाए गए पैनल पर विचार किया जा रहा है। इन बातों के बाद, हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को एक रेगुलर DGP नियुक्त करने का निर्देश दिया और मुख्य सचिव को अगली सुनवाई की तारीख तक अनुपालन हलफ़नामा (compliance affidavit) रिकॉर्ड पर रखने का आदेश दिया। पत्रकारों से बात करते हुए थम्मन ने कहा, "पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सरकार तुरंत एक रेगुलर DGP नियुक्त करे। साथ ही, पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि अगली सुनवाई की तारीख, यानी 13 अक्टूबर 2026 तक, कोर्ट में एक अनुपालन हलफ़नामा दाखिल करें कि आज के निर्देशों का पालन करते हुए हमने एक रेगुलर DGP नियुक्त कर लिया है।" उन्होंने आगे कहा कि अगर 13 अक्टूबर तक नियुक्ति नहीं की जाती है, तो वह मुख्य सचिव के ख़िलाफ़ अवमानना याचिका (contempt petition) दायर करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को होगी।
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