कैसे ओमानी पायलट के हाथ में थी flydubai की कमान? UAE शुरू करेगा आतंकी साजिश की जांच
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने गुरुवार को उस घटना की जांच के आदेश दिए जिसमें दुबई से इज़राइल के तेल अवीव जा रही 'फ्लाईदुबई' (flydubai) की फ्लाइट को बुधवार को सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया था। यह जांच UAE के अटॉर्नी जनरल काउंसलर डॉ. हमद अल शम्सी के निर्देश पर शुरू की गई है। UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने एक बयान में कहा कि घटना की सभी पहलुओं से जांच करने के लिए एक टीम बनाई जाएगी, जिसमें पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के विशेषज्ञ सदस्य शामिल होंगे। इस जांच में संभावित आतंकवादी गतिविधि की संभावना भी शामिल होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि UAE के न्यायिक अधिकारियों के पास इस घटना की जांच करने का अधिकार क्षेत्र है क्योंकि फ्लाइट FZ1073 इसी देश में रजिस्टर्ड है और इस पर देश का झंडा लगा है। इसलिए, UAE का कानून विमान के अंदर किए गए अपराधों पर लागू होता है, भले ही वे UAE की सीमा के बाहर हुए हों।
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बयान में कहा गया, मंत्रालय ने बताया कि जांच में घटना से जुड़े सभी हालात और मकसद की पड़ताल शामिल है, जिसमें आतंकवादी गतिविधि या इरादे से कोई भी संभावित संबंध, और क्या इसमें पहले से कोई योजना या निर्देश शामिल था, ये बातें भी देखी जाएंगी। मंत्रालय ने कहा जांच पूरी होने और उसके नतीजे घोषित होने तक, आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी और बयानों पर भरोसा करना और अटकलों या बिना पुष्टि वाली जानकारी को फैलाने से बचना ज़रूरी है।" साथ ही, मंत्रालय ने घटना को संभालने और सहयोग के लिए सऊदी अरब के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।
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हमलावर का मकसद अभी पता नहीं चला है
बुधवार की घटना एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी, लेकिन कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी भरी कोशिश से इसे टाल दिया गया; इस दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जांच चल रही है, लेकिन इस घटना के लिए जिम्मेदार ओमान के को-पायलट के मकसद के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं है। ओमान का को-पायलट अभी भी हिरासत में है और सऊदी अधिकारी उसके मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले की जांच में इज़राइल, अमेरिका (US) और ओमान के अधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि, इज़राइली अधिकारियों की इसमें कितनी भूमिका है, यह अभी पता नहीं चला है। यहां यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि सऊदी अरब और इज़राइल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन वे सुरक्षा और खुफिया मामलों पर वैकल्पिक माध्यमों से सहयोग करते हैं। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर 'द एसोसिएटेड प्रेस' (AP) को बताया, "आतंकवाद से लेकर मानसिक विकारों तक, सभी संभावित पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया जा रहा है।
ICC ने क्रिकेट के नए नियम जारी किए:बैटर के टाइम वेस्ट करने पर 5 पेनल्टी रन, टेस्ट में पिंक बॉल का ट्रायल शुरू होगा
ICC ने गुरुवार को नए क्रिकेट नियम जारी किए हैं। इसमें अगर कोई प्लेयर बैटिंग करते वक्त टाइम वेस्ट करता है, तो दूसरी टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाएंगे। वहीं टेस्ट मैचों में पिंक बॉल का ट्रायल शुरू होगा। सभी नए नियम 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद शुरू होने वाली इंटरनेशनल सीरीज पर लागू होंगे। पहले से चल रही सीरीज पुराने नियमों के मुताबिक ही खेली जाएंगी। समय पर तैयार नहीं हुए तो बैटर को 5 रन का नुकसान अगर कोई बल्लेबाज निर्धारित समय में अगली गेंद खेलने के लिए तैयार नहीं हुआ तो पहली गलती पर चेतावनी, दूसरी पर फाइनल वार्निंग और तीसरी व हर अगली गलती पर फील्डिंग टीम को 5 पेनल्टी रन मिलेंगे। बार-बार गलती करने पर कोड ऑफ कंडक्ट के तहत भी कार्रवाई हो सकती है। टेस्ट में पिंक बॉल से ट्रायल होगा दिन के समय टेस्ट मैच में पिंक बॉल के इस्तेमाल की ट्रायल की जा सकेगी। इसका मकसद खराब रोशनी के कारण खेल रुकने से होने वाले समय के नुकसान को कम करना है। इसके लिए दोनों टीमों की टेस्ट शुरू होने से पहले सहमति जरूरी होगी। एक बार पिंक बॉल से खेलने का फैसला हो गया तो पूरे मैच में उसी गेंद का इस्तेमाल होगा। मैच शुरू होने के बाद फैसला बदलने या रेड से पिंक बॉल पर स्विच करने की अनुमति नहीं होगी। महिला और जूनियर क्रिकेट में अब अलग साइज की गेंद अब पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए गेंद के साइज और वजन की अलग-अलग सीमा तय होगी। पुरुषों की गेंद का वजन 155.9 से 163 ग्राम और साइज 22.4 से 22.9 सेमी रहेगा। महिलाओं की गेंद का वजन 140 से 151 ग्राम और साइज 21 से 22.5 सेमी होगा। वहीं अंडर-13 क्रिकेट की गेंद का वजन 133 से 144 ग्राम और साइज 20.5 से 22 सेमी रहेगा। मिसफील्ड अब हर बार ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा ओवरथ्रो की परिभाषा को स्पष्ट किया गया है। स्टंप पर गेंद पहुंचाकर रन रोकने या रन आउट करने की कोशिश को ओवरथ्रो माना जाएगा। वहीं गेंद को रोकने या दूसरे फील्डर तक पहुंचाने की कोशिश में हुई साधारण मिसफील्ड ओवरथ्रो नहीं होगी। गेंद हाथ में होना जरूरी नहीं, अंपायर तय करेंगे कब ‘सेटल्ड’ हुई अब गेंद को ‘फाइनली सेटल्ड’ मानने के लिए उसका गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा। अंपायर के पास यह तय करने की ज्यादा गुंजाइश होगी कि गेंद कब पूरी तरह से सेटल हुई। यह बदलाव खासकर मैच की आखिरी गेंद जैसे करीबी मौकों पर अहम रहेगा। गेंद छूना काफी नहीं, स्टंपिंग-रन आउट के लिए पूरा कंट्रोल जरूरी रन आउट या स्टंपिंग के समय फील्डर के पास गेंद का पूरा कंट्रोल होना जरूरी होगा। सिर्फ गेंद को हाथ से छूते हुए स्टंप गिराने पर फील्डर के पास गेंद का कब्जा नहीं माना जाएगा। आखिरी ओवर में विकेट गिरने से दिन का खेल खत्म नहीं होगा अब दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल अपने आप खत्म नहीं होगा। अगर ओवर पूरा नहीं हुआ है और मौसम व परिस्थितियां खेलने के अनुकूल हैं, तो बची हुई गेंदें उसी दिन कराई जाएंगी। ICC के मुताबिक, इन गेंदों को अगले दिन कराने से समय की बचत नहीं होती। नए नियम से फील्डिंग टीम को फायदा मिलेगा और मैच में रोमांच भी बना रहेगा। टी-20 में इंटरवल 15 मिनट का होगा टी-20 इंटरनेशनल में अब 15 मिनट का तय इंटरवल होगा। हालांकि, मैच में समय का नुकसान होने पर इसे घटाकर न्यूनतम 10 मिनट किया जा सकता है। ड्रिंक्स ब्रेक में हेड कोच मैदान पर आ सकेंगे वनडे और टी-20 में अब हेड कोच ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर आ सकेंगे। महिला क्रिकेट में ऐसा पहले से होता आ रहा है। लेग साइड वाइड का ट्रायल अब स्थायी नियम वनडे और टी-20 में लेग साइड वाइड का ट्रायल अब स्थायी नियम बन गया है। इसका मकसद उन मौकों पर गेंदबाज को कुछ गुंजाइश देना है, जब बैटर डिलीवरी से पहले या उसके दौरान अपनी पोजिशन बदलता है। वाइड तय करते समय डिलीवरी के वक्त बैटर के पैरों की स्थिति को आधार माना जाएगा, भले ही वह बाद में ऑफ साइड की ओर मूव करे। ICC ने खेल को तेज और नियमों को स्पष्ट करने के लिए बदले नियम ICC मेंस क्रिकेट कमेटी के चेयरमैन सौरव गांगुली के मुताबिक, नए बदलावों में क्रिकेट बॉल, फील्डिंग के कुछ पहलुओं में स्पष्टता और खेल की गति बढ़ाने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। ICC ने कहा कि प्लेइंग कंडीशन को आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों के हिसाब से अपडेट करते हुए नियमों की स्पष्टता और निरंतरता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
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