भारत, यूरोपीय संघ दुनिया को मजबूत संकेत दे रहे: Ursula von der Leyen
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता दुनिया को एक मजबूत संकेत देता है। उन्होंने कहा कि कि एफटीए पर बातचीत का निष्कर्ष भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी में एक निर्णायक क्षण है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल शुरुआत है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित भोज में दिए भाषण में लायन ने कहा, यह समझौता यूरोप और भारत के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी की नींव रखता है। ऐसे समय में हम दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि भारत और यूरोप संवाद, सहयोग और साझेदारी का रास्ता चुन रहे हैं।
भारत और ईयू ने मंगलवार को एफटीए वार्ता पूरी होने की घोषणा की, जिसके इसी वर्ष लागू होने की संभावना है। इसके तहत यूरोपीय संघ में भारत के 90 प्रतिशत से अधिक उत्पादों को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि 27 देशों वाले ईयू के करीब 93 प्रतिशत उत्पादों को भारत में शुल्क में रियायत दी जाएगी।
फॉन डेर लायन ने कहा कि यह समझौता दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी व्यापारिक सीमा खोलने जैसा है, जिससे लगभग दो अरब लोगों का विशाल बाजार जुड़ेगा। उन्होंने कहा, यह सिर्फ व्यापार नहीं है। इसका मतलब है ज्यादा और बेहतर नौकरियां, मजबूत दोस्ती, अधिक संपर्क, कारोबार के लिए नए अवसर और दूसरे देशों पर निर्भरता में कमी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और यूरोप रणनीतिक स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं और इसी दिशा में दोनों पक्षों ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी भी शुरू की है, ताकि भारत और यूरोप के हितों की रक्षा हो सके और क्षेत्र में स्थिरता आए। फॉन डेर लायन ने कहा कि दोनों मिलकर महाद्वीपों के बीच एक नई सुनहरी राह बना सकते हैं, जो भारत और दुनिया के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का रास्ता खोलेगी।
RBI एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को कहा कि वह बैंकों में नकदी डालने के लिए एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां खरीदेगा और 10 अरब डॉलर की डॉलर-रुपया अदला-बदली नीलामी आयोजित करेगा।
आरबीआई ने एक बयान में कहा कि वह 29 जनवरी और पांच फरवरी को दो किस्तों (प्रत्येक 50,000 करोड़ रुपये) में कुल 1,00,000 करोड़ रुपये की केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों की ओएमओ (खुले बाजार का परिचालन) खरीद नीलामी आयोजित करेगा।
इससे पहले, केंद्रीय बैंक ने घोषणा की थी कि ये नीलामी पांच फरवरी और 12 फरवरी को आयोजित की जाएगी। एक दूसरे बयान में केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह चार फरवरी को तीन साल की अवधि के लिए 10 अरब डॉलर की अमेरिकी डॉलर-रुपया खरीद/बिक्री स्वैप नीलामी आयोजित करेगा।
यह स्वैप रिजर्व बैंक की ओर से एक साधारण विदेशी मुद्रा खरीद/बिक्री के रूप में होगा। इसके तहत, एक बैंक रिजर्व बैंक को अमेरिकी डॉलर बेचेगा और साथ ही स्वैप अवधि के अंत में उतनी ही राशि के अमेरिकी डॉलर वापस खरीदने के लिए सहमत होगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi





















