Responsive Scrollable Menu

क्या होता है 7700 और 7500 कोड? Flydubai में जिसके बाद मचा था हड़कंप, जानिए फ्लाइट के दौरान इमरजेंसी कोड के बारे में

flydubai Explainer: आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे किसी विमान की स्थिति को समझने के लिए सिर्फ पायलट की रेडियो बातचीत ही काफी नहीं होती. विमान में लगा ट्रांसपोंडर भी एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी ATC को महत्वपूर्ण जानकारी भेजता है.

इसी ट्रांसपोंडर के जरिए कुछ खास नंबर ऐसे होते हैं, जिन्हें देखकर जमीन पर बैठे एयर ट्रैफिक कंट्रोलर तुरंत समझ सकते हैं कि विमान किसी असामान्य स्थिति में है. इन्हीं में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले कोड हैं 7500, 7600 और 7700.

30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 के मामले में विमान ने पहले 7700, फिर 7500 और बाद में दोबारा 7700 squawk किया. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित उतारा गया.

सबसे पहले समझिए क्या होता है 'Squawk'?

विमान में लगा ट्रांसपोंडर एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ विमान की पहचान और अन्य जरूरी जानकारी साझा करने में मदद करता है. पायलट ट्रांसपोंडर में एक चार अंकों का कोड सेट कर सकता है, जिसे squawk code कहा जाता है.

इन चार अंकों में सामान्य तौर पर 0 से 7 तक के अंक इस्तेमाल होते हैं. कुछ खास कोड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपात स्थिति के संकेत के तौर पर निर्धारित हैं.

ICAO के अनुसार 7500 का मतलब unlawful interference, 7600 का मतलब communication failure और 7700 का मतलब general emergency है.

यानी अगर किसी विमान के ट्रांसपोंडर पर 7700 दिखाई देता है, तो ATC को यह संकेत मिल जाता है कि विमान किसी आपात स्थिति का सामना कर रहा है.

7700 कोड का क्या मतलब है?

7700 = General Emergency

यह तीनों प्रमुख इमरजेंसी squawk codes में सबसे व्यापक है.

जब विमान में कोई गंभीर आपात स्थिति पैदा होती है और पायलट को लगता है कि ATC को तत्काल इसकी जानकारी होनी चाहिए, तो 7700 इस्तेमाल किया जा सकता है.

इसके पीछे कई तरह की परिस्थितियां हो सकती हैं, जैसे...

-इंजन में गंभीर समस्या
-आग या धुआं
-मेडिकल इमरजेंसी
-विमान के सिस्टम में बड़ी खराबी
-अचानक तकनीकी समस्या
-गंभीर मौसम संबंधी खतरा
-ईंधन से जुड़ी समस्या
-विमान को तत्काल डायवर्ट करने की जरूरत

इसका मतलब यह नहीं है कि विमान निश्चित रूप से दुर्घटनाग्रस्त होने वाला है. 7700 का अर्थ सिर्फ इतना है कि विमान आपात स्थिति में है और उसे विशेष ATC सहायता की जरूरत हो सकती है. FAA की विमानन प्रक्रिया में भी 7700 को emergency code के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.

फिर 7500 क्यों इतना गंभीर माना जाता है?

7500 = Hijacking / Unlawful Interference

7500 सबसे संवेदनशील squawk codes में से एक है. इसे विमान के हाइजैक या किसी अन्य गैर-कानूनी हस्तक्षेप (unlawful interference) की स्थिति का संकेत माना जाता है.

यानी अगर कोई विमान 7500 squawk करता है तो ATC इसे सुरक्षा से जुड़ी गंभीर स्थिति के रूप में ले सकता है. FAA की ATC guidance में भी 7500 को hijacked aircraft से संबंधित code बताया गया है.

हालांकि इसका मतलब यह भी नहीं कि हर बार 7500 दिखने पर निश्चित रूप से विमान का अपहरण ही हुआ है. वास्तविक परिस्थिति को समझने के लिए ATC रेडियो संचार, विमान की दिशा, ऊंचाई, पायलट की प्रतिक्रिया और अन्य उपलब्ध सूचनाओं को भी देखा जाता है. यही वजह है कि 7500 code दिखाई देने पर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हो जाती हैं.

7600 किसके लिए होता है?

7600 = Radio/Communication Failure

अगर विमान और ATC के बीच सामान्य रेडियो संचार में समस्या आती है तो 7600 code इस्तेमाल किया जाता है.

इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए विमान उड़ रहा है, लेकिन पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच दोतरफा रेडियो संपर्क नहीं हो पा रहा है.

ऐसी स्थिति में विमान का ट्रांसपोंडर 7600 संकेत देकर ATC को बता सकता है कि communication failure हुआ है. FAA के अनुसार रेडियो संचार क्षमता खोने वाले विमान से 7600 code की अपेक्षा की जाती है.

7700 और 7500 में क्या अंतर है?

दोनों कोड इमरजेंसी से जुड़े हैं, लेकिन इनका संदेश अलग है.

कोड     मतलब     संकेत
7500        हाईजैकिंग /गैर कानूनी हस्तक्षेप विमान की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर आशंका
7600     संचार में विफलता    पायलट और ATC के बीच रेडियो संपर्क में समस्या

7700      

General Emergency   किसी भी गंभीर सामान्य आपात स्थिति का संकेत

 

ICAO के दस्तावेजों में इन तीनों को emergency transponder codes के रूप में सूचीबद्ध किया गया है.

Flydubai में 7700 से 7500 होने पर क्यों मचा हड़कंप?

Flydubai FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी. उड़ान के दौरान विमान में गंभीर घटना हुई और फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान ने पहले 7700 squawk किया. इसके बाद विमान ने 7500 code प्रसारित किया.

7500 का अर्थ unlawful interference/hijacking से जुड़ा होने के कारण यह संकेत बेहद गंभीर था. विमान उस समय सऊदी अरब के ऊपर था और बाद में उसकी दिशा तबूक की ओर मोड़ दी गई. Flightradar24 के अनुसार विमान ने बाद में फिर 7700 squawk किया.

इसी दौरान रिपोर्टों के मुताबिक विमान में पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई थी. Reuters के अनुसार सह-पायलट पर कप्तान पर हमला करने और विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप लगा. यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कॉकपिट तक पहुंचकर हस्तक्षेप किया और बाद में विमान सुरक्षित रूप से तबूक में उतरा.

इसलिए 7500 का संकेत उस समय सामने आना विमान की वास्तविक स्थिति को देखते हुए विशेष रूप से महत्वपूर्ण था.

क्या यात्री कॉकपिट से 7500 या 7700 देख सकते हैं?

आम यात्रियों को विमान के ट्रांसपोंडर की स्क्रीन या ATC सिस्टम पर ये codes दिखाई नहीं देते. ये मुख्य रूप से विमान के सिस्टम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच इस्तेमाल होने वाले संकेत हैं.

हालांकि आजकल Flightradar24 जैसे flight-tracking platforms पर कई विमानों का डेटा सार्वजनिक रूप से दिखाई देता है. इसलिए विमान के squawk code में बदलाव को आम लोग भी ट्रैक कर सकते हैं.

Flydubai मामले में भी flight-tracking data के जरिए 7700 और 7500 के बदलाव सामने आए.

क्या पायलट गलती से 7500 या 7700 दबा सकता है?

तकनीकी तौर पर गलत code चुनना संभव है. FAA के दिशा-निर्देश भी पायलटों को चेतावनी देते हैं कि सामान्य code बदलते समय अनजाने में 7500, 7600 या 7700 चुनने से automated ground systems में false alarms पैदा हो सकते हैं.

इसलिए सिर्फ किसी tracking website पर एक code दिखाई देने के आधार पर पूरी घटना का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता. ATC और विमान के वास्तविक operational data से स्थिति की पुष्टि की जाती है.

क्या 7700 का मतलब विमान क्रैश होने वाला है?

नहीं. यह एक आम गलतफहमी है कि 7700 का मतलब विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने वाला है. वास्तव में यह सामान्य इमरजेंसी का संकेत है.

उदाहरण के लिए किसी विमान में इंजन की गंभीर समस्या आ सकती है, लेकिन पायलट तुरंत विमान को सुरक्षित एयरपोर्ट पर उतार सकता है. इसी तरह मेडिकल इमरजेंसी या किसी अन्य तकनीकी समस्या में भी 7700 इस्तेमाल हो सकता है.

इसका उद्देश्य ATC को जल्दी से यह बताना है कि विमान को प्राथमिकता और सहायता की आवश्यकता हो सकती है.

7500 दिखे तो क्या होता है?

7500 को सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकेत माना जाता है. ATC ऐसी स्थिति में विमान की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देता है और संबंधित सुरक्षा प्रक्रियाएं सक्रिय की जा सकती हैं.

हालांकि जमीन पर क्या कदम उठाए जाएंगे, यह देश, एयरस्पेस, परिस्थिति और उपलब्ध जानकारी पर निर्भर करता है. यही कारण है कि 7500 को सामान्य emergency code की तुलना में अलग स्तर की सुरक्षा चेतावनी माना जाता है.

आखिर क्यों जरूरी हैं ये तीन कोड?

विमानन में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. आपात स्थिति में पायलट के पास लंबी बातचीत करने का समय हमेशा नहीं होता. ऐसे में चार अंकों का एक निर्धारित code ATC को कुछ ही सेकंड में महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है.

7500 - सुरक्षा/हाइजैकिंग से जुड़ी स्थिति

7600 - रेडियो संचार में समस्या

7700 - सामान्य आपात स्थिति

इन codes की मदद से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को विमान की स्थिति समझने और आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू करने में मदद मिलती है.

Flydubai FZ1073 की घटना ने यह भी दिखाया कि ये छोटे-से दिखने वाले चार अंक कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं. उस मामले में 7700 और 7500 के बीच बदलाव ने विमान की स्थिति को लेकर तत्काल चिंता पैदा की, जबकि विमान अंततः सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतरा.

इसलिए अगली बार अगर किसी फ्लाइट के बारे में खबर आए कि उसने “Squawk 7700” या “Squawk 7500” किया है, तो इसका मतलब समझना आसान होगा. 7700 किसी सामान्य गंभीर आपात स्थिति का संकेत है, जबकि 7500 विमान में संभावित unlawful interference या hijacking की चेतावनी से जुड़ा code है.

यह भी पढ़ें - 

Continue reading on the app

शाहजहांपुर में मंदिर के अंदर 2 साधुओं की हत्या, फिर शवों को जलाया; धुआं उठने पर मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश में मंदिरों से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है. शाहजहांपुर में मंदिर परिसर में सो रहे दो साधुओं की हत्या कर दी गई. इसके बाद उनके शवों को जलाए जाने की बात सामने आई है. वहीं एटा में एक मंदिर के पुजारी का शव मंदिर के बाहर मिला है. दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या

शाहजहांपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में मंदिर परिसर के अंदर दो साधुओं की हत्या का मामला सामने आया है. मृतकों की पहचान गोपाल दास और बिहारी दास के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि दोनों साधु रात में अपने-अपने स्थान पर सो रहे थे. सुबह उनके जले हुए शव बिस्तर पर मिले. घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए.

मंदिर की संपत्ति को लेकर विवाद की आशंका

पुलिस ने मामले में एक स्थानीय ग्रामीण को हिरासत में लिया है. शुरुआती जानकारी में मंदिर की संपत्ति को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है. हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मामले की जांच की जा रही है.

एटा में मंदिर के पुजारी की हत्या

दूसरी घटना एटा जिले के निधौली कलां थाना क्षेत्र के लालपुर गांव की है. यहां मंदिर के पुजारी भोजराज का शव मंदिर के बाहर मिला. शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में भीड़ जुट गई और घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई. पुलिस के अनुसार, पुजारी के सिर और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं. शुरुआती तौर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है.

ये भी पढ़ें: राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस : जेपी नड्डा समेत भाजपा नेताओं ने रक्तदाताओं के अमूल्य योगदान को सराहा

कई सालों से मंदिर में रह रहे थे पुजारी

बताया जा रहा है कि भोजराज लंबे समय से मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करते थे. उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश है. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया.

डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

मामले की जांच के लिए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया. टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है. पुजारी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है.

दोनों मामलों में जांच जारी

शाहजहांपुर और एटा की घटनाएं अलग-अलग हैं और दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है. शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या के मामले में एक ग्रामीण को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि एटा में पुलिस अज्ञात हमलावरों का पता लगाने में जुटी है. फिलहाल दोनों घटनाओं में हत्या की पूरी वजह और वारदात में शामिल लोगों को लेकर पुलिस की जांच का इंतजार है.

ये भी पढ़ें: 'हमें गौरव से भर देता है कैप्टन स्मित मच्छार का पराक्रम', UPSC के शताब्दी समारोह में बोले PM मोदी

Continue reading on the app

  Sports

1300 रुपये महीना कमा पाते थे पिता, मिठाई लिपटी अखबार से बदली लवलीना बोरगोहेन की जिंदगी, आज एशियन गेम्स में जीता गोल्ड

एशियन गेम्स 2026: लवलीना बोरगोहेन ने भारत को 12 साल महिला बॉक्सिंग में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल दिलाया है. लवलीना से पहले मशहूर मुक्केबाज एमसी मेरीकॉम ने 2014 इंचियोन एशियाड में स्वर्ण पदक जीता था. आपको जानकर हैरानी होगी कि लवलीना ने अपने जन्मदिन के मौके पर फाइनल बाउट जीतने से साथ मौजूदा एशियाई खेलों में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 12 करवा दी. Fri, 2 Oct 2026 11:27:44 +0530

  Videos
See all

Mathura News: Rasik Dulari का सामने आया नया Video, क्या है सच ? | Premanand Maharaj #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T06:08:32+00:00

Mohan Bhagwat LIVE: RSS Chief मोहन भागवत 'विहार सेवा ग्रुप' सम्मेलन में | Vihar Seva Group | RSS #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T06:17:25+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers