जरूरत की खबर- ज्यादा गर्म चाय का शौक खतरनाक:65°C से ज्यादा गर्म तो कैंसर का रिस्क; चाय, कॉफी, सूप हमेशा ठंडा करके पिएं
"चाय कड़क और गर्म होनी चाहिए।" आपने अक्सर लोगों को यह कहते हुए सुना होगा। हमारे यहां अच्छी चाय की पहचान सिर्फ उसके स्वाद से नहीं, उसकी गर्माहट से भी होती है। मेहमान के सामने चाय रख दी जाए और वह थोड़ी ठंडी निकल जाए, तो कई लोग इसे मेजबानी की कमी मान लेते हैं। लेकिन जिस गर्माहट को हम स्वाद, ताजगी और सुकून से जोड़ते हैं, वही शरीर के लिए परेशानी की वजह भी बन सकती है। हाल ही में ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर’ में एक स्टडी पब्लिश हुई। यह स्टडी करीब 10 लाख लोगों पर की गई। इसमें पाया गया कि 65°C से ज्यादा तापमान वाली चाय या कॉफी पीने वालों में इसोफेगल कैंसर (फूड पाइप के एक प्रकार) का रिस्क बढ़ सकता है। स्टडी में यह भी सामने आया कि जो लोग रोज 6 या उससे ज्यादा कप गर्म पेय पीते हैं, उनमें इस कैंसर का रिस्क 71% अधिक हो सकता है। इसलिए आज 'जरूरत की खबर' में बहुत गर्म चाय पीने के नुकसान पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. अदिति मित्तल, सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- बहुत ज्यादा गर्म चाय पीना रिस्की क्यों है? जवाब- बहुत गर्म चाय पीना लंबे समय में गंभीर हेल्थ रिस्क पैदा कर सकता है। जब हम बहुत गर्म (आमतौर पर 65°C से ऊपर) चाय पीते हैं, तो- सवाल- टेंपरेचर की सेफ लिमिट 65°C ही क्यों तय की गई है? जवाब- शरीर के टिश्यू (खासकर मुंह और गले की लाइनिंग) हीट को एक सीमा तक ही सहन कर पाते हैं। आमतौर पर 60°C तक की गर्मी को ये टिश्यू कुछ समय के लिए झेल सकते हैं। लेकिन जैसे ही तापमान 65°C या उससे ज्यादा होता है तो डैमेज शुरू होने लगता है। इस स्तर पर- सवाल- गर्म चाय शरीर में जाकर क्या करती है? जवाब- पॉइंटर्स से इसका पूरा प्रोसेस समझते हैं- मुंह और गला फूड पाइप पेट सवाल- अगर 65°C से ज्यादा गर्म चाय पी जाए तो इससे क्या-क्या हेल्थ रिस्क हो सकता है? जवाब- बहुत ज्यादा गर्म (65°C से ऊपर) चाय पीना धीरे-धीरे गले और फूड पाइप को नुकसान पहुंचाकर गंभीर हेल्थ रिस्क बढ़ा सकता है। ग्राफिक में सभी हेल्थ रिस्क देखिए- विस्तार से समझते हैं- 1. गले और फूड पाइप को नुकसान बहुत गर्म चाय गले और फूड पाइप की अंदरूनी परत को बार-बार नुकसान पहुंचा सकती है। इसके कारण ये दिक्कतें हो सकती हैं- 2. बार-बार गला खराब होना गर्म चाय से गले में बार-बार इरिटेशन हो सकता है। इसके कारण ये समस्याएं हो सकती हैं- 3. मुंह और जीभ जलना बहुत गर्म चाय का सबसे तत्काल असर मुंह में दिख सकता है। इसके कारण ये दिक्कतें हो सकती हैं– 4. एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन बहुत गर्म पेय कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकते हैं। इसके कारण ये दिक्कतें हो सकती हैं- 5. क्रॉनिक इंफ्लेमेशन बार-बार बहुत गर्म पेय पीने से फूड पाइप में लगातार हल्की सूजन बनी रह सकती है। लंबे समय तक बनी रहने वाली यही सूजन आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है, जैसेकि- सवाल- इसोफेगल कैंसर क्या होता है? ज्यादा गर्म चाय पीने से इसका रिस्क कैसे बढ़ता है? जवाब- इसोफेगल कैंसर फूड पाइप का कैंसर है। जब इस पाइप की अंदरूनी परत (लाइनिंग) की सेल्स असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं और कंट्रोल से बाहर हो जाती हैं तो कैंसर बन जाता है। पॉइंटर्स में इसके रिस्क को समझते हैं- सवाल- गर्म चाय से होने वाले नुकसान का रिस्क किसे ज्यादा होता है? जवाब- जो लोग बार-बार बहुत गर्मचाय पीते हैं और जिनकी फूड पाइप पहले से कमजोर है, उनमें ये रिस्क सबसे ज्यादा होता है। डिटेल ग्राफिक में देखिए- सवाल- सिर्फ गर्म चाय से ही नुकसान होता है या कोई भी गर्म ड्रिंक (दूध, कॉफी) 65°C से ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए? जवाब- नहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, कोई भी गर्म ड्रिंक अगर 65°C से ज्यादा तापमान पर लिया जाए तो रिस्क बढ़ जाता है। चाहे वह दूध, कॉफी, सूप या कोई भी हॉट बेवरेज हो। सवाल- कितनी गर्मचाय पीनी चाहिए? जवाब- इतनी गर्मकि आराम से सिप ली जा सके, मुंह न जले। इसका तापमान 60–65°C से कम होना चाहिए। सवाल- कैसे पता चलेगा कि चाय बहुत ज्यादा गर्म है? जवाब- बहुत ज्यादा गर्म चाय को पहचानना आसान है। इसके लिए शरीर खुद संकेत देता है। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए- सवाल- चाय पीने का सही तरीका क्या है? जवाब- चाय धीरे-धीरे, हल्की ठंडी करके और सीमित मात्रा में पीना ही सही तरीका है। ग्राफिक में देखिए- चाय से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब सवाल- खाली पेट चाय पीना सही है? जवाब- नहीं, चाय में मौजूद कैफीन और टैनिन पेट में एसिड बढ़ाते हैं। इससे जलन, मतली और एसिडिटी हो सकती है। सवाल- दिन में कितनी बार चाय पीना सेफ है? जवाब- 2–3 कप/दिन संतुलित मात्रा है। इससे ज्यादा लेने पर कैफीन ओवरलोड (बेचैनी, नींद की दिक्कत) हो सकता है। सवाल- बहुत ज्यादा चाय पीने से हार्ट रेट या ब्लड प्रेशर पर असर पड़ता है? जवाब- हां, कैफीन नर्वस सिस्टम को स्टिम्युलेट करता है। इससे हार्ट रेट बढ़ सकता है और सेंसिटिव लोगों में BP भी बढ़ सकता है। सवाल- क्या चाय पीने से नींद पर असर पड़ता है? जवाब- हां, कैफीन एडेनोसिन (नींद को कंट्रोल करने वाला केमिकल) को ब्लॉक करता है। इससे नींद लेट आती है या हल्की हो जाती है। सवाल- क्या चाय के साथ बिस्किट/नमकीन खाने से रिस्क बढ़ता है? जवाब- हां, नमकीन में ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड तत्व म्यूकोसल डैमेज को बढ़ा सकते हैं। वहीं, मीठे बिस्किट में मौजूद शुगर और मैदा इंफ्लेमेशन बढ़ा सकते हैं। अगर यह आदत दिन में कई बार दोहराई जाए, तो गर्म चाय का एक्सपोजर और प्रोसेस्ड फूड, दोनों मिलकर रिस्क बढ़ा देते हैं। सवाल- क्या चाय के प्रकार (ग्रीन/ब्लैक/दूध वाली) से फर्क पड़ता है? जवाब- नहीं, हाई टेम्परेचर पर तीनों ही हानिकारक हो सकती हैं। सवाल- क्या चाय को बार-बार गर्मकरना सही है? जवाब- नहीं, बार–बार उबालने से चाय में टैनिन और कड़वे कंपाउंड्स बढ़ जाते हैं। सवाल- अगर कोई आज से बहुत गर्म चाय पीना बंद कर दे, तो क्या डैमेज रिवर्स हो सकता है? जवाब- अगर डैमेज शुरुआती है (हल्की जलन/माइक्रो-इंजरी), तो फूड पाइप खुद को काफी हद तक ठीक कर सकता है। ********************* ग्राफिक्स– विपुल शर्मा …………………………. ये खबर भी पढ़ें…. जरूरत की खबर- सिगरेट के एक कश में 7000 टॉक्सिन्स:‘वर्ल्ड लंग्स डे’ पर देखें, हेल्दी और स्मोकर्स लंग्स का फर्क, हेल्दी रखने के 15 टिप्स हमारे फेफड़े हर दिन करीब 20 हजार बार सांस लेकर शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाते हैं। यही ऑक्सीजन हमें चलने, दौड़ने, सोचने और जिंदा रहने की ताकत देती है। लेकिन सिगरेट का हरेक कश इन फेफड़ों पर नया हमला करता है। इसका असर तुरंत तो नजर नहीं आता, लेकिन सिगरेट धीरे-धीरे फेफड़ों की क्षमता को कम करती है। पूरी खबर पढ़ें…
साइबर लिटरेसी- स्कॉलरशिप के नाम पर स्कैम:छात्र और पेरेंट्स सावधान! पहचानें सही और फर्जी ऑफर का फर्क, आवेदन से जुड़ी 17 सावधानियां
हर साल हजारों छात्र इंटरनेशनल स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करते हैं। इससे उन्हें फीस, आवास और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों के लिए आर्थिक मदद मिलती है। लेकिन अब साइबर अपराधियों की नजर इस पर भी पड़ चुकी है। ठग छात्रों को निशाना बना रहे हैं। वे नकली वेबसाइट, ईमेल और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए छात्रों को फर्जी स्कॉलरशिप का ऑफर दे रहे हैं। वे छात्रों को स्कॉलरशिप का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे ऐंठ रहे हैं। इतना ही नहीं, ठग छात्रों के पासपोर्ट, बैंक डिटेल्स और दूसरे डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके कई तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं। पिछले दिनों गृह मंत्रालय और ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) ने इस स्कैम को लेकर चेतावनी दी है। इसलिए आज ‘साइबर लिटरेसी’ में ‘इंटरनेशनल स्कॉलरशिप स्कैम’ के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- ‘स्कॉलरशिप स्कैम’ क्या है? जवाब- यह एक साइबर फ्रॉड है, जिसमें ठग फर्जी स्कॉलरशिप का झांसा देकर स्टूडेंट्स और गार्जियंस को निशाना बनाते हैं। इसका मकसद लोगों से पैसे उगाहना और पर्सनल व बैंकिंग डिटेल्स जैसी संवेदनशील जानकारी चुराना है। सवाल- साइबर ठग स्टूडेंट्स को इस स्कैम में कैसे फंसाते हैं? जवाब- ठग फर्जी स्कॉलरशिप के विज्ञापन, ईमेल, मैसेज और वेबसाइट के जरिए छात्रों से संपर्क करते हैं। इसके बाद वे रजिस्ट्रेशन फीस, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग फीस जैसे बहानों से पैसे ऐंठते हैं। स्कैम का पूरा खेल ग्राफिक से समझिए- सवाल- ठग किन स्टूडेंट्स को निशाना बनाते हैं? जवाब- ठग आमतौर पर उन स्टूडेंट्स को निशाना बनाते हैं, जो विदेश में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप की तलाश में हैं। वे खासकर ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन और रिसर्च प्रोग्राम के लिए स्कॉलरशिप खोज रहे स्टूडेंट्स को फर्जी ऑफर भेजते हैं। सवाल- फर्जी स्कॉलरशिप आवेदन के क्या संभावित रिस्क हैं? जवाब- इसमें आर्थिक नुकसान के साथ–साथ स्टूडेंट की पर्सनल डिटेल्स गलत हाथों में चली जाती है। ठग इसका इस्तेमाल बैंकिंग फ्रॉड या अन्य साइबर अपराधों के लिए कर सकते हैं। सभी रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- स्कैमर्स किन बहानों से पैसे मांगते हैं? जवाब- ठग स्टूडेंट्स को ये भरोसा दिलाते हैं कि स्कॉलरशिप प्रक्रिया पूरी करने के लिए फीस जमा करना जरूरी है। वे अलग-अलग बहानों से पैसे मांगते हैं, ताकि स्टूडेंट्स बिना ज्यादा जांच-पड़ताल के रकम ट्रांसफर कर दें, जैसेकि- सवाल- असली और फर्जी स्कॉलरशिप का फर्क कैसे समझें? जवाब- इनके बीच कुछ स्पष्ट अंतर होते हैं, लेकिन जल्दबाजी में स्टूडेंट्स अक्सर इन पर ध्यान नहीं देते। दोनों का अंतर ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या असली स्कॉलरशिप के लिए कोई फीस लगती है? जवाब- ज्यादातर स्कॉलरशिप में कोई प्रोसेसिंग और वेरिफिकेशन फीस नहीं ली जाती है। हालांकि कुछ संस्थानों में आवेदन शुल्क हो सकता है, लेकिन इसकी जानकारी हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से दी जाती है। अगर स्कॉलरशिप दिलाने के नाम पर बार-बार पैसे मांगे जाएं, तो सतर्क हो जाना चाहिए। सवाल- स्कॉलरशिप आवेदन करते समय स्टूडेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- स्कॉलरशिप की जानकारी हमेशा यूनिवर्सिटी, सरकारी विभाग या संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट से ही चेक करनी चाहिए। सभी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- स्कॉलरशिप आवेदन करते समय कौन-से संकेत दिखें तो सतर्क हो जाएं? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या एजेंट के जरिए आवेदन करना सुरक्षित है? जवाब- साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर राहुल मिश्रा के मुताबिक, रजिस्टर्ड और भरोसेमंद एजेंट के जरिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन बिना जांच-पड़ताल के बैंक डिटेल्स, OTP, पासवर्ड या ओरिजिनल डॉक्यूमेंट न दें। अगर कोई एजेंट स्कॉलरशिप दिलाने की गारंटी दे या पहले पैसे मांगे, तो सतर्क हो जाएं। सवाल- अगर स्कॉलरशिप स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में बिना देर किए कुछ जरूरी कदम उठाएं- ध्यान रखें, जितनी जल्दी कार्रवाई करेंगे, नुकसान का रिस्क उतना ही कम होगा। सवाल- स्कॉलरशिप स्कैम की शिकायत कहां करें? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- *************** ग्राफिक्स- अजीत सिंह ………………….. ये खबर भी पढ़ें साइबर लिटरेसी- गूगल रिव्यू के नाम पर स्कैम: युवक के 7 लाख ठगे, घर बैठे कमाई के झांसे में न आएं, जानें स्कैम से कैसे बचें? पिछले दिनों भोपाल के एक 29 साल के युवक के साथ ठगी की वारदात हुई। स्कैमर्स ने ‘गूगल रिव्यू’ से कमाई के नाम पर उससे कई लाख ठग लिए। ठगों ने पहले टेलीग्राम पर संपर्क किया और गूगल रिव्यू देने के बदले पैसे कमाने का ऑफर दिया। ये खबर भी पढ़ें…
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