रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया, जिनकी आज सुबह बारामती के पास एक चार्टर विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए सिंह ने लिखा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार के असामयिक निधन के बारे में जानकर मुझे गहरा सदमा और पीड़ा हुई है। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में वे महाराष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिए समर्पित रहे। वे जनता के प्रति अपनी करुणा और सार्वजनिक सेवा के प्रति अटूट समर्पण के लिए जाने जाते थे। मैं उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजीत पवार और उनके सहयात्रियों की उस समय मौत हो गई जब वे जिस चार्टर्ड विमान में यात्रा कर रहे थे, वह बारामती हवाई अड्डे के लैंडिंग रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में विमान आग की लपटों में घिरा हुआ और धुआं निकलता दिखाई दे रहा था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया और गहन जांच की मांग की। एक्स पर एक पोस्ट में बनर्जी ने कहा कि अजित पवार के अचानक निधन से मैं बहुत दुखी और स्तब्ध हूं! महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके सहयात्रियों की आज सुबह बारामती में एक भीषण विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई है, और मुझे गहरा दुख हुआ है। उनके परिवार, उनके चाचा शरद पवार जी सहित, और दिवंगत अजीत जी के सभी मित्रों और अनुयायियों के प्रति मेरी संवेदनाएं। इस घटना की उचित जांच होनी चाहिए। सभी दलों के नेताओं ने इस दिल दहला देने वाली खबर पर गहरा सदमा व्यक्त किया और बारामती के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने अजीत पवार के दुखद निधन की खबर पर शोक व्यक्त करते हुए कहा यह बहुत दुखद खबर है।
सावंत ने आगे कहा कि पवार परिवार इस खबर से स्तब्ध है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने कहा मैंने हमेशा उनकी बात मानी। वे एक साहसी व्यक्ति थे। बारामती क्षेत्र के विकास में उनकी बड़ी भूमिका थी। मैं पूरे पवार परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। अधिकांश सांसद आज से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए राजधानी में थे। एनसीपी सांसद प्रफुल पटेल, शरद पवार की एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा बारामती के लिए रवाना हो रहे थे।
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पहले शी जिनपिंग पर हमले की खबर आती है। फिर चीन का भारत के लिए बड़ा संदेश आता है। इन सब के बीच मोदी की एंट्री से दुनिया में बवाल ही मच गया। 26 जनवरी जब भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा था। पूरा देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था। इतिहास के पन्नों को पलटते हुए जब देश के वीर सपूतों को याद किया जा रहा था। जब कर्तव्य पथ पर खूबसूरत और गर्व महसूस कराने वाली झांकियां निकल रही थी। उस वक्त पड़ोसी देश चीन से भी एक संदेश आया। संदेश भारत चीन की दोस्ती को लेकर और सकारात्मक रूप से रिश्तों को मजबूत करने को लेकर था। भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर चीन की तरफ से कहा गया कि भारत और चीन सिर्फ अच्छे पड़ोसी ही नहीं बल्कि दोस्त और साझेदार भी हैं। भारत और चीन के रिश्ते वक्त के अनुसार बदलते रहे हैं। आखिरकार सारे देशों का मकसद अच्छा बिजनेस करना ही तो है।
ऐसे में जबजब चीन को भारत की जरूरत होती है तब-तब वो सकारात्मक संदेश भेजता है। जब-जब भारत को जरूरत होती है, तब-तब हम भी विकल्प तलाशते हैं। अमेरिका की तरफ से टेरिफ लगाए जाने के बाद भारत के सामान के लिए चीन ने ही अपने बाजारों का विकल्प भारत के सामने पेश किया था। कई मुद्दों पर एक दूसरे का विरोध करने वाले भारत और चीन अब फिर से एक बार साथ हैं और इसकी पहल भी चीन की तरफ से की गई है। चीन ने माना भारत की ताकत का लोहा। चीन की सरकारी एजेंसी की तरफ से कहा गया है कि भारत और चीन जैसे बड़े-बड़े देशों के बीच आपसी सहयोग से वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है और दुनिया को आगे बढ़ाने का रास्ता मजबूत होता है। यह बातें ऐसे वक्त में चीन की तरफ से कही गई है जब शी जिनपिंग ने बाकायदा भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं भी दी थी।
जिनपिंग ने कहा चीन की हमेशा से यही सोच रही है कि भारत और चीन का अच्छे पड़ोसी दोस्त और साझेदार बनकर चलना ही दोनों देशों के हित में है। भारत और चीन का रिश्ता ऐसा होना चाहिए जैसे ड्रैगन और हाथी साथ-साथ नाच रहे हो। यानी दोनों मिलकर आगे बढ़े। आने वाले दिनों में अगर दोनों देश एक दूसरे की चिंताओं को समझकर उनका समाधान करें तो भारत चीन रिश्ते और ज्यादा मजबूत संतुलित और स्थिर बन सकते हैं। अब भले ही 2020 में एलएसी पर झड़प के बाद भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ा हो लेकिन अब चीन भारत के साथ अपने रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रहा है। आपको बता दें अभी कुछ वक्त पहले ही चीन से खबर यह भी आई थी कि चीन की सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी जनरल झांग यूषा और ल्यू जेनली ने चीन में तख्ता पलट कराने की कोशिश की थी। खबर तो शी जिनपिंग को जान से मारने की साजिश को लेकर भी थी। लेकिन इन सबके बीच जिनपिंग ऐसे अधिकारियों पर सख्त कारवाई कर रही है जो देशद्रोह जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए और दूसरी तरफ मोदी सरकार के साथ दोस्ताना हाथ बढ़ाकर मीठे-मीठे बयान देकर यह भी साबित करने की कोशिश श्री जिनपिंग कर रहे हैं कि भारत और चीन के बीच ऑल इज वेल है।
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