Tata Motors की Passenger Vehicles बिक्री 15% बढ़ी, सितंबर में कुल 70,210 वाहन बिके
त्योहारी मौसम से पहले ऑटो सेक्टर में मांग मजबूत बनी हुई है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने सितंबर 2026 में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में 15% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी ने सितंबर में घरेलू बाजार में 68,810 यात्री वाहन बेचे हैं, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 59,667 वाहन रहा था।
बता दें कि घरेलू बिक्री के साथ विदेशों में कारोबार को भी शामिल किया जाए तो सितंबर में टाटा मोटर्स की कुल यात्री वाहन बिक्री 70,210 इकाई रही है। पिछले साल सितंबर में कंपनी ने कुल 60,907 यात्री वाहन बेचे थे। इस तरह कुल बिक्री में भी 15% की बढ़ोतरी हुई है। सितंबर में अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 1,400 वाहनों की बिक्री हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले 13% ज्यादा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही कंपनी के लिए बेहद मजबूत रही है। इस दौरान घरेलू यात्री वाहन बिक्री 40% बढ़कर 1,96,674 इकाई पहुंच गई है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 1,40,189 वाहन बेचे थे। अंतरराष्ट्रीय कारोबार को शामिल करने पर कुल यात्री वाहन बिक्री 2,01,723 इकाई रही है। यह पिछले साल की समान अवधि के 1,44,397 वाहनों से 40% ज्यादा है।
कंपनी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री भी लगातार बढ़ रही है। सितंबर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 67% बढ़कर 15,384 इकाई हो गई है। पिछले साल सितंबर में यह आंकड़ा इससे काफी कम था। जुलाई से सितंबर की तिमाही में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 90% बढ़कर 47,150 इकाई पहुंच गई है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 24,855 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे थे।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेश चंद्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही कंपनी के लिए अब तक की सबसे बड़ी तिमाही रही है। इस दौरान कुल 2,01,723 यात्री वाहनों की बिक्री हुई है और सालाना आधार पर 40% की वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर में भी कंपनी की बिक्री 70,000 वाहनों के पार रही है।
गौरतलब है कि इलेक्ट्रिक वाहनों ने भी तिमाही के दौरान नया बिक्री रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी के अनुसार, इस अवधि में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 47,000 से ज्यादा रही है। टाटा मोटर्स के कुल यात्री वाहन कारोबार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 23% हो गई है।
वहीं, सीएनजी से चलने वाले वाहनों की हिस्सेदारी 28% रही है। इस तरह इलेक्ट्रिक और गैस से चलने वाले वाहन मिलकर तिमाही की कुल बिक्री में 51% का योगदान दे रहे हैं। इससे कंपनी के वाहन पोर्टफोलियो में वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की बढ़ती मांग का पता चलता है।
शैलेश चंद्रा के मुताबिक, कंपनी को त्योहारी मौसम में मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। कंपनी के पास अच्छा ऑर्डर भंडार है और अलग-अलग वाहन श्रेणियों में ग्राहकों की दिलचस्पी बनी हुई है। ऐसे में आने वाले महीनों में बिक्री के आंकड़े और बेहतर होने की उम्मीद की जा रही है।
सितंबर में Gross GST Collection 14.7 फीसदी बढ़कर 2.04 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
देश में कर संग्रह के मोर्चे पर सितंबर में भी अच्छी तस्वीर सामने आई है। सकल वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी संग्रह लगातार तीसरे महीने 2 लाख करोड़ रुपये के स्तर से ऊपर रहा है। सितंबर 2026 में सरकार को जीएसटी से कुल 2.04 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। यह पिछले साल सितंबर के मुकाबले 14.7% ज्यादा है।
बता दें कि सितंबर 2025 में सकल जीएसटी संग्रह 1.77 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस साल जुलाई में जीएसटी संग्रह 2.11 लाख करोड़ रुपये था, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 2 लाख करोड़ रुपये रहा। इसके बाद सितंबर में भी संग्रह 2 लाख करोड़ रुपये से ऊपर बना रहा है। इससे कर राजस्व में लगातार मजबूती का संकेत मिल रहा है।
सितंबर में जीएसटी संग्रह की रफ्तार अगस्त के मुकाबले थोड़ी बढ़ी है। अगस्त में सालाना आधार पर संग्रह में 14.3% की वृद्धि हुई थी, जबकि सितंबर में यह बढ़कर 14.7% हो गई है। हालांकि, जुलाई में दर्ज 15.4% की वृद्धि के मुकाबले सितंबर की रफ्तार थोड़ी कम रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सितंबर के कुल जीएसटी संग्रह में आयात से मिलने वाले कर की बड़ी भूमिका रही है। आयात से प्राप्त सकल जीएसटी 25.9% बढ़कर 65,525 करोड़ रुपये पहुंच गया है। पिछले साल सितंबर में यह राशि 52,031 करोड़ रुपये थी। वहीं, घरेलू स्तर से मिलने वाला सकल जीएसटी 10.1% बढ़कर 1.38 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल इसी महीने 1.25 लाख करोड़ रुपये था।
शुद्ध जीएसटी संग्रह की तस्वीर और बेहतर रही है। सितंबर में रिफंड घटने के कारण कुल शुद्ध जीएसटी संग्रह 18.1% बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल सितंबर में यह आंकड़ा 1.50 लाख करोड़ रुपये था। घरेलू स्तर से प्राप्त शुद्ध जीएसटी 13.5% बढ़कर 1.24 लाख करोड़ रुपये रहा है। वहीं, सीमा शुल्क से जुड़े शुद्ध जीएसटी संग्रह में 30.8% की तेज बढ़ोतरी हुई है और यह 52,028 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी जारी रही है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच सकल जीएसटी संग्रह 12.46 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 11.17 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 11.6% ज्यादा है।
पहली छमाही में घरेलू सकल जीएसटी संग्रह 6.1% बढ़कर 8.74 लाख करोड़ रुपये रहा है। दूसरी ओर, आयात से मिलने वाला जीएसटी 27.1% बढ़कर 3.72 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इस अवधि में कुल शुद्ध जीएसटी संग्रह 10.4% बढ़कर 10.66 लाख करोड़ रुपये रहा है।
हालांकि, अप्रैल से सितंबर के बीच रिफंड में भी बढ़ोतरी हुई है। इस अवधि में कुल रिफंड 18.8% बढ़कर 1.80 लाख करोड़ रुपये रहा है। इसके बावजूद शुद्ध कर संग्रह में दोहरे अंक की वृद्धि बनी हुई है। लगातार 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का मासिक सकल जीएसटी संग्रह सरकार के राजस्व के लिए अहम माना जा रहा है और आने वाले महीनों में भी इन आंकड़ों पर नजर रहेगी।
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