Responsive Scrollable Menu

सिंगर्स क्यों भूल जाते हैं अपने ही गाए हुए सुपरहिट गानों के लिरिक्स? शंकर महादेवन ने बताई वजह

Shankar Mahadevan on lyrics Forget: बॉलीवुड के ऐसे कई सुपरहिट और सदाबाहर गाने हैं, जिनको लोग अक्सर गुनगुनाते हुए नजर आते हैं. बॉलीवुड म्यूजिक पसंद करने वाले लोग अक्सर उन्हीं गानों को गाते हैं जो उनके फेवरेट होते हैं. लेकिन कई बार सिंगर्स अपने ही गाए गानों के लिरिक्स भूल जाते हैं, जिसकी वजह से उन्हें कई बार बिना लिरिक्स के गाना गाते हुए मुश्किलों का सामना करना पड़ता. ऐसा कई बार कॉन्सर्ट भी देखने के लिए मिला. अब बॉलीवुड के जाने-माने कंपोजर और सिंगर शंकर महादेवन (Shankar Mahadevan) ने इसकी वजह बताई है कि सिंगर्स अपने ही सुपरहिट गानों के लिरिक्स क्यों भूल जाते हैं. आइए इसकी वजह जानते हैं.  

सिंगर्स क्यों भूल जाते हैं अपने ही गाए हुए सुपरहिट गानों के लिरिक्स?

दरअसल, शंकर महादेवन ने 'दिल चाहता है' के 25 साल पूरे होने के मौके पर एहसान नूरानी, लॉय मेंडोंसा, प्लेबैक सिंगर शान और मेयांग चांग के साथ बातचीत की. इस मौके पर उन्होंने बताया कि सिंगर्स अपने पॉपुलर गानों के बोल कई बार क्यों भूल जाते हैं. उनका कहना है कि जब कोई गाना सुपरहिट हो जाता है तो अक्सर सिंगर का ध्यान नेचुरली नए गानों और नई धुनों पर चला जाता है, जिससे पुराने गाने उनकी प्रायोरिटी नहीं रहते. 

शंकर महादेवन ने बताई वजह

इसी बातचीत के दौरान शान ने सवाल किया कि वह अपने ही गानों के बोल क्यों भूल जाते हैं. इस पर शंकर महादेवन ने बताया कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गायक उस गाने को पहले ही गा चुका होता है और वह गाना पॉपुलर या सुपरहिट हो चुका होता है. इसके बाद गायक आगे बढ़ जाता है और उस गाने को लेकर उसका फोकस पहले जैसा नहीं रहता. शंकर ने कहा, 'जब कोई गाना नया होता है, नई धुन और नए बोल होते हैं, तब गायक का पूरा ध्यान उसमें लगा रहता है. वह इस बात को लेकर भी बेहद सतर्क रहता है कि उससे कोई गलती न हो. इसलिए नए गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान गलतियां होने की संभावना कम रहती है.'

'दिल चाहता है' के पूरे हुए 25 साल

फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी 'दिल चाहता है' ने हाल ही में 25 साल पूरे किए हैं. यह फिल्म फरहान अख्तर की बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म थी और ये बॉक्स ऑफिस सफल साबित हुई. फिल्म को लोगों का बहुत प्यार मिला था. इस फिल्म की कहानी शहरी दोस्ती, प्रेम और युवाओं की स्वतंत्र सोच को जिस अंदाज में पेश किया गया, उसने दर्शकों तक लोगों को प्रभावित किया. इस फिल्म का दोस्तों की गोवा रोड ट्रिप वाला सीन काफी पॉपुलर हुआ था और समय के साथ यह युवाओं के लिए दोस्तों के साथ ऐसी यात्रा करने की प्रेरणा बन गई.

शंकर महादेवन के बारे में जानिए

शंकर महादेवन सिंगर और कंपोजर हैं, जो मशहूर संगीत तिकड़ी शंकर-एहसान-लॉय के रूप में भी जाने जाते हैं. 3 मार्च 1967 को मुंबई में जन्मे शंकर महादेवन ने अपने म्यूजिक करियर की शुरुआत साल 1998 में ऐतिहासिक इंडी-पॉप एल्बम 'ब्रेथलेस' से की थी, जिसने उन्हें रातों-रात पॉपुलरिटी के शिखर पर पहुंचा दिया था. चार नेशनल फिल्म अवॉर्ड और साल 2019 में पद्म श्री से सम्मानित महादेवन ने भारत का मान बढ़ाया है. उन्होंने अपने फ्यूजन बैंड 'शक्ति' के साथ साल 2024 में ग्रैमी अवॉर्ड भी जीता था. हाल ही में 2026 ग्रैमी अवार्ड्स में भी उनके एल्बम माइंड एक्सप्लोजन और ट्रैक श्रीनीज़ ड्रीम ने नॉमिनेशन हासिल किया. फिलहाल, वह ज़ी टीवी के पॉपुलर रियलिटी शो 'सा रे गा मा पा 2026' में बतौर जज और मेंटर के रूप में नजर आ रहे हैं. 

ये भी पढ़ें: ऋतिक-सबा के रिलेशनशिप को हुए 5 साल पूरे, एक्टर ने गर्लफ्रेंड संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Ex-वाइफ ने किया ऐसे रिएक्ट

Continue reading on the app

CM धामी ने एक क्लिक के जरिए 9,93,886 पेंशनरों को ₹147.34 करोड़ की पेंशन का किया भुगतान

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला, देहरादून में अंतराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजन सिविल सर्विस कोचिंग का शुभारंभ एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 23 वरिष्ठ नागरिकों, निबंध एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में चयनित 05 छात्र/छात्राओं का पुरस्कार से सम्मानित किया. 

34 लाख 53 हजार की पेंशन का भुगतान

मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से सितंबर माह की पेंशन राशि का भी भुगतान किया. जिसमें 9,93,886 पेंशनरों  को ₹ 147 करोड 34 लाख 53 हजार की पेंशन का भुगतान किया गया.  साथ ही उन्होंने सभी को वरिष्ठ जनों के कल्याण की शपथ दिलाई. मुख्यमंत्री ने इस दौरान परिसर में "एक पेड़ मां के नाम" के तहत पौधारोपण भी किया. 

वृद्धजनों से बच्चों को संस्कार मिलते हैं

 मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठजनों का स्वागत करते हुए अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दी. उन्होंने प्रदेश के सभी वृद्धजनों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु की कामना की. उन्होंने कहा वरिष्ठजन के सानिध्य में ही परिवार खुद को सुरक्षित महसूस करता है. वृद्धजनों से बच्चों को संस्कार मिलते हैं. उनके सानिध्य में बच्चों को जीवन के आदर्श, सिखाने को मिलते हैं. उन्होंने कहा वृद्धजन हमारे परिवार के सुरक्षाकवच होते हैं, उनके कारण ही घर में अनुशासन रहता है और ईश्वर का वास होता है. 

अपनापन और आत्मीयता का भाव आता है

मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठजन, अपने जीवन के अनुभवों से परिवार और समाज को आगे बढ़ाते हैं. परिवार में वरिष्ठजनों की मौजूदगी से घर में अपनापन और आत्मीयता का भाव आता है. वरिष्ठजन हमारे जीवंत अनुभव और विरासत हैं. उन्होंने कहा जीवन की गहरी समझ हमें  वरिष्ठजनों के अनुभवों से ही मिलती है. मुख्यमंत्री ने बताया उनके जीवन में भी उनके माता-पिता के संस्कारों की बड़ी भूमिका है. उन्होंने कहा उनके स्वर्गीय पिताजी की सीख, आज भी उनका मार्गदर्शन करती है और माताजी का आशीर्वाद उन्हें शक्ति देता है.

1500 रुपये की पेंशन प्रदान की जा रही

मुख्यमंत्री ने कहा वो प्रदेश के मुख्य सेवक होने के साथ ही प्रदेश के बेटे भी हैं. उन्होंने कहा उत्तराखंड के प्रत्येक वरिष्ठजन के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा उनकी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिमाह ₹ 1500  की पेंशन प्रदान की जा रही है. इसमें पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ दिया जा रहा है. उन्होंने बताया वर्तमान में प्रदेश के 9 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को ₹ 147 करोड़  से अधिक की पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है. 

वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे 

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य के विभिन्न जनपदों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है. वर्तमान में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं. सरकार द्वारा देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में भी नए वृद्धाश्रमों भवनों का निर्माण करवाया जा रहा है एवं हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल सहित विभिन्न क्षेत्रों में गैर-सरकारी संगठनों द्वारा भी वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा उनका मानना है कि समाज में वृद्धाश्रमों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए थी. हमारे वरिष्ठजन को वृद्धाश्रम में नहीं, बल्कि परिवार के बीच सम्मान से रहने का अधिकार है. उन्होंने कहा केंद्र सरकार के सहयोग से अटल वयो अभ्युदय योजना के माध्यम से भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और समग्र विकास के लिए काम किया जा रहा है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया है. राज्य सरकार द्वारा दीनदयाल मातृ पितृ तीर्थाटन योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों के लिए निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था भी की गई है. उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वरिष्ठजनों को आयुष्मान भारत योजना से मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है. मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को विश्वास दिलाते हुए कहा कि आपका ये बेटा कभी आपके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं में कोई कमी नहीं होने देंगे.

 5 सालों में उत्तराखंड की दशा बदली

समाज कल्याण मंत्री श्री खजान दास ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर वृद्धजनों के सम्मान के लिए यह दूसरा कार्यक्रम किया जा रहा है. उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बीते 5 सालों में उत्तराखंड की दशा बदली हैं. उन्होंने कहा भारतीय संस्कृति में बड़ों का सम्मान करने की परंपरा है और यह परंपरा हमेशा जीवंत रहनी चाहिए. उन्होंने युवाओं से वृद्धजनों का सम्मान करने और उनकी सहायता करने का संकल्प लेने की बात कही. 

इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, दायित्वधारी श्री राम चंद्र गौड़, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्वांकी, निदेशक श्री संजय कुमार, निदेशक जनजाति कल्याण श्री संजय सिंह टोलिया, संयुक्त निदेशक श्री जी.आर. नौटियाल, श्रीमती पूजा नेगी,  श्रीमती हेमलता पाण्डेय, श्री गोरधन सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे.

Continue reading on the app

  Sports

World Cup 2027: भारत-पाकिस्तान के बीच कई बार होगी टक्कर, 10 अक्टूबर के बाद इस दिन होगा मुकाबला

भारत और पाकिस्तान को इस बार भी वर्ल्ड कप के लिए एक ही ग्रुप में रखा गया है, जहां दोनों के बीच 10 अक्टूबर को मुकाबला होगा. इसके अगले राउंड में भी भारत-पाकिस्तान मैच की तारीख तय है. Fri, 02 Oct 2026 08:36:52 +0530

  Videos
See all

Superfast News: Gandhi Jayanti | CEC Gyanesh Kumar | PM Modi | Rahul Gandhi | SIR | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T02:54:58+00:00

Top Headlines Of The Day: Gandhi Jayanti | Gyanesh Kumar | INDIA Alliance | PM Modi | Rahul Gandhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T02:54:56+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers