कैलिफोर्निया के 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट सीट पर चुनाव लड़ेंगी भारतीय अमेरिकी राखी इसरानी
नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट सीट पर चुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव में भारतीय अमेरिकी राखी इसरानी ने भी अपनी उम्मीदवारी का ऐलान किया है। इसरानी ने यह ऐलान पिछले हफ्ते ही किया है। अपनी उम्मीदवारी की घोषणा को लेकर उन्होंने कहा कि यह सबकुछ अचानक हो गया।
कैलिफोर्निया के 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट सीट के लिए चुनाव लड़ने के फैसले पर भारतीय अमेरिकी उम्मीदवार राखी इसरानी ने कहा, यह सब सच में अचानक हुआ। मुझे लगता है कि सीट खाली हो गई; यह एक ओपन सीट है। जो कांग्रेसी सीट पर थे, वे एरिक स्वालवेल हैं। यह कैलिफोर्निया का 14वां डिस्ट्रिक्ट है और वे गवर्नर के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए यह मौका आया और मुझे इसके लिए चुनाव लड़ने के लिए कहा गया और मुझे यह करने, इसमें शामिल होने, समुदाय को जगाने और लोगों को शामिल करने में बहुत खुशी हो रही है।
अपनी पहचान और पिछले हफ्ते कांग्रेस में अपनी दावेदारी की घोषणा करने को लेकर भारतीय अमेरिकी उम्मीदवार राखी इसरानी ने कहा, हमने पिछले हफ्ते अपना अभियान शुरू किया। मैं आपको अपने बारे में थोड़ा बताऊंगी। मैं चार बच्चों की मां हूं, एक वकील हूं, एक उद्यमी हूं, और एक शिक्षक हूं। मैंने अपनी जिंदगी में जो कुछ भी किया है, वह दो चीजों से प्रेरित रहा है: परिवार और सेवा।
उन्होंने आगे कहा कि हम ऐसे समय में हैं, जब जमीन पर सेवा और सेवा में गहराई से शामिल होने के बावजूद, समस्याएं हल नहीं हो रही हैं। जीवन की गुणवत्ता बिगड़ रही है। ऐसे जरूरी मुद्दे हैं, जिनकी लोगों को परवाह है, फिर भी बयानबाजी उन असलियतों को नहीं दिखाती है। भोजन की अनिश्चितता, बेघर होना या घर को लेकर नीति को प्रभावित करने पर काम करने के बाद, मेरा मानना है कि यह वह पल है और यह वह दौड़ है, जहां मैं समाज पर ज्यादा असर डाल सकती हूं।
कैलिफोर्निया के 14वें डिस्ट्रिक्ट के बारे में उन्होंने कहा, यह डिस्ट्रिक्ट बे एरिया का हिस्सा है और इसमें फ्रेमोंट, हेवर्ड, प्लेजेंटन, लिवरमोर और डबलिन शामिल हैं। इसमें लगभग 38 से 40 फीसदी लोग एशियाई हैं और देश के किसी भी कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट के मुकाबले यहां रजिस्टर्ड भारतीय वोटरों की सबसे बड़ी आबादी है। यह एक ऐसा जिला है, जहां एवरेज इनकम और घर का मालिकाना हक एवरेज से ज्यादा है, और यह इलाका बहुत पढ़ा-लिखा है। यहां के परिवार अच्छी जिंदगी जीने, खुश रहने और अपने बच्चों के लिए एक मजबूत भविष्य बनाने पर ध्यान देते हैं, जो असल में दिखाता है कि हम अपने बच्चों के लिए क्या चाहते हैं।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
जापानी रक्षा मंत्री 30 जनवरी को योकोसुका में अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष से करेंगे वार्ता
टोक्यो, 28 जनवरी (आईएएनएस)। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी 30 जनवरी को योकोसुका में अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष आह्न ग्यु-बैक के साथ अहम बैठक करेंगे। स्थानीय मीडिया ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक के दौरान कोइज़ुमी और आह्न ग्यु-बैक के बीच व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम से उत्पन्न खतरों तथा अन्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए द्विपक्षीय सहयोग पर जोर दिया जाएगा। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह बैठक जापान की मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स के योकोसुका बेस पर होगी। क्योडो न्यूज ने यह जानकारी दी है।
गौरतलब है कि मंगलवार को उत्तर कोरिया द्वारा जापान सागर की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद जापान सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इनमें से एक मिसाइल लगभग 80 किलोमीटर की ऊंचाई तक गई और करीब 350 किलोमीटर तक उड़ान भरी।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि इन मिसाइलों को मंगलवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:50 बजे प्योंगयांग के उत्तरी क्षेत्र से लॉन्च किया गया था। एक जापानी सरकारी अधिकारी के अनुसार, ये मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईज़ेड) के बाहर गिरी प्रतीत होती हैं।
जापान ने उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। जापानी प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने संबंधित सरकारी अधिकारियों को तुरंत जानकारी एकत्र करने और जहाजों व विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अब तक इस मिसाइल प्रक्षेपण से किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
इससे पहले इसी महीने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने जापान का दौरा किया था, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से मुलाकात की थी। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ली ने कहा था कि जटिल अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच कोरिया और जापान के बीच सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
ली ने दोनों देशों के बीच पिछले छह दशकों में विकसित हुए पारस्परिक लाभकारी संबंधों का जिक्र करते हुए आने वाले 60 वर्षों में रिश्तों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई। वहीं, प्रधानमंत्री ताकाइची ने क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई और राष्ट्रपति ली के दौरे को द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला बताया।
--आईएएनएस
डीएससी
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