सरकार गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध: Chief Minister Sai
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गौमाता पर बनी पहली फिल्म- गोदान का ‘ट्रेलर लॉन्च’ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। गौमाता ना सिर्फ आध्यात्मिक रूप से पूजनीय हैं बल्कि गाय का आर्थिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है। साय ने फिल्म- गोदान को छत्तीसगढ़ में कर मुक्त किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा, छत्तीसगढ़ में गौ संवर्धन के लिए बहुत कार्य हो रहा है। गौशाला में गायों के चारे के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 35 रुपए किया गया है साथ ही गौशाला को अब 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गोधाम भी बनाए जा रहे हैं जहां घुमंतू गौवंश की उचित देखभाल की जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, ‘‘ मान्यता है कि गौमाता में 33 कोटि देवी- देवताओं का वास रहता है। हर अनुष्ठान से पहले पंचगव्य का उपयोग किया जाता है। ये बहुत खुशी की बात है कि गौमाता पर केंद्रित पहली फिल्म- गोदान का आज ट्रेलर लॉन्च किया जा रहा है।
इस फिल्म के माध्यम से सभी को गौमाता के महत्व को और बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। मैं इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।’’ यह फिल्म छह फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
Arunachal Pradesh के मोरान समुदाय के लोगों को असम में नौकरी के लिए पंजीकरण करने की अनुमति: हिमंत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश में रहने वाले मोरान समुदाय के लोगों का तिनसुकिया जिले के रोजगार कार्यालय में पंजीकरण कराने को मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि इससे समुदाय से संबंधित लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया, ‘‘राज्य मंत्रिमंडल ने असम की सीमा से लगते अरुणाचल प्रदेश में रहने वाले मोरान समुदाय के उन व्यक्तियों के पंजीकरण की अनुमति दे दी है, जिनके पास असम सरकार द्वारा जारी वैध स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) प्रमाण पत्र हैं। उन्हें तिनसुकिया जिले के रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत किया जा सकता है।’’
शर्मा ने कहा कि पंजीकरण से उन्हें सरकारी भर्ती और रोजगार संबंधी पहलों में भाग लेने में मदद मिलेगी, जिससे असम में औपचारिक रोजगार माध्यमों तक उनकी पहुंच में सुधार होगा।
इसके अलावा, असम मंत्रिमंडल ने चुटिया समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अगले पांच संयुक्त प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ओबीसी आरक्षण के तहत राज्य सिविल एवं पुलिस सेवाओं की भर्ती में एक-एक पद के आरक्षण को भी मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने 27 परियोजनाओं के लिए नाबार्ड से 200.36 करोड़ रुपये का ऋण लेने को भी हरी झंडी दे दी है।
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