Captain Smit Machhar के परिवार से मिले भारतीय राजदूत, UAE में शुरू हुई जांच
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि न्यायिक अधिकारियों ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हवा में हुई घटना की व्यापक जांच शुरू कर दी है। इस घटना में को-पायलट ने पायलट को चाकू मार दिया था, जो कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश थी। फ्लाइट डेक के अंदर हुई बहस के बाद बोइंग 737 विमान का रास्ता बदल दिया गया और उसे सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। MoFA के आधिकारिक बयान के अनुसार, UAE के अटॉर्नी-जनरल काउंसलर डॉ. हमद अल शम्सी ने इस गड़बड़ी के सटीक कारणों और मकसद की जांच के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन की एक विशेष टीम बनाने का निर्देश दिया है।
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मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि लागू कानून के तहत इस मामले पर UAE के न्यायिक अधिकारियों का पूरा अधिकार क्षेत्र है, क्योंकि विमान UAE में रजिस्टर्ड है और उसके राष्ट्रीय ध्वज के तहत संचालित होता है। नतीजतन, विमान में किए गए अपराधों पर UAE के कानूनी मानक लागू होते हैं, चाहे घटना के समय विमान UAE के हवाई क्षेत्र से बाहर ही क्यों न हो। बयान में कहा गया संयुक्त अरब अमीरात दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 से जुड़ी घटना पर बारीकी से नज़र रख रहा है; इस उड़ान का रास्ता बदल दिया गया था और इसे सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया था... मंत्रालय ने बताया कि जांच में घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों और मकसद की पड़ताल शामिल है, जिसमें आतंकवादी गतिविधि या इरादे से कोई संभावित संबंध और क्या इसमें कोई पूर्व योजना या निर्देश शामिल था, जैसी बातें भी शामिल हैं। UAE ने विमान की लैंडिंग और उसमें सवार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सऊदी अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया और सहयोग की सराहना की। अधिकारियों ने जनता और मीडिया से अपील की कि वे जांच जारी रहने के दौरान केवल आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें और बिना पुष्टि वाली जानकारी न फैलाएं।
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इज़राइल जाने वाली फ़्लाइट में कॉकपिट पर हुए हिंसक हमले और उसके बाद हवा में हुई डरावनी घटना के बाद भारत के मज़बूत समर्थन को दिखाते हुए, अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने एक्स पर बताया कि राजदूत दीपक मित्तल और दुबई में कॉन्सल जनरल विष्णु वर्धन रेड्डी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से मुलाक़ात की और उन्हें पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया। अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया राजदूत दीपक मित्तल और कॉन्सल जनरल डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से मुलाक़ात की और इस हीरो और उनके परिवार को भारत सरकार का पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया। भारत को कैप्टन स्मित की असाधारण बहादुरी और निस्वार्थ सेवा पर बहुत गर्व है। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद हिम्मत दिखाने के लिए कैप्टन मच्छार की तारीफ़ की थी।
flydubai विमान में कैप्टन पर चाकू से हमले की वजह अस्पष्ट, कई देश जांच में जुटे
यरुशलम, एक अक्टूबर (एपी) इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में अपने कैप्टन पर चाकू से हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट के मकसद का बृहस्पतिवार को भी पता नहीं चल सका। घटना के बाद विमान खतरनाक तरीके से नीचे आया और उसे सऊदी अरब में उतारना पड़ा। क्षेत्र के कई देशों के जांचकर्ता घटना की वजह जानने में जुटे हैं।
संयुक्त अरब अमीरात से तेल अवीव जा रहे 174 यात्रियों वाले विमान में सवार इजराइली यात्रियों ने बताया कि खून से लथपथ भारतीय कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला जिसके बाद वे अंदर गए। कॉकपिट के अंदर यात्रियों ने सह-पायलट से हाथापाई कर उसे काबू किया और विमान को स्थिर करने में मदद की। विमान इतनी तेजी से नीचे आया था कि उसका रडर भी क्षतिग्रस्त होकर अलग हो गया।
घटना के दौरान मदद करने वाले यात्रियों में शामिल आसफ राजुआन ने इजराइल के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से साझा किए गए एक नए बयान में कहा, ‘‘हम खुद को असहाय महसूस कर रहे थे, हवा में लटके हुए थे और मुझे नहीं पता था कि किस ओर रुख करूं। लेकिन यह सब जीवित रहने की सहज प्रवृत्ति थी।’’ जांच से अवगत एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध ओमान का नागरिक है और हिरासत में है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के अधिकारी इजराइल समेत कई देशों के साथ मिलकर हमले का मकसद पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
अधिकारी के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका और ओमान भी जांच में शामिल हैं। गोपनीयता की शर्त पर बात करने वाले अधिकारी ने इजराइल की जांच में भागीदारी का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद से लेकर मानसिक विकार तक सभी संभावित परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है।’’ एक अन्य क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि इजराइली खुफिया और सुरक्षा अधिकारी सऊदी अरब में सह-पायलट से पूछताछ की प्रक्रिया में शामिल होंगे। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं थी। सऊदी अरब के इजराइल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच वैकल्पिक माध्यमों से लंबे समय से सुरक्षा और खुफिया सहयोग होता रहा है।
विमान में मौजूद दंत चिकित्सक शोटा मुसायेव ने घटना का वीडियो बनाया था। वीडियो में सह-पायलट घुटनों के बल बैठा और उसके हाथ पीछे बंधे हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, सह-पायलट का नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने कहा कि उसकी जांच टीम ने घटना के मकसद और ‘‘क्या इसका किसी आतंकवादी उद्देश्य से संबंध था’’ समेत विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। सरकार ने कहा कि विमान में किए गए अपराधों पर यूएई का कानून लागू होता है। भारतीय दूतावास ने बुधवार देर रात बताया कि उड़ान के नायकों में शामिल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की हालत स्थिर बताई गई है।
सह-पायलट की हालत के बारे में तत्काल जानकारी उपलब्ध नहीं थी। यह पूछे जाने पर कि क्या घटना में ईरान की संलिप्तता का कोई संकेत है, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘फॉक्स न्यूज’ से कहा कि ‘‘यह कहना अभी जल्दबाजी होगी।’’ उन्होंने सीएनएन से कहा कि इजराइल को घटना के संबंध में कोई विशेष चेतावनी नहीं मिली थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने नेतन्याहू से फोन पर घटना को लेकर ‘‘विस्तार से’’ बात की।
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सह-पायलट ‘‘शायद आतंकवादी था या शायद मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति।’’ नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की और वह इस बात पर सहमत हुए कि इजराइल संदिग्ध से पूछताछ में शामिल होगा। नेतन्याहू ने हाल के दिनों में बढ़े हुए सुरक्षा संबंधी खतरों को लेकर चेतावनी दी थी। इजराइल में हमास के नेतृत्व में सात अक्टूबर, 2023 को हमला हुआ था जिसके बाद गाजा में युद्ध शुरू हुआ था।
इजराइली विदेश मंत्रालय ने बताया कि विमान में इजराइल, भारत और यूएई के नागरिक सवार थे। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार चार यात्रियों के पास अमेरिकी नागरिकता थी। फ्लाईदुबई ने कहा है कि इजराइल से आने-जाने वाली उसकी उड़ानें निलंबित रहेंगी।
दुबई से उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान करीब एक मिनट में 33,000 फुट से 17,000 फुट की ऊंचाई पर आ गया। इसके बाद उसने जॉर्डन की सीमा के पास अनियमित चक्कर लगाया और करीब एक घंटे बाद तबुक में उतरा।
फ्लाइटरडार24 ने विमान की पहचान बोइंग 737 मैक्स 8 के रूप में की। न्यूजीलैंड के उस उड़ान प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख फिलिप कीन ने, जहां भारतीय कैप्टन ने प्रशिक्षण लिया था, विमान के सुरक्षित उतरने को ‘‘चमत्कार’’ बताया। उन्होंने कहा कि विमान को इस तरह की तेज गिरावट के लिए कभी डिजाइन नहीं किया गया था और इसके बावजूद उसका पूरी तरह नष्ट नहीं होना असाधारण है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी अमेरिका की बोइंग कंपनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि विमान ‘‘उसकी डिजाइन क्षमता से कहीं अधिक गुरुत्व बल और दबाव’’ सहने में सक्षम रहा। विमान के लिए सुरक्षित लैंडिंग स्थल तलाशे जाने के दौरान हवाई यातायात नियंत्रण से हुई बातचीत सुनने वाले एक व्यक्ति ने नाम जाहिर न करने के अनुरोध पर बताया कि सऊदी अरब और जॉर्डन की ओर से विमान को मोड़ दिया गया था, जिसके बाद वह अंततः तबुक में उतरा। उस दौरान पृष्ठभूमि में यात्रियों की चीखें सुनाई दे रही थीं।
उस व्यक्ति के अनुसार पायलट की आवाज कांप रही थी। उसने ‘‘मेडे’’ (आपात संदेश) संदेश भेजते हुए कहा था कि विमान का अपहरण किया जा रहा है। हवाई यातायात नियंत्रण अधिकारियों ने विमान को कथित तौर पर वापस भेजे जाने का कोई कारण नहीं बताया।
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